फर्जी ख़बरों के प्रचार को रोकने के लिए Facebook ने लिया बड़ा फैसला

नई दिल्ली: सोशल मीडिया के क्षेत्र में जाना पहचाना नाम बन चुकी दिग्गज सोशल नेटवर्किंग कम्पनी फेसबुक ने सोशल मीडिया

Read more

एक नहीं, देश को कई केजरीवाल चाहिए

साधारण पोशाक में किसी आम आदमी की तरह दुबला-पतला नज़र आने वाला शख्स, जो बगल से गुजर जाए तो शायद उस पर किसी की नज़र भी न पड़े, आज देश के करोड़ों लोगों की नज़रों में एक आशा बनकर उभरा है. तीखी बोली, तीखे तर्क और ज़िद्दी होने का एहसास दिलाने वाला शख्स अरविंद केजरीवाल आज घर-घर में एक चर्चा का विषय बन बैठा है. अरविंद केजरीवाल की कई अच्छाइयां हैं तो कुछ बुराइयां भी हैं. उनकी अच्छाइयों और बुराइयों का विश्लेषण किया जा सकता है, लेकिन इस बात पर दो राय नहीं है कि देश में आज भ्रष्टाचार के खिला़फ जो माहौल बना है, उसमें अरविंद केजरीवाल का बड़ा योगदान है.

Read more

खतरे में भारतीय दूरसंचार क्षेत्र : चीनी घुसपैठ हो चुकी है

पूरी दुनिया टेलीकॉम क्षेत्र में भारत द्वारा की गई प्रगति की प्रशंसा कर रही है. भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा दूरसंचार नेटवर्क है. लेकिन विरोधाभास यह है कि दूरसंचार मंत्रालय भी आज तक के सबसे बड़े घोटाले में शामिल है, जिसे टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले का नाम दिया गया. एक लंबे समय तक दूरसंचार मंत्रालय ने बहुत से घनिष्ठ मित्र बनाए, जिन्होंने मनमाने तरीक़े से इस क्षेत्र का दोहन किया.

Read more

पत्रकार जिन्होंने लोकतंत्र की हत्या की

पत्रकारिता की संवैधानिक मान्यता नहीं है, लेकिन हमारे देश के लोग पत्रकारिता से जुड़े लोगों पर संसद, नौकरशाही और न्यायपालिका से जुड़े लोगों से ज़्यादा भरोसा करते हैं. हमारे देश के लोग आज भी अ़खबारों और टेलीविजन की खबरों पर धार्मिक ग्रंथों के शब्दों की तरह विश्वास करते हैं.

Read more

कब करें द्वितीय अपील और शिकायत

पिछले अंक में हमने आपको प्रथम अपील के बारे में बताया था, साथ ही उसका एक प्रारूप भी प्रकाशित किया था. इस अंक में हम आपको बता रहे हैं कि किन परिस्थितियों में द्वितीय अपील एवं शिकायत की जा सकती है. अगले अंक में हम शिकायत एवं द्वितीय अपील का प्रारूप भी प्रकाशित करेंगे.

Read more

प्रथम अपील कब और कैसे करें

आरटीआई आवेदन डालने के बाद आमतौर पर यह देखा जाता है कि लोक सूचना अधिकारियों द्वारा स्पष्ट एवं पूर्ण सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती है. ऐसी स्थिति में अपील एवं शिकायत करने के अलावा और कोई चारा नहीं बचता.

Read more

महिला पत्रकार भारतीय मीडिया से ग़ायब हैं

पिछले कुछ वर्षों ख़ासकर नब्बे के दशक के बाद हिंदुस्तान का एक तबक़ा यह मानने लगा कि देश की आत्मा अब दिल्ली और राज्यों की राजधानियों में ही बसने लगी है. उनका मानना है कि महानगरों में महिलाओं को पुरुषों की तरह शिक्षा और रोज़गार के समान अवसर मिल रहे हैं.

Read more

दिल्‍ली का बाबू : सीआईसी की परेशानी

केंद्रीय सूचना आयोग में सूचना आयुक्त के दो पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है. सूत्रों का कहना है कि नियुक्ति में देरी का कारण प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की व्यस्तता है, इसलिए निर्णय नहीं हो पा रहा है.

Read more

सूचना क़ानून: कुछ अहम सवाल

सूचना कौन देगा

सभी सरकारी विभागों के एक या एक से अधिक अधिकारियों को लोक सूचना अधिकारी नियुक्त किया गया है. आपको अपना आवेदन उनके पास ही जमा कराना है. यह उनकी ज़िम्मेदारी है कि वे आपके द्वारा मांगी गई सूचना विभाग की विभिन्न शाखाओं से इकट्ठा करके आप तक पहुंचाएं.

Read more

आरटीआई शुल्क के बारे में जानें

सूचना अधिकार क़ानून के तहत आवेदन शुल्क या अपील या फोटो कॉपी शुल्क कितना होगा, यह तय करने का अधिकार राज्य सरकार को दिया गया है. मतलब यह कि राज्य सरकार अपनी मर्ज़ी से यह शुल्क तय कर सकती है. यही कारण है कि विभिन्न राज्यों में सूचना शुल्क/अपील शुल्क का प्रारूप अलग-अलग है. इस अंक में हम आपको आरटीआई शुल्क और सूचना के बदले लिए जाने वाले शुल्क के बारे में बता रहे हैं.

Read more

दिल्‍ली का बाबूः गुजरात सरकार की नई परेशानी

मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपीए सरकार के बीच तकरार होती रहती है. एक नया विवाद तब सामने आया, जब गुजरात के पूर्व डीजीपी आर बी श्रीकुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम को एक पत्र लिखा, जिसमें कहा गया है कि वह गुजरात में डीजीपी नियुक्त करने के लिए हस्तक्षेप करें. गुजरात में पिछले सितंबर से डीजीपी का पद खाली पड़ा है.

Read more

सूचना आयोग ज़रूर जाएं

आरटीआई अधिनियम के तहत सभी नागरिकों को सूचना पाने का अधिकार है, लेकिन आम तौर पर देखा जाता है कि लोक सूचना अधिकारी सूचना न देने के हज़ार बहाने बनाते हैं. ऐसे में आ़खिरी रास्ता बचता है सूचना आयोग का. ऐसी हालत में आवेदक केंद्रीय सूचना आयोग/राज्य सूचना आयोग में अपील या शिकायत कर सकता है. अपील और शिकायत में थोड़ा अंतर है.

Read more

स्कूलों से हिसाब मांगें

सूचना का अधिकार क़ानून को लागू हुए क़रीब छह साल होने को हैं. इन छह सालों में इस क़ानून ने आम आदमी को पिछले साठ साल की मजबूरी से मुक्ति दिलाने का काम किया. इस क़ानून ने आम आदमी को सत्ता में बैठे ताक़तवर लोगों से सवाल पूछने की ताक़त दी. व्यवस्था में लगे दशकों पुराने ज़ंग को छुड़ाने में मदद की.

Read more

सौ समस्याओं का एक समाधान : आरटीआई आवेदन

रिश्वत देना जहां एक ओर आम आदमी की मजबूरी बन गया है, वहीं कुछ लोगों के लिए यह अपना काम जल्दी और ग़लत तरीक़े से निकलवाने का ज़रिया भी बन गया है, लेकिन इन दोनों स्थितियों में एक फर्क़ है. एक ओर 2-जी स्पेक्ट्रम के लिए रिश्वत दी जाती है, तो दूसरी ओर एक आम और बेबस आदमी को राशन कार्ड बनवाने सरकारी पेंशन, दवा एवं इंदिरा आवास पाने के लिए रिश्वत देनी पड़ती है.

Read more

जे सत्यनारायण एवं प्रदीप कुमार सचिव बने

1977 बैच के आईएएस अधिकारी जे सत्य नारायण को सूचना एवं तकनीक विभाग का सचिव बनाया गया है. यह पद पिछले एक साल से खाली पड़ा था. इसी प्रकार 1977 बैच के आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार सिन्हा को शिपिंग मंत्रालय में सचिव बनाया गया है.

Read more

आरटीआई और तीसरा पक्ष

पिछले दो अंकों से हम लगातार आपको उन बिंदुओं के बारे में बता रहे हैं, जो सूचना के प्रकटीकरण में बाधा बनते हैं. अभी तक हमने आपको बताया कि कैसे न्यायालय की अवमानना और संसदीय विशेषाधिकार के नाम पर लोक सूचना अधिकारी सूचना न देने के लिए हज़ारों बहाने बनाते हैं और सूचना अधिकार क़ानून की धारा 8 का ग़लत इस्तेमाल करते हैं.

Read more

न्यायालय की अवमानना और आरटीआई

पिछले अंक में हमने आपको आरटीआई और संसदीय विशेषाधिकार के बीच के संबंध के बारे में बताया था. हमने कुछ उदाहरणों के साथ यह बताया था कि कई बार जानबूझ कर और बिना किसी ठोस कारण के भी सूचना को सार्वजनिक किए जाने से रोकने की कोशिश की जाती है. ज़्यादातर मामलों में ऐसा होता है कि लोक सूचना अधिकारी मामला न्यायालय में विचाराधीन होने का तर्कदेकर सूचना नहीं देता, लेकिन इस प्रावधान का सबसे ज़्यादा दुरुपयोग किया जाता है.

Read more

संसदीय विशेषाधिकार और आरटीआई के बीच क्या संबंध है

सूचना क़ानून का इस्तेमाल करने वाले आवेदकों ने तीसरे पक्ष और न्यायालय की अवमानना जैसे शब्दों का कई बार सामना किया होगा, क्योंकि इन्हीं शब्दों की आड़ में कई बार सूचना देने से मना कर दिया जाता है.

Read more

दूसरी अपील कब और कैसे करें

एक सूचना अधिकारी आपके आरटीआई आवेदन पर कार्रवाई नहीं करता या आपको पूरी सूचना नहीं देता है, तब आप क्या करते हैं? ज़ाहिर है, आप प्रथम अपील करते होंगे. प्रथम अपील का प्रारूप भी चौथी दुनिया में प्रकाशित किया जा चुका है. केंद्रीय सूचना आयोग में ऑन लाइन अपील कैसे दर्ज कराते हैं, इसके बारे में भी हम आपको बता चुके हैं. बहरहाल, प्रथम अपील के बाद भी अगर आपको संतोषजनक सूचना नहीं मिलती है तो द्वितीय अपील करने की नौबत आती है.

Read more

इंडिया इन ट्रांजशिनः प्रौद्योगिकी मानव के इरादों को बुलंद करती है

अपने पर्यावरण की देशीय प्रकृति का ज्ञान संसाधनों के उपयोग, पर्यावरण के प्रबंधन, भूमि संबंधी अधिकारों के आवंटन और अन्य समुदायों के साथ राजनयिक संबंधों के लिए आवश्यक है. भौगोलिक सूचनाएं प्राप्त करना और उनका अभिलेखन समुदाय को चलाने के लिए एक आवश्यक तत्व है.

Read more

दिल्‍ली का बाबूः सीआईसी में पारदर्शिता बढ़ी

केंद्रीय सूचना आयोग के पास बहुत सारे मामले लंबित पड़े हुए हैं, इसलिए उसे आलोचना सहनी पड़ती है. आलोचनाओं से बचने के लिए सूचना आयोग ने अपने काम में पहले से अधिक पारदर्शिता लाने की कोशिश की है.

Read more

सूचना ग़लत मिले तो शिकायत करें

पिछले अंक में हमने आपको प्रथम अपील के बारे में बताया था. आइए, इस अंक में हम यह समझने की कोशिश करते हैं कि सूचना का अधिकार क़ानून के तहत शिक़ायत क्या होती है, आख़िर अपील और शिकायत में क्या फर्क़ है.

Read more

आरटीआई ईमानदार अधिकारियों के लिए वरदान है

आरटीआई को लेकर एक आशंका ज़ाहिर की जाती है कि फाइल नोटिंग के सार्वजनिक होने की वजह से अधिकारी ईमानदार सलाह देने से डरेंगे, लेकिन यह आशंका ग़लत है. इसके विपरीत, हर अधिकारी को अब यह पता होगा कि वह जो कुछ भी लिखता है, वह जन समीक्षा का विषय हो सकता है. यह उस पर जनहित में लिखने का दबाव बनाएगा.

Read more

सूचना मिलने के बाद क्या करें

सूचना अधिकार क़ानून के इस्तेमाल और सूचना मिलने के बाद एक आवेदक को समझदारी से क़दम उठाना चाहिए, ताकि उसे किसी प्रकार की दिक्कत न हो, साथ ही उसका काम भी हो जाए. कभी-कभी आवेदक को आरटीआई का इस्तेमाल करने पर धमकी भी मिलती है या उसे फर्ज़ी मामले में फंसा दिया जाता है.

Read more

क्या है सूचना का अधिकार

सूचना का अधिकार अधिनियम हर नागरिक को अधिकार देता है कि वह सरकार से कोई भी सवाल पूछ सके, कोई भी सूचना ले सके, किसी भी सरकारी दस्तावेज़ की प्रमाणित प्रति ले सके, किसी भी सरकारी दस्तावेज़ की जांच कर सके, किसी भी सरकारी काम की जांच कर सके और किसी भी सरकारी निर्माण कार्य में इस्तेमाल सामग्री का प्रमाणित नमूना ले सके.

Read more

दिल्‍ली का बाबूः बाबुओं की कमी से जूझता सूचना आयोग

पिछले महीने केंद्रीय सूचना आयोग में सूचना आयुक्त के पद के लिए सरकार ने आवेदन मांगा है. इस विभाग में का़फी पद खाली पड़े हैं, जिन पर नियुक्ति नहीं की जा रही है. इस बार जो आवेदन आमंत्रित किए गए हैं

Read more

बेहतर स्वास्थ्य सेवा कैसे मिलेगी

पिछले अंक में हमने आपको बताया था कि सूचना अधिकार क़ानून का इस्तेमाल करके आप किस तरह सरकारी अस्पतालों से मुफ्त या कम दामों पर दवाइयां प्राप्त कर सकते हैं. इस बार हम आपको बता रहे हैं कि सरकारी अस्पतालों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सूचना अधिकार क़ानून किस तरह आपकी मदद कर सकता है.

Read more

दिल्‍ली का बाबूः सूचना आयोग के बाबू

आरटीआई कार्यकर्ताओं को हमेशा इस बात की शिकायत रहती है कि अधिकारियों को ही सूचना आयुक्त क्यों बनाया जाता रहा है. 2005 में केंद्रीय सूचना आयोग का गठन किया गया, लेकिन उस समय से देखा जाए तो कई सूचना आयुक्त यहां तक कि मुख्य सूचना आयुक्त भी सिविल सेवा के अधिकारी रहे हैं.

Read more