संविधान के खिलाफ जाकर हमने कोई भी काम नहीं किया है- मोहन भागवत

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला जारी है. कार्यक्रम का शीर्षक है, भविष्य

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विश्व हिंदू सम्मेलन में शर्मिला टैगोर और नवाब पटौदी की शादी को लव जिहाद का नाम दिया गया

2019 के लोकसभा के चुनाव को लेकर सभी दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं. वोटरों को लुभाने के लिए

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नागपुर जाएंगे प्रणब मुखर्जी, बयानबाजी पर गडकरी ने दिया बड़ा बयान

पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस के बड़े नेता रहे प्रणब मुखर्जी 7 जून को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम में

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राष्ट्रपति चुनाव : प्रणव मुखर्जी और मोहन भागवत की हुई मुलाकात, गर्माई राजनीति

नई दिल्ली (ब्यूरो, चौथी दुनिया)।  राष्ट्रपति चुनाव को लेकर गहमागहमी तेज होती जा रही है। बीजेपी के प्रतिनिधि तमाम दलों

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इस व्यवस्था की रक्षा करना प्रधानमंत्री का दायित्व है

अपनी बात की शुरुआत मैं जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन की दुखद खबर से करना चाहता हूं.

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सरकार और भाजपा से नाराज है आरएसएस

संघ के आदि सरसंघचालक श्री हेडगेवार माने जाते हैं. श्री हेडगेवार संघ के निर्माता भी हैं, इसीलिए उन्हें आदि सरसघंचालक

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देश को विजेता का इंतजार है

अगस्त का महीना भारतीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण रहा. सरकार, विपक्ष, अन्ना हजारे और बाबा रामदेव इस महीने के मुख्य पात्र थे. एक पांचवां पात्र भी था, जिसका ज़िक्र हम बाद में करेंगे. इन चार पात्रों ने अपनी भूमिका ब़खूबी निभाई. सरकार और विपक्ष ने अपनी पीठ ठोंकी, दूसरी ओर अन्ना और रामदेव ने अपने आंदोलन को सफल कहा. हक़ीक़त यह है कि ये चारों ही न हारे हैं, न जीते हैं, बल्कि एक अंधेरी भूलभुलैया में घुस गए हैं.

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गडकरी जी, अध्‍यक्ष की तरह दिखिए

देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के नेता का कद किसी उद्योगपति की पत्नी से छोटा हो गया है? भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष नितिन गडकरी आईपीएल के मुंबई और चंडीगढ़ की टीम के मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में मौजूद थे. मंच पर और भी लोग थे. जो सबसे प्रमुख अवार्ड था, उसे मिसेज मुकेश अंबानी के हाथों दिया गया और गडकरी के हाथों एक छोटा अवार्ड दिलाया गया.

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भाजपा का सबसे ज़्यादा नुक़सान संघ ने किया

बचपन में हमने एक कहानी पढ़ी थी कि कबूतर के अंडों को यूं ही पड़े देखकर कुछ बच्चों को लगा कि इन्हें एक घोसले में रखा जाए, ताकि अंडे खराब होने से बच जाएं. फिर बच्चों ने बड़े अरमान से एक घोसला बनाया. उसके बाद अंडों को उठाकर उस घोसले में रख दिया. जब कबूतर वापस लौटा तो उसने अंडों को ज़मीन पर फेंक दिया, जिससे सारे अंडे टूट गए. बच्चे इस बात से अनजान थे कि छूने मात्र से ही वे अंडे खराब हो जाएंगे. इस समय भाजपा की हालत अंडेकी तरह है और संघ बच्चों की तरह उससे खेल रहा है. नतीजा क्या निकलने वाला है, यह भी तय है.

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