जनता मुफ्तखोरी नही विकास चाहती है

लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को लेकर एक बार चर्चिल ने कहा था कि विपक्ष का काम किसी भी तरह सत्ताधारी दल को सत्ता से हटाकर ़खुद क़ाबिज़ होना होता है. बहरहाल, लोकतंत्र का यही चरित्र आधुनिक समय का एक भद्दा मज़ाक़ बनकर रह गया है. चुनावी राजनीति का चरित्र दिनोदिन गंदा होता जा रहा है.

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