क्या राष्ट्रीय हरित अधिकरण सरकार के लिए बड़ी समस्या बन गया है?

जिस तरह से नरेंद्र मोदी सरकार अपने राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक एजेंडे को लागू करने की राह में मुश्किलें पैदा

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अभिव्यक्ति पर पाबंदी है और विपक्ष गायब है-प्रो. चौथी राम यादव

लोकसभा चुनाव-2014 के बाद परिस्थितियां तेजी से बदली हैं और यह पहली बार है कि लेखकों के लिखने और बोलने

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आधा दर्जन जल मंत्री देने के बाद भी प्यासा है मगध : मगध के पांच जिलों में भीषण जलसंकट

मगध अपनी सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है, लेकिन गर्मी का मौसम आते ही इसके सांस्कृतिक, धार्मिक

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श्रद्धांजलि : अलविदा प्रफुल्ल बिदवई!

प्रफुल्ल बिदवई एक पत्रकार होने के साथ-साथ एक एक्टिविस्ट भी थे. उन्होंने वर्ष 1998 में भारत के परमाणु परीक्षण का

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सांसद आदर्श ग्राम योजना : प्रधानमंत्री जी, रफ्तार बहुत धीमी है

सांसद आदर्श ग्राम योजना एक ऐसा सपना है, जिसके अंतर्गत भारत की संसद के दोनों सदनों के प्रत्येक सदस्य को

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संसद दलालों को चिन्हित और बहिष्कृत करे

सुुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैैसले में कोयला घोटाले की रिपोर्ट को सच साबित कर दिया और उसने चार कोल

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कौशल विकास से जुड़े आवंटन

मोदी सरकार के पहले बजट से साहित्य, संस्कृति एवं कला क्षेत्र को भी काफी अपेक्षाएं थीं. साहित्य, संस्कृति एवं कला

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हिंदी पत्रकारिता और हिंदी साहित्य अलग-अलग विधाएं

एसपी हमेशा रिपोर्टरों को ध्यान में रखकर काम सौंपते थे. उन्हें कभी गलतफहमी नहीं हुई कि कौन, क्या काम कर

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कोयला महाघोटाला : सरकार और विपक्ष खामोश क्यों है

अभी हाल में कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि उनकी तमाम कोशिशों के बाद भी कोयले के कारोबार में 50 फीसदी भ्रष्टाचार है. उन्होंने इस क्षेत्र में चल रहे भ्रष्टाचार को ऐतिहासिक बताया.

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पश्चिम बंगालः नया इतिहास गढ़ने की तैयारी

चुनावी मौसम में मुद्दों का क़ब्रिस्तान खोद डालने का रिवाज नया नहीं है और जब मुक़ाबला ऐतिहासिक रूप से कांटे का हो तो उन मुर्दों के कंकाल से विरोधियों को डराने की कोशिश भी होती रही है.

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सभागाछीः गाछी है पर सभा नहीं

मधुबनी ज़िला मुख्यालय से महज़ छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है सौराठ गांव. यह गांव वैवाहिक सम्मेलन के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. यह सम्मेलन सौराठ सभा के नाम से जाना जाता है. सौराठ सभा संभवत: विश्व में अपने ढंग का अनूठा वैवाहिक सम्मेलन है, जहां प्रति वर्ष मैथिल ब्राह्मण समुदाय के लड़के-लड़कियों की शादियां तय होती हैं, लेकिन अब यहां से शादी तय करना गुजरे जमाने की बात हो गई है.

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बाणासुर के नगर की खोज जारी

इतिहासकार और पुरातत्व विभाग अगर सही दिशा में काम करते रहें तो जल्द ही किसी ब़डे ऐतिहासिक रहस्य से पर्दा उठ सकता है. माना जाता है कि त्रेतायुग में भगवान शिव के सबसे बड़े भक्त दैत्यराज बाणासुर की नगरी सतना ज़िले की मनोरा पहाड़ी ही थी.

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शेखावाटी में विकास के पंद्रह साल

शेखावाटी यानी महाराज महाराव शेखा जी और उनके वंशजों की वीरभूमि. लक्ष्मी पुत्रों और सरस्वती के साधकों की स्थली. शेखावाटी का नाम लेते ही उसका गौरवशाली ऐतिहासिक अतीत साकार हो उठता है. कला, संस्कृति, शिक्षा एवं साहित्य का ओज शेखावाटी की रग-रग में भरा है. ख़ासकर यहां की शानदार हवेलियां और उनमें बने भित्ति चित्रों को देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध सा हो जाता है. हालांकि वर्ष 1996 से पहले हालात इतने ख़ुशनुमा नहीं थे.

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केसरिया बौद्घ स्तूप पर खतरा!

दुनिया भर के पर्यटक विश्व के सबसे ऊंचे बौद्घ स्तूप का दीदार करने पूर्वी चंपारण स्थित केसरिया ज़रूर आते हैं, लेकिन उसकी दुर्दशा देखकर उन्हें यकीन ही नहीं होता है कि किसी ऐतिहासिक धरोहर के साथ ऐसी लापरवाही भी हो सकती है. इतना ही नहीं, जब सैलानी सिर कटी बुद्घ की मूर्ति और स्तूप की दीवारों में उभरी दरारें देखते हैं तो वे अवाक रह जाते हैं.

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