असम: बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने दो युवकों को उतारा मौत के घाट

असम के कार्बी आंगलांग में एक बेहद ही दर्दनाक मामला सामने आया है. बता दें कि यहां पर दो युवकों

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नेता जी का बेटा किडनैप हुआ तो डकैत के परिवार वालों को अगवा कर लिया!

नई दिल्ली। कई बार गंभीर मामलों पर बरबस ही हंसी छूट पड़ती है। मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी नेता के

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अय्यूब पंडित की हत्या : कश्मीरियत और इंसानियत की हत्या है

श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के बाहर एक कश्मीरी पुलिस अधिकारी की पीट-पीट कर हत्या करने की वीभत्स  घटना ने

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पूंजीपतियों और अपराधियों का दलों पर दबदबा

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का विधानसभा चुनाव कई किस्म के रिकॉर्ड कायम करने वाला चुनाव भी साबित हुआ. विधानसभा चुनाव

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साउथ एक्ट्रेस भावना हुई किडनैप, ड्राइवर ने दिया वारदात को अंजाम

नई दिल्ली, (विनीत सिंह) : मलयालम फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी एक्ट्रेस भावना के साथ कोची में किडनैपिंग और मोलेस्टेशन

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विधायकों को बंधक बनाने के आरोप में शशिकला और पलनिसामी पर मुकदमा

नई दिल्ली, (विनीत सिंह) : शशिकला और विधायक दल के नेता इदापड्डी के. पलनिसामी पर पार्टी विधायकों को बंधक बना

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सुशासन का सच या फरेब

बिहार के चौक-चौराहों पर लगे सरकारी होर्डिंग में जिस तरह सुशासन का प्रचार किया जाता है, वह एनडीए सरकार की शाइनिंग इंडिया की याद दिलाता है. बिहार से निकलने वाले अ़खबार जिस तरह सुशासन की खबरों से पटे रहते हैं, उसे देखकर आज अगर गोएबल्स (हिटलर के एक मंत्री, जो प्रचार का काम संभालते थे) भी ज़िंदा होते तो एकबारगी शरमा जाते. ऐसा लिखने के पीछे तर्क है.

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अराजकतावादी नक्सलवाद : पुनर्विचार की ज़रूरत

नक्सलवादियों की हाल-फिलहाल की गतिविधियों से ऐसा लगता है कि वे अपने उद्देश्यों से भटकते जा रहे हैं. कुछ समय पहले मलकानगिरी के ज़िलाधिकारी का अपहरण कर लिया गया, उड़ीसा में एक विधायक और इटली के दो नागरिकों का अपहरण कर लिया गया.

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महिलाओं के अधिकार और क़ानून

हर व्यक्ति जन्म से ही कुछ अधिकार लेकर आता है, चाहे वह जीने का अधिकार हो या विकास के लिए अवसर प्राप्त करने का. मगर इस पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं के साथ लैंगिक आधार पर किए जा रहे भेदभाव की वजह से महिलाएं इन अधिकारों से वंचित रह जाती हैं.

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विद्रोह की क़ीमत

क्‍या सरकार और माओवादियों के बीच चूहे-बिल्ली की तरह चल रहे खूनी संघर्ष में बाबुओं की हालत एक बंधक की तरह हो गई है? मलकानगिरी के जिलाधिकारी आर विनील कृष्णा एवं जूनियर इंजीनियर पी एम मांझी के अपहरण और बाद में उनकी रिहाई से यह सवाल उठ रहा है.

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विकास का वादा बनाम विनाश का भय

बलूचिस्तान ऑपरेशन की शुरुआत तो ग्वाडोर परियोजना की घोषणा के साथ हुई थी, लेकिन इसकी बुनियाद रखी गई हत्या, अपहरण और दिल को दहला देने जैसी वारदातों के साथ. ग्वाडोर बंदरगाह की बात तो की गई, लेकिन वादा केवल वादा ही बनकर रह गया.

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खून बहाने का जुनून

नक्सलियों के सिर पर रोज खून बहाने का जुनून सवार होता है, तो पुलिस के जवानों पर नक्सलवाद के नासूर को खत्म करने का. इसी चक्कर में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो, जब निरीह जनता के खून से यहां की धरती लाल न होती हो. कहीं नक्सली मारे जा रहे हैं तो कहीं सुरक्षाबल के जवान शहीद हो रहे हैं. हालात यह हैं कि कुछ इलाक़ों में नक्सलियों को लेवी देने के बाद ही विकास के काम का पहला पत्थर लग पाता है. दोनों राज्यों के कई इलाक़ों में रेलगाड़ियों का परिचालन नक्सलियों की मर्ज़ी पर निर्भर है

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मृत्यु दंड : अमानवीय या ज़रूरत

कैपिटल पनिशमेंट, जिसे मृत्यु दंड या फांसी के नाम से भी जाना जाता है, का मुद्दा उसके समर्थकों और विरोधियों के बीच अक्सर गर्मागर्म बहस का कारण बनता रहा है. मृत्यु दंड के ख़िला़फ तर्क देते हुए एमनेस्टी इंटरनेशनल का मानना है, मृत्यु दंड मानवाधिकारों के उल्लंघन की पराकाष्ठा है. वास्तव में यह न्याय के नाम पर व्यवस्था द्वारा किसी इंसान की सुनियोजित हत्या का एक तरीक़ा है.

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मोसाद का मिशन या युगांडा पर हमला

पिछले अंक में आपने पढ़ा कि किस तरह एयर फ्रांस के विमान का अपहरण किया गया और इस वारदात में कैसे एक राष्ट्रपति ने अपनी भूमिका निभाई. एक समय तो इज़रायली सरकार इन अपहरणकर्ताओं के सामने घुटने टेक चुकी थी, लेकिन मोसाद ने अपनी चालाकी से इज़रायल को न स़िर्फ मुसीबत से बाहर निकाला, बल्कि दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब भी दिया. आख़िर मोसाद ने कैसे इस मिशन को अंजाम दिया, आइए जानते हैं इस अंक में…

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स़िर्फ एक क़ानून ने ज़िदगी दुश्वार कर दी

एएफएसपीए, जिसे पूर्वोत्तर राज्य के पहले विद्रोही संगठन नागा काउंसिल को नेस्तनाबूद करने के लिए लाया गया था, आतंकवाद को जड़ से खत्म कर पाने में सक्षम नहीं है. आज असम और मणिपुर में कम से कम 75 आतंकवादी संगठन हैं और इस क्षेत्र के दूसरे राज्यों में भी कई भूमिगत संगठन हैं.

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