उत्तर प्रदेशः घोटालों के गुरुघंटाल

सामाजिक एवं राजनीतिक मंच पर एक-दूसरे की टांग खींचने और खून के प्यासे लगने वाले नेताओं का असली चेहरा जनता कभी-कभी देख पाती है. सबके अपने-अपने स्वार्थ हैं, जो उन्हें एक-दूसरे के क़रीब लाते हैं. नेताओं की मिलीभगत के चलते उत्तर प्रदेश की पहचान आज घोटालों के प्रदेश के रूप में होती है. पिछले 20-25 वर्षों में तो घोटालों की बाढ़ सी आ गई.

Read more

अराजकतावादी नक्सलवाद : पुनर्विचार की ज़रूरत

नक्सलवादियों की हाल-फिलहाल की गतिविधियों से ऐसा लगता है कि वे अपने उद्देश्यों से भटकते जा रहे हैं. कुछ समय पहले मलकानगिरी के ज़िलाधिकारी का अपहरण कर लिया गया, उड़ीसा में एक विधायक और इटली के दो नागरिकों का अपहरण कर लिया गया.

Read more

उत्तर प्रदेश और निर्दलीय उम्मीदवार : कभी घी घना, कभी मुट्ठी भर चना, कभी वह भी मना

सूबे में गठबंधन राजनीति का दौर क्या आया, निर्दलीयों की अहमियत में चार चांद लग गए, उनका मोल लगने लगा. हालांकि निर्दलीयों के लिए ऐसा अवसर कई बार आया, जब सत्ता की दावेदारी रखने वालों ने उन्हें लालबत्ती से नवाज़ कर कैबिनेट मंत्री तक का दर्जा दिया, लेकिन पूर्ण बहुमत की सरकारों में उन्हें अहमियत नहीं मिली.

Read more

विधायक जी बैठक से गायब क्यों थे

जनता और जनप्रतिनिधियों का आमना-सामना पांच सालों में स़िर्फ एक बार ही होता है. वह तब, जब विधायक जी विधायक बनने की आस में जनता के आगे हाथ फैलाकर वोटों की भीख मांगते हैं. चुनाव खत्म होते ही जनप्रतिनिधि असली रंग रूप में आ जाते हैं.

Read more

आप भी भ्रष्टाचार से लड़ सकते हैं

भ्रष्टाचार देश को घुन की तरह खा रहा है. अ़फसर से लेकर नेता तक हर कोई लूट के खेल में लगा हुआ है. विधायकों एवं सांसदों का वेतन-भत्ता सुरसा के मुंह की तरह बढ़ता जा रहा है. रातोंरात बनते इनके महल और करोड़ों-अरबों की संपत्ति देखकर तो यही लगता है. जिस जनता के वोटों से ये चुने जाते हैं, वही इनसे यह नहीं पूछ पाती कि आखिर कुछ ही समय में इनके पास इतना पैसा कहां से आ गया.

Read more

राजनीति है, रिश्तों का क्या

उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में दोस्ती की नई बुनियाद पड़ चुकी है. इस दोस्ताने में बसपा फायदे में है तो कांग्रेस हाथ मलती नज़र आ रही है. यह संबंध बसपा के स्वामी प्रसाद मौर्या और कांग्रेस की राजकुमारी रत्ना सिंह के बीच क़ायम हुआ है.

Read more

सियासत की सीढ़ी बनी शीलू

चोरी के आरोप में सलाखों के पीछे पड़ी शीलू को न्याय दिलाने के लिए राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों में होड़ मची है. सपा, भाजपा और कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर धरना-प्रर्दशन कर रहे हैं. गुलाबी गैंग पहले ही उसकी मदद का ऐलान कर चुकी है और अब निषाद महासभा और अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा भी मैदान में आ गई है.

Read more

आ़खिर क्यों मानें क़ानून?

वैसे तो कहा जाता है कि क़ानून अंधा होता है, जिसका तात्पर्य यह है कि क़ानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध न्यायिक प्रक्रिया बिना भेदभाव के चलनी चाहिए पर यह कथन केवल कथन मात्र ही है. वास्तविकता इससे अलग है. तुलसीदास जी की चौपाई समरथ को नहीं दोष गोसाईं इसी यथार्थ का सर्मथन करती है.

Read more

खुद को मसीहा समझते हैं जन प्रतिनिधि

असम में विधायकों के निवास पर ग्रामीणों की भीड़ सहज ही देखी जा सकती है. पार्टी के कैडर प्रत्येक आगंतुक की व़फादारी की जांच करते हैं, फिर उसके आवेदन को आगे बढ़ाने की स़िफारिश करते हैं. यह ग्रामीण असम का चिर परिचित मंजर है.

Read more

करगहरः कौन बनेगा पहला विधायक?

नए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आए करगहर में चर्चा है कि यहां का पहला विधायक कौन बनेगा? यहां से खम ठोक रहे जदयू के रामधनी सिंह, लोजपा के शंकर कुशवाहा, कांग्रेस के आलोक सिंह, कांग्रेस (जे) के रमेश तिवारी उ़र्फ टाइगर एवं अपना दल के मनोज कुमार मतदाताओं के बीच अपनी बात रख रहे हैं.

Read more

चुनावी तड़काः विधायक जी नहीं बोल सकते क्या!

राहुल की सभा में उत्तर बिहार के कई ज़िलों के कांग्रेसी नेता एवं टिकटार्थी पूरे दल-बल के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे थे. सभा आयोजन के 24 घंटे पूर्व से ही समस्तीपुर शहर के सभी आवासीय होटल एवं रेस्ट हाउस कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं से फुल हो चुके थे.

Read more

नीतीश को पटखनी देंगे शरद

राज्यसभा में महिला बिल को लेकर हुई फजीहत के बाद आहत शरद यादव ने लोकसभा में आने वाले इस बिल और राज्यसभा चुनाव में नीतीश कुमार को पटखनी देने की तैयारी शुरू कर दी है.

Read more

सार –संक्षेप : महिलाएं पुलिस में झूठी रिपोर्ट लिखवाती हैं

महिलाओं के हितों की सुरक्षा के लिए बनाए गए दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा जैसे विशेष क़ानून का महिलाएं ही नाजायज़ फायदा उठा रही हैं. महिला थाना पुलिस के पास 50 फीसदी ऐसे मामले आ रहे हैं जिनमें पति या ससुराल पक्ष के खिला़फ झूठी शिकायत कर प्रकरण दर्ज़ कराने के प्रयास किए जाते हैं.

Read more

विधायक कोष : आपके विधायक जी ने कितना काम किया?

कोई नेता जब आप से वोट मांगने आता है तो क्या कहता है? वह कहता है कि आप उसे वोट दें ताकि वह आने वाले पांच सालों तक आपकी सेवा करता रहे. मतलब, जनता मालिक और नेता सेवक. लेकिन चुनाव जीतने के बाद क्या होता है? क्या आपको यह पता चलता है कि विधायक जी को स्थानीय क्षेत्र के विकास के लिए जो करोड़ों रुपये सरकार की तऱफ से मिलते हैं, वो कहां जाते हैं?

Read more