सांगठनिक बदलाव के बावजूद नहीं सुधरे हालात, गुटबाज़ी कांग्रेस की सबसे बड़ी चुनौती

सांगठनिक बदलाव के बाद मध्य प्रदेश के कांग्रेसी नेताओं द्वारा दावा किया जा रहा था कि अब मध्य प्रदेश कांग्रेस

Read more

नर्मदा परिक्रमा से बदली दिग्गी की सियासी छवि

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की 6 महीने की निजी और धार्मिक यात्रा

Read more

दिग्विजय सिंह ने फिर उठाई आवाज, कहा अब न्यू कांग्रेस बनाने की जरूरत

नई दिल्ली। कांग्रेस का दायरा चुनाव दर चुनाव सिकुड़ता जा रहा है। इसको देखकर पार्टी के आलाकमानों की चिंता अब

Read more

कुछ ने थामा दल का दामन, कुछ के तेवर बरकरार

मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र में जार्ज के अलावा बिजेंद्र चौधरी भी निर्दलीय उम्मीदवार थे. वह भी पूर्व विधायक हैं. पिछले चुनाव

Read more

कांग्रेस में अपनी ढपली-अपना राग : राहुल गांधी की फिक्र किसी को नहीं

कांग्रेस में राहुल गांधी के भविष्य की चिंता किसी को नहीं है. अगर है, तो फिक़्र अपने-अपने मुस्तकबिल की. पार्टी में रणनीतिकार की भूमिका निभाने वाले कई नेताओं के लिए राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की बजाय एक मोहरा भर हैं. राहुल गांधी की आड़ में उक्त नेता कांग्रेस पार्टी पर अपनी हुकूमत चलाना चाहते हैं. लिहाज़ा उनके बीच घमासान इस बात का नहीं है कि आम चुनावों से पहले पार्टी की साख कैसे बचाई जाए, बल्कि लड़ाई इस बात की है कि राहुल गांधी को अपने-अपने कब्ज़े में कैसे रखा जाए, ताकि सरकार और पार्टी उनके इशारों पर करतब दिखाए.

Read more

यह खामोशी देश के लिए खतरनाक है

कोयला घोटाला अब स़िर्फ संसद के बीच बहस का विषय नहीं रह गया है, बल्कि पूरे देश का विषय हो गया है. सारे देश के लोग कोयला घोटाले को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि इसमें पहली बार देश के सबसे शक्तिशाली पद पर बैठे व्यक्ति का नाम सामने आया है. मनमोहन सिंह कोयला मंत्री थे और यह फैसला चाहे स्क्रीनिंग कमेटी का रहा हो या सेक्रेट्रीज का, मनमोहन सिंह के दस्तखत किए बिना यह अमल में आ ही नहीं सकता था.

Read more

कांग्रेस ऐसे हारी

दिग्विजय सिंह और परवेज़ हाशमी को फांसी की सज़ा सुनाने की तैयारी हो चुकी है. कांग्रेस हाईकमान ने इन दोनों की राजनीतिक ज़िंदगी पर एक लंबा पूर्ण विराम लगाने का फैसला ले लिया है. बस इसका औपचारिक ऐलान बाक़ी है. उत्तर प्रदेश के अधिकांश कांग्रेस कार्यकर्ता कह रहे हैं कि दिग्विजय सिंह ने पहले कांग्रेस का संगठन चौपट किया, ग़लत पीसीसी मेंबर बनाए.

Read more

कांग्रेस की चार सदस्यीय कमेटी की अग्नि परीक्षा

श्रीमती सोनिया गांधी अमेरिका में अपनी बीमारी के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रही हैं. उन्होंने हिंदुस्तान में कांग्रेस पार्टी को चलाने के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई. उनकी अनुपस्थिति में पार्टी का सारा काम यह कमेटी देखने वाली है और महत्वपूर्ण फैसले लेने वाली है. इस कमेटी में राहुल गांधी, ए के एंटनी, जनार्दन द्विवेदी और अहमद पटेल हैं.

Read more

राजनीति का पाखंडी और बनावटी चेहरा

कहते हैं, युद्ध के समय सबसे अधिक क्षति सत्य की ही होती है. भारतीय राजनीति में सत्य का समावेश नहीं रहा है. इसलिए हम इसे लेकर ज़्यादा चिंतित भी नहीं रहते, लेकिन पिछले दिनों हमें ज़बरदस्त रूप से छल कपट, बनावटीपन, आरोप-प्रत्यारोप और अतिश्योक्तिपूर्ण बातें देखने-सुनने को मिलीं.

Read more

लगता है बाबा रामदेव से कांग्रेस डर गई

राजनीति और आध्यात्म में सबसे बड़ा फर्क़ यह है कि आध्यात्म मनुष्य को मौन कर देता है, जबकि राजनीति में मौन रखना सबसे बड़ा पाप साबित होता है. बाबा रामदेव के हमले के बाद कांग्रेस पार्टी आध्यात्म की ओर मुड़ गई है, उसने चुप्पी साध ली है.

Read more

जूनियर दादा भी दंगल में

राजनीति के दंगल में स्व दिग्विजय सिंह के छोटे भाई कुमार त्रिपुरारी सिंह ने सादगी से मगर संभावनाओं से भरी इंट्री देकर सबको चौंका दिया है. जदयू में विधिवत शामिल होकर उन्होंने ऐलान किया कि दादा के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए ही उन्होंने राजनीति का रास्ता चुना है.

Read more

पुतुल के कंधों पर दादा के ख्‍वाब

दिग्विजय सिंह, जिन्हें हर कोई प्यार से दादा कहकर बुलाता था, अक्सर कहा करते थे कि गुजरात क्यों, बिहार क्यों नहीं? क्या नहीं है बिहार में? बस, विकास का विजन होना चाहिए, सब कुछ पटरी पर दौड़ता दिखेगा. दादा नहीं रहे, पर सपनों की कोई उम्र नहीं होती, उन्हें तो बस देखने वाली आंखें और आगे ले जाने वाले कंधे चाहिए.

Read more

दिग्विजय सिंह : बेहतरीन राजनीतिज्ञ-बेहतरीन इंसान

दिग्विजय सिंह को सबसे पहले मैंने 1983 के अप्रैल-मई महीने में उस व़क्तदेखा था, जब दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्र आंदोलन चल रहा था. वह छात्र नेताओं को लेकर चंद्रशेखर जी और राजनारायण जी के पास आए थे और उनसे छात्र नेताओं की मदद करने का आग्रह किया.

Read more

दिग्विजय सिंह का आखिरी इंटरव्‍यू

बांका (बिहार) के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे. वह हमेशा देश के उन जुझारू, कर्मठ एवं ईमानदार नेताओं में शुमार किए जाते रहे, जो आम लोगों के हितों के लिए प्रयत्नशील रहते हैं. उनके निधन से स़िर्फ देश और समाज की वह क्षति हुई, जिसकी भरपाई संभव नहीं है.

Read more