मोदी जी ने सबसे ज्यादा भाजपा और आरएसएस का नुक़सान किया है

अब भी जिन्हें लगता है कि भारत में लोकतंत्र अपना काम ठीक से कर रहा हैं, तो मुझे अफसोस है

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सरकारें बचकानी हरकतों से नहीं चलती

2019  में या तो मोदी फिर प्रधानमंत्री बनेंगे या नहीं बनेंगे. दोनों स्थितियों के लिए जो मैं कहने जा रहा

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मोदी के इमरजेंसी वाले बयान पर कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस ने दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तुलना हिटलर से करने पर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला

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इंदिरा गांधी के बारे में ये क्या बोल गये अरुण जेटली, हो रहा बवाल

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तुलना हिटलर से की और कहा कि दोनों

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सोशल मीडिया का अराजक तंत्र

कर्नाटक में राजनीतिक गहमागहमी के बीच कांग्रेस पार्टी ने रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता की कुछ पंक्तियां टि्‌वट की.

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कीचड़ से कीचड़ साफ नहीं होता है

देश में विचित्र स्थिति उत्पन्न हो गई है और हो रही है. सरकारें आती हैं, जाती हैं. भारत एक बहुत

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कांग्रेस विपक्ष की एकता को महत्व नहीं देती

देश के इतिहास में दो बार ऐसे मौके आए, जब देश के दो बड़े नेताओं ने विपक्ष की गिरती हालत

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देश बचाइए, लोकतंत्र बचाइए, संविधान बचाइए

चुनाव किसने जीता, कौन हारा, मेरे लिए ये महत्वपूर्ण नहीं है. लोकतंत्र में हर पांच साल पर ये प्रक्रिया दोहराई

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चुनाव से ज्यादा महत्वपूर्ण है लोकतंत्र

सर्वशक्तिशाली लोग और सबसे मजबूत पार्टी डर जाए, तो उसका कारण जानने की इच्छा होती है. हमारे लिए सवाल है

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किसान और भूख की बात करना ग़द्दारी नहीं है

आपको 1975 की एक प्रमुख उक्ति याद दिलाना चाहता हूं. देश में आपातकाल लग चुका था. कांग्रेस के अध्यक्ष देवकांत

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सच्ची घटना पर आधारित हैं फिल्म ‘बादशाहों’ की कहानी!

नई दिल्ली: हाल ही में फिल्म ‘बादशाहों’ का ट्रेलर रिलीज़ किया गया है. इस फिल्म में अजय देवगन, विद्युत् जामवाल,

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अपनी दूरदर्शिता से भारतीय राजनीति को सही दिशा देने वाले ‘किंगमेकर कामराज’

भारतीय राजनीति में ‘किंग’ तो बहुत हुए, लेकिन ‘किंगमेकर’ के रूप में सिर्फ एक व्यक्ति को जाना जाता है और

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आपातकाल: भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय

26 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक, 21 महीने की अवधि में भारत में आपातकाल घोषित था. तत्कालीन राष्ट्रपति

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मधु लिमये सादगी और वैचारिक राजनीति का पैमाना थे

19 साल की उम्र में खुदीराम बोस फांसी के फंदे पर झूल गए थे. 14 साल की उम्र में चंद्रशेखर

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ये बनेंगे राष्ट्रपति

इस वर्ष जुलाई में राष्ट्रपति का चुनाव होगा. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निर्विवादित कार्यकाल खत्म होने जा रहा है. वे

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संघ अपनी विचारधारा से समझौता कर रहा है

कहते हैं, जब कोई समाजवादी तानाशाह बनता है तो बहुत घटिया तानाशाह बनता है. हालांकि कई तानाशाह ऐसे हुए हैं,

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पहले वादे अब शब्दजाल में फंसाने की कोशिश

देश की राजनीति में उथल-पुथल है, क्योंकि अंधराष्ट्रीयता के शब्दजाल ने तथ्यात्मक बहस की जगह ले ली है. सुरक्षा बल,

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दल बदल नेता : किसी ने खाई मलाई और किसी का हाथ ख़ाली

राजनीति समाज सेवा का एक सशक्त माध्यम एवं मंच माना जाता है, लेकिन कुछ राजनेता सिर्फ अपनी महत्वाकांंक्षा की पूर्ति

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अभिव्यक्ति पर पाबंदी है और विपक्ष गायब है-प्रो. चौथी राम यादव

लोकसभा चुनाव-2014 के बाद परिस्थितियां तेजी से बदली हैं और यह पहली बार है कि लेखकों के लिखने और बोलने

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जयप्रकाश नारायण का इंदिरा गांधी को खत

प्रिय इंदिरा जी, कुछ दिनों पहले जब मैं एक दिन के लिए दिल्ली में था, तो मुझे पता चला कि

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कश्मीर एक मानवीय समस्या है

(1 फ़रवरी 1972 को जयप्रकाश नारायण का हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित पत्र) जबसे मैंने 13-1-1972 के अंक में जम्मू और

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कश्मीर समस्या : इतिहास के आईने में

सन् 1947 में भारत और पाकिस्तान को अंग्रेजों से आजादी मिली. भारतीय स्वतंत्रता एक्ट 1947 के अनुसार तमाम रियासतों को

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शिमला समझौता और इंदिरा-शेख समझौता ही कश्मीर समस्या का समाधान है

कश्मीर ने पिछले कुछ हफ्तों से लगातार देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रखा है. कुल 72 लोग मारे

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भारतीय मीडिया का संकट

दुनिया के अन्य देशों की तरह भारत में भी पत्रकारिता साल दर साल परिवर्तित हुई है. अगर हम 1947 में

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पुल पर पुल : कोसीवासी फिर भी मंज़िल से दूर

गांव व शहर के साथ-साथ बिहार की राजधानी पटना को एक सूत्र में पिरोने की केंद्र व राज्य सरकार की

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अंधराष्ट्रवाद से बढ़ रहा है लोकतंत्र के लिए ख़तरा

चाहे कोई भी विषय हो, देश का एक छोटा लेकिन ख़तरनाक तबक़ा फेसबुक का सहारा लेकर नफ़रत फैलाने का काम

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पद की मर्यादा समझें मोदी

बीते 29 फरवरी को बहुप्रतीक्षित केंद्रीय बजट पेश कर दिया गया, जिसमें ध्यान देने वाली तीन बातें हैं. पहला बजट

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हास्यास्पद विरोध, लचर दलील

भोपाल में आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलन खत्म हो गया. इस तरह के सम्मेलनों की सार्थकता को लेकर पिछले हफ्ते भर

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अख़बारों की नज़र में मोदी का यूएई दौरा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यूएई दौरा काफ़ी दिनों तक लोगों में चर्चा का विषय रहेगा. 34 वर्ष के लंबे अंतराल

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सरकार को नई सोच अपनाने की ज़रूरत है

नरेंद्र मोदी ने 282 जैसी संख्या के साथ बड़ा बहुमत हासिल किया है, जैसे 1971 में इंदिरा गांधी ने हासिल

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