इराक़ के ग्राउंड ज़ीरो से संतोष भारतीय की रिपोर्ट, आईएसआईएस के खिलाफ जनयुद्ध

इस समय पूरी दुनिया में सिर्फ इराक में युद्ध चल रहा है. आईएसआईएस ने इराक के एक हिस्से पर क़ब्ज़ा

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आज से तीन तलाक पर खत्म, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

नई दिल्ली। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने तीन तलाक को खत्म कर दिया। अपने

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उत्तर प्रदेश में मदरसों पर मठाधीशों की मनमानी, लूट रहे सरकारी धन और ज़कात

उत्तर प्रदेश के ज्यादातर मदरसों की हालत बेहद खराब है. वे आज भी घिसे-पिटे तौर-तरीकों और बाबा आदम के जमाने

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‘सोनू निगम’ का नया ट्वीट, इस बात पर मांग सकते हैं मांफी

नई दिल्ली, (राज लक्ष्मी मल्ल) : सोनू निगम ने कल सुबह अपने ट्वीटर पर सुबह मस्जिद में होने वाले अजान

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सिंगर अभिजीत की राह पर सोनू निगम, अजान पर की आपत्तिजनक टिप्पणी

नई दिल्ली, (राज लक्ष्मी मल्ल) : मशहूर सिंगर सोनू निगम ने आज सुबह मस्जिद में होने वाली अजान पर एक

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सोफिया हयात का आरोप, उनके साथ मक्का में हुआ यौन शोषण : देखें Video

नई दिल्ली, (राज लक्ष्मी मल्ल) : एक्ट्रेस सोफिया हयात ने हाल ही में Instagram पर एक वीडियो पोस्ट कर चौका

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बलूचिस्तािन : भारत की मदद से निर्वासित सरकार बनाएंगे

बलूच लीडर नायला क़दीर बलोच पिछले दिनों भारत यात्रा पर थीं. इस दौरान दिल्ली में चौथी दुनिया के प्रधान संपादक

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मुश्किल में यूरोप के मुसलमान

फ्रेंच व्यंग्यात्मक मैगज़ीन शार्ली एब्दो ने वर्ष 2011 में मुसलमानों के पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद का आपत्तिजनक कार्टून प्रकशित किया था.

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अच्छे बुरे आतंकियों की व्याख्या में फंसा पाकिस्तान

पाकिस्तानी कौमी असेंबली ने सैन्य अदालतों की स्थापना के लिए संविधान में 21वें संशोधन के लिए सर्वसम्मति से मंजूरी दे

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प्रधानमंत्री का बयान : मुसलमान खुश, नेता मायूस

मुसलमानों को राष्ट्रभक्त कह देना सियासतदानों को अखर गया, लेकिन इस्लाम धर्म के अलमबरदारों ने इसकी जमकर सराहना की. उत्तर

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शक का लाभ

ओसामा बिन लादेन का कहना था कि अमेरिका के खिला़फ उसके जिहाद को रोकने का एकमात्र रास्ता है कि अमेरिका के लोग इस्लाम कबूल कर लें. इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है. लादेन को यह विश्वास उसके क़ुरान पढ़ने से आया. उसने इतिहास से भी यह पाठ सीखा. उसका सोचना था कि अगर सोवियत संघ को अ़फग़ानिस्तान में विफल किया जा सकता है तो अमेरिका को क्यों नहीं हराया जा सकता है.

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सीरिया : बशर वास्तविकता को स्वीकार करें

सीरिया में मार्च 2011 से राष्ट्रपति बशर अल असद के विरुद्ध आंदोलन चल रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार, सरकार विरोधी विद्रोह को दबाने के लिए की गई कार्रवाई में अब तक पांच हज़ार लोग मारे जा चुके हैं. हालांकि सीरिया इस आंकड़े को ग़लत बताता है, लेकिन दो हज़ार लोगों के मरने की पुष्टि तो वह भी कर रहा है.

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इस्‍लामी दुनिया के महानायक

बात लीबिया में हो रही जनतांत्रिक क्रांति की. यहां प्रति व्यक्ति आय 13400 अमरीकी डॉलर है. ज़ाहिर है, यह देश ग़रीब नहीं है. लीबिया यूरोप का सबसे बड़ा तेल और गैस का सप्लायर है. गद्दा़फी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि लीबिया के मानव संसाधनों को बढ़ावा दिया जाएगा.

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अब भारत में तालिबानी फरमान

ऐसा लगता है कि आजकल इस्लाम को बदनाम करने का ठेका स़िर्फ मुसलमानों ने ले रखा है. न स़िर्फ दुनिया के तमाम देशों, बल्कि भारत से भी अक्सर ऐसे समाचार मिलते रहते हैं, जिनसे इस्लाम बदनाम होता है और मुसलमानों का सिर नीचा होता है.

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आतंकवादी मानवता के दुश्मन हैं

हिंदू आतंकवाद, मुस्लिम आतंकवाद, संघ परिवार का आतंकवाद यह तीनों ही शब्द स्वामी असीमानंद के अपराध स्वीकारने के बाद से लगातार सुनने में आ रहे हैं. एक अख़बार ने शीर्षक लगाया, असीमानंद के अपराध स्वीकारने से इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करने वालों का मुंह काला.

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मुस्लिम पर्सनल लॉ को संहिताबध्‍द करने का मुद्दा

समान नागरिक संहिता भारतीय राजनीति में लंबे समय से एक ज्वलंत और विवादास्पद मुद्दा रहा है. वर्ष 1980 के दशक के मध्य में भाजपा ने इसे अपने हिंदुत्ववादी एजेंडे में शामिल करके इसका इस्तेमाल हिंदू मध्यम वर्ग के वोट बटोरने के लिए किया.

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सबका मालिक एक

हेमाड पंत जी साई सच्चरित्र में लिखते हैं, बाबा अक्सर कहा करते थे कि सबका मालिक एक. आख़िर इस संदेश का मतलब क्या था? आइए बाबा के इसी संदेश पर कुछ बातें करें. बाबा के विषय में हम जितना मनन करते जाते हैं, उनके संदेशों को समझना उतना ही आसान होता जाता है. बाबा के बारे में लिखना और पढ़ना हम साई भक्तों को इतना प्रिय है कि उनकी एक लेखिका भक्त ने तो अपनी एक किताब में बाबा को ढेर सारे पत्र लिखे हैं. मेरा मानना है कि साई को पतियां लिखूं जो वह होय बिदेस. मन में, तन में, नैन में ताको कहा संदेस. लेकिन साई के विषय में बातें करना जैसे आत्म साक्षात्कार करना है. बाबा ने बहुत सहजता से कहा है, सबका मालिक एक. ऐसा कह पाना शायद बाबा के लिए ही संभव था, क्योंकि समस्त आसक्तियों और अनुरागों से मुक्त एक संत ही ऐसा कह सकता है. प्रचलित धर्म चाहे हिंदू, इस्लाम, सिख, ईसाई, जैन एवं बौद्ध हो या कोई अन्य, प्रश्न यह है कि जो ये धर्म सिखा रहे हैं, क्या वह ग़लत है? अगर ग़लत न होता तो बाबा को इस धरती पर अवतार लेने की आवश्यकता ही न होती.

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नदवातुल उलेमाःशिक्षा के साथ संस्कार भी

दारुल उलूम नदवातुल उलेमा का जिक्र आते ही जेहन में एक तस्वीर उभर कर आती है. वह यह कि दीनी तालीम की दुनिया में अहम दर्ज़ा रखने वाला एक मदरसा, जहां पाक कुरान और हदीस की रोशनी में इल्म हासिल करने वालों को मौलवी, मुफ्ती, कारी एवं हाफिज की डिग्री प्रदान की जाती है. फतवों पर ग़ौर फरमाया जाता है. नदवा यानी इस्लाम के सामाजिक, शैक्षणिक और अन्य ज़रूरी पहलुओं का अहम केंद्र. यह इसका एक पक्ष है, जो दुनिया को दिखाई देता है. इसका दूसरा पहलू भी है, जो क़रीब जा कर इसे समझने के बाद ही नज़र आएगा.

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सच्चर कमेटी की रिपोर्ट और मुसलमान

इस्लाम हमेशा हमारे दिलों के क़रीब रहा है और भारत में इसका विकास और विस्तार लगातार जारी रहेगा. हमारी धार्मिक सोच इतनी विस्तृत है कि इसमें हर विचारधारा के लिए जगह है. सभी धार्मिक विचारधाराएं अपनी पहचान बनाए रखते हुए एक साथ रह सकती हैं. देश के मुसलमान राष्ट्रीय जीवनशैली, राजनीति, उत्पादन प्रक्रिया, व्यवसाय, सुरक्षा, शिक्षा, कला, संस्कृति और आत्माभिव्यक्ति में बराबर के साझीदार हैं.

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इस्लाम की हक़ीक़त की चिंता किसे है?

यदि इस्लाम के वजूद की कोई एक वजह है तो इसका सीधा संबंध एक ऐसे समाज से है, जिसमें समानता हो और जो हर तरह की इच्छाओं और दमन से स्वतंत्र हो. इस नज़रिए से देखें तो इस्लाम के लिए इससे ज़्यादा अधार्मिक और कुछ नहीं हो सकता, यदि कोई नवजात शिशु भूख से मर रहा हो, कोई बच्चा अपने पेट के लिए भीख मांगने को मजबूर हो.

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मियो किसानों का विद्रोह और तबलीगी जमात

वर्ष 1910 के अंत तक मेवात के मियो बहुल ग्रामीण इलाक़ों में कृषकों की समस्याएं अपने चरम पर पहुंच चुकी थीं. इसके साथ-साथ मियो समुदाय के अंदर शिक्षित लोगों का एक नया तबका भी तैयार हो चुका था, जो खेतिहर मज़दूरों की समस्याओं को आवाज़ दे सकता था. उसने 1932-34 के दौरान मेवात क्षेत्र में किसानों के कई आंदोलनों की पृष्ठभूमि तैयार की.

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