राजनीतिक दलों का रवैया गुस्सा दिलाता है

महाभारत शायद आज की सबसे बड़ी वास्तविकता है. इस महाभारत की तैयारी अलग-अलग स्थलों पर अलग तरह से होती है और लड़ाई भी अलग से लड़ी जाती है, लेकिन 2013 और 2014 का महाभारत कैसे लड़ा जाएगा, इसका अंदाज़ा कुछ-कुछ लगाया जा सकता है, क्योंकि सत्ता में जो बैठे हुए लोग हैं या जो सत्ता के आसपास के लोग हैं, वे धीरे-धीरे इस बात के संकेत दे रहे हैं कि वे किन हथियारों से लड़ना चाहते हैं.

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फर्रुख़ाबाद को बदनाम मत कीजिए

मैं अभी तक पसोपेश में था कि सलमान खुर्शीद के खिला़फ कुछ लिखना चाहिए या नहीं. मेरे लिखे को सलमान खुर्शीद या सलमान खुर्शीद की जहनियत वाले कुछ और लोग उसके सही अर्थ में शायद नहीं लें. इसलिए भी लिखने से मैं बचता था कि मेरा और सलमान खुर्शीद का एक अजीब रिश्ता है. फर्रुख़ाबाद में हम दोनों पहली बार लोकसभा के चुनाव में आमने-सामने थे और चुनाव में सलमान खुर्शीद की हार और मेरी जीत हुई थी.

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भारतीय सेना को बदनाम करने की साजिश का पर्दाफाश

बीते चार अप्रैल को इंडियन एक्सप्रेस के फ्रंट पेज पर पूरे पन्ने की रिपोर्ट छपी, जिसमें देश को बताया गया कि 16 जनवरी को भारतीय सेना ने विद्रोह करने की तैयारी कर ली थी. इस रिपोर्ट से लगा कि भारतीय सेना देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को समाप्त कर फौजी तानाशाही लाना चाहती है. इस रिपोर्ट ने सारे देश में न केवल हलचल पैदा की, बल्कि सेना को लेकर शंका का वातावरण भी पैदा कर दिया. सभी चैनलों पर यह खबर चलने लगी, लेकिन तीन घंटे बीतते-बीतते सा़फ हो गया कि यह रिपोर्ट झूठी है, बकवास है, किसी खास नापाक इरादे से छापी गई है और इसे छपवाने के पीछे एक बड़ा गैंग है, जो हिंदुस्तान में लोकतंत्र को पसंद नहीं करता.

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जनरल वी के सिंह को सुप्रिम कोर्ट जाना चाहिए

केंद्र सरकार सरासर झूठ बोल रही है. भारत के थल सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह की जन्मतिथि 10 मई, 1951 है, यह बात भारत सरकार और सेना द्वारा दिए गए आधिकारिक उत्तर में है. जिन अधिकारियों ने जवाब दिया है, उनके दस्त़खत हैं. इसके बावजूद भारत सरकार झूठ बोल रही है कि जनरल वी के सिंह की जन्मतिथि 10 मई, 1950 है.

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उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर हमलाः सच कहने की सजा

मायावती सरकार और उसके नुमाइंदों ने हर उस आवाज़ को कुचल देने की कसम खाई है, जो मुख्यमंत्री मायावती या उनके राजकाज के ख़िला़फ उठाई गई हो. विरोधियों पर लाठी-डंडों की बौछार और व्यापारियों का उत्पीड़न करने, क़ानून के रक्षकों एवं शिक्षा मित्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने वाले मायावती के कथित गुर्गों का निशाना अबकी बार मीडिया बना.

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आपका और आपकी मुस्कराहट का शुक्रिया

अपने साथियों पर लिखना या टिप्पणी करना बहुत दु:खदायी होता है, क्योंकि हम इससे एक ऐसी परंपरा को जन्म देते हैं कि लोग आपके ऊपर भी लिखें. आप उन्हें आमंत्रित करते हैं. मैं यही करने जा रहा हूं. मैं अपने साथियों को आमंत्रित करने जा रहा हूं कि हमारे ऊपर जहां उन्हें कुछ ग़लत दिखाई दे, वे लिखें.

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कलम का सच्चा सिपाही

आलोक तोमर के निधन की ख़बर समूचे मीडिया जगत में जंगल में लगी आग की तरह फैल गई. एक पत्रकार साथी ने जैसे ही मुझे बताया कि कलम के सिपाही आलोक तोमर सदा के लिए सो गए तो मुझे सहसा विश्वास ही नहीं हुआ.

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मुस्लिम समाज बदल गया है

मुसलमानों की चुनौतियां क्या हैं, इस विषय पर जयपुर में एक सेमिनार हुआ. इसमें देश भर से नेता, पत्रकार, मौलवी और फिल्मी हस्तियां शामिल हुईं. इस सेमिनार को ईटीवी उर्दू ने आयोजित किया, जिसे ईटीवी के सभी हिंदी और उर्दू चैनलों पर लाइव दिखाया गया.

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प्रधानमंत्री जी इस्‍तीफा मत दीजिए

पहले आईपीएल घोटाला, फिर कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला, फिर आदर्श सोसाइटी घोटाला और फिर 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाला. ऐसा लग रहा है, मानों प्रजातंत्र की परिभाषा ही बदल गई है. भारत में प्रजातंत्र के 60 साल के बाद देश के लोगों को लगने लगा है कि हमारे सरकारी तंत्र का हाल यह है कि नेता हो, मंत्री हो, अधिकारी हो या फिर कोई और, जिसे जहां भी कुछ अधिकार प्राप्त है, वह लूटने में लगा है.

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मीडिया की भूमिका को समझे सरकार

सियालकोट में हुई नरसंहार की घटना अपने नागरिकों को सुरक्षा उपलब्ध कराने में पाकिस्तान सरकार की असफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है. भीड़ द्वारा पीट-पीट कर मार डालने के वीभत्स दृश्य हमारे टेलीविज़न स्क्रीन से भले दूर हो गए हैं, लेकिन दु:स्वप्न का सिलसिला अभी रुका नहीं है.

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चुनावी तड़काः एक पर एक फ्री का फंडा

पर्व के मौसम में बाज़ार का फंडा राजनीति में भी लागू हो रहा है. हो भी क्यों न, चुनाव भी तो एक पर्व है. निर्दलीय विधायक विजेंद्र चौधरी इसे अच्छी तरह समझ गए. राज्यसभा में रामविलास पासवान को वोट क्या दिया, उन्हें बाज़ार का नियम भी समझा दिया.

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सोनिया गांधी इस घोटाले में शामिल नहीं हैं!

चौंसठ हज़ार करोड़ रुपये का घोटाला करने के बाद भी संचार मंत्री ए राजा बड़े ठाठ से अपने पद पर क्या इसलिए रहे, क्योंकि उनके रिश्ते कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मधुर हैं? जनता दल अध्यक्ष डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी आरोप लगाते हैं कि 2 जी स्पेक्ट्रम सौदे में सोनिया गांधी के केमैन आइलैंड स्थित बैंक ऑफ अमेरिका के खाते में करोड़ों डॉलर की एंट्री हुई है और इसके तमाम काग़ज़ात उनके पास मौजूद हैं.

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बड़े पत्रकार, बड़े दलाल

पद्मश्री बरखा दत्त और वीर सांघवी. दो ऐसे नाम, जिन्होंने अंग्रेज़ी पत्रकारिता की दुनिया पर सालों से मठाधीशों की तरह क़ब्ज़ा कर रखा है. आज वे दोनों सत्ता के दलालों के तौर पर भी जाने जा रहे हैं. बरखा दत्त और वीर सांघवी की ओछी कारगुज़ारियों के ज़रिए पत्रकारिता, सत्ता, नौकरशाह एवं कॉरपोरेट जगत का एक ख़तरनाक और घिनौना गठजोड़ सामने आया है.

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पुस्‍तक अंशः मुन्‍नी मोबाइल- 18

अब यह बात दीगर है कि जमुनापार के दिल्ली में रहने वाले लोग यहां आशियाना बना चुके हैं. फ्लैटों की क़ीमत करोड़ों में है यहां. आज यह सबसे तेज़ी से विकसित होता इलाक़ा है दिल्ली का. दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे जमुनापार के सांसद हैं, इसलिए विकास की रफ़्तार काफी है.

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जो बोलेगा, सो झेलेगा

हिंदी के मशहूर लेखक एवं नाटककार मुद्राराक्षस बेहद गुस्से में थे. आक्रामक मुद्रा और तीखे स्वरों में लगभग चीखते हुए उन्होंने सवाल किया कि यह देश किसका है, किसके लिए है. हत्यारे, लुटेरे, बलात्कारी, दलाल, तस्कर खुलेआम घूम रहे हैं. मुसलमानों का क़त्लेआम कराने वाला आदमी गुजरात का मुख्यमंत्री है. बाल ठाकरे मुसलमानों की हत्या किए जाने की लगातार अपील करता है और केंद्रीय मंत्री बेशर्म होकर उसके दरवाज़े मत्था टेकने पहुंच जाता है. लेकिन जो इस देश और देश की जनता को बचाने के लिए जुटते हैं, उन्हें देशद्रोही की कतार में खड़ा कर दिया जाता है.

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