राजनीतिक तंत्र को ज़िम्मेदार बनाने की ज़रूरत है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री नहीं हैं, न ही वे आरएसएस के प्रधानमंत्री हैं और शायद नरेंद्र

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संसद दलालों को चिन्हित और बहिष्कृत करे

सुुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैैसले में कोयला घोटाले की रिपोर्ट को सच साबित कर दिया और उसने चार कोल

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जब तोप मुकाबिल हो : यह पहल लोकतंत्र को मज़बूत करेगी

लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया को दूषित करना और इस प्रक्रिया का फ़ायदा निहित स्वार्थों द्वारा उठाना लोकतंत्र के ख़िलाफ़ है.

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जब तोप मुकाबिल हो : गांधी के सपनों का भारत कहां गया

भाजपा के नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राहुल गांधी, दोनों के बारे में बातचीत करनी चाहिए और ये जानना चाहिए

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जब तोप मुकाबिल हो : कलंकित हो रहा है पत्रकारिता का आदर्श

आज जब पत्रकारिता पैसे लेकर लोगों के हितों को साध रही है. जर्नलिज़्म ऑफ करेज का लेबल देकर जर्नलिज़्म ऑफ़

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जब तोप मुकाबिल हो : यह हमारे लिए परीक्षा की घ़डी है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारियों को स़ख्ती के साथ उन ताक़तों को रोकना चाहिए, जो उत्तर प्रदेश का

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यह कांग्रेस के इम्तहान का समय है

चौहत्तर में लिखी लाइनें, जिन्हें बुंदेलखंड के जनकवि राम गोपाल दीक्षित ने लिखा था, कौन चलेगा आज देश से भ्रष्टाचार मिटाने को, बर्बरता से लोहा लेने सत्ता से टकराने को, आज देख लें कौन रचाता मौत के संग सगाई है, उठो जवानों तुम्हें जगाने क्रांति द्वार पर आई है, याद आती हैं. संयोग है कि उन दिनों सत्ता में इंदिरा गांधी थीं और उनके ख़िला़फ छात्र आंदोलन चल रहा था, जिसका मुख्य मुद्दा भ्रष्टाचार था. छात्र युवा उठ खड़े हुए, इंदिरा जी चुनाव हार गईं, लेकिन जो सत्ता में आए, न उसे संभाल सके और न जनता की आशाएं पूरा कर सके.

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