फिर आने वाला है रैप के बेताज बादशाह हनी सिंह का तूफ़ान

लगभग दो साल से फिल्म इंडस्ट्री से गायब चल रहे पंजाबी रैपर हनी सिंह एक बार फिर से चर्चा में

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मुंबई कॉन्सर्ट : जस्टिन बीबर की फरमाइशों की लिस्ट देखकर छूटे आयोजकों के पसीने

नई दिल्ली : इंटरनेशनल पॉप स्टार जस्टिन बीबर जल्द ही मुंबई आने वाले हैं. मुंबई में बीबर का कॉन्सर्ट आयोजित

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महेश भट्ट को रोकने के लिए Nude ही सड़क पर निकल पड़ी थी ये एक्ट्रेस

नई दिल्ली, (राज लक्ष्मी मल्ल) : 80 के दशक में बॉलीवुड में अपनी अदाओं का जलवा बिखेरने वाली अभिनेत्री परवीन

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डिप्रेशन हैं खतरनाक और जानलेवा, जानिए इससे बचाव के कुछ उपाय

नई दिल्ली, (राज लक्ष्मी मल्ल): डिप्रेशन में लोग खुद को खुद से अलग कर देते हैं. इसमे इन्सान तनाव ने

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प्रख्यात तबला वादक लच्छू महाराज नहीं रहे : संत-संगीतकार का महानिर्वाण…

प्रधान संपादक संतोष भारतीय ने जैसे ही कहा कि लच्छू महाराज नहीं रहे, हम सब स्तब्ध रह गए… संतोष जी

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मेवेदर ने जीता : बॉक्सिंग का महा मुक़ाबला

पेशेवर बॉक्सिंग को दुनिया के सबसे खतरनाक खेलों में से एक माना जाता है, लेकिन यह दुनिया के सबसे पसंदीदा

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कर्म नहीं तो जीने का अधिकार ही नहीं

साधना के दौरान कर्म की प्रेरणा दुर्बल होने लगी. आध्यात्मिक साधना के लिए नियमित कामों से मुझे निवृत्ति लेनी चाहिए

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मोहम्‍मद रफी : हां, तुम मुझे यूं भुला न पाओगे

बहुमुखी संगीत प्रतिभा के धनी मोहम्मद ऱफी का जन्म 24 दिसंबर, 1924 को पंजाब के अमृतसर ज़िले के गांव मजीठा में हुआ. संगीत प्रेमियों के लिए यह गांव किसी तीर्थ से कम नहीं है. मोहम्मद ऱफी के चाहने वाले दुनिया भर में हैं. भले ही मोहम्मद ऱफी साहब हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज़ रहती दुनिया तक क़ायम रहेगी. साची प्रकाशन द्वारा प्रकाशित विनोद विप्लव की किताब मोहम्मद ऱफी की सुर यात्रा मेरी आवाज़ सुनो मोहम्मद ऱफी साहब के जीवन और उनके गीतों पर केंद्रित है.

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फिल्‍मों में लोक संगीत

भारत गांवों का देश है. गांवों में ही हमारी लोक कला और लोक संस्कृति की पैठ है. लेकिन गांवों के शहरों में तब्दील होने के साथ-साथ हमारी लोककलाएं भी लुप्त होती जा रही हैं. इन्हीं में से एक है लोक संगीत. संगीत हमारी ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है. संगीत के बिना ज़िंदगी का तसव्वुर करना भी बेमानी लगता है. संगीत को इस शिखर तक पहुंचाने का श्रेय बोलती फिल्मों को जाता है.

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दिल ढूंढता है फिर वही फुर्सत के रात-दिन

भारतीय सिनेमा में कई ऐसी हस्तियां हुई हैं, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. इन्हीं में से एक हैं गुलज़ार. गीतकार से लेकर, पटकथा लेखन, संवाद लेखन और फिल्म निर्देशन तक के अपने लंबे स़फर में उन्होंने शानदार कामयाबी हासिल की. मृदुभाषी और सादगी पसंद गुलज़ार का व्यक्तित्व उनके लेखन में सा़फ झलकता है. आज वह जिस मुक़ाम पर हैं, उस तक पहुंचने के लिए उन्हें संघर्ष के कई प़डावों को पार करना प़डा.

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चांद तन्हा, आसमां तन्हा

बहुत कम लोग जानते हैं कि सिने जगत की मशहूर अभिनेत्री एवं ट्रेजडी क्वीन के नाम से विख्यात मीना कुमारी शायरा भी थीं. मीना कुमारी का असली नाम महजबीं बानो था. एक अगस्त, 1932 को मुंबई में जन्मी मीना कुमारी के पिता अली ब़क्श पारसी रंगमंच के जाने-माने कलाकार थे.

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जन्‍मदिन 13 मई मनहर उधास

उधास परिवार के चश्मे-चिराग़ मनहर, पंकज और निर्मल संगीत की दुनिया में सुपरिचित नाम हैं. इनमें सबसे बड़े भाई मनहर उधास का जन्म 13 मई को हुआ था. वैसे तो मनहर उधास गुजराती संगीत का एक बड़ा नाम हैं और अब तक उनकी गुजराती ग़ज़लों के 27 एलबम निकल चुके हैं.

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म्यूजिक लांच में नहीं पहुचें महेश भट्ट

महेश भट्ट अपनी फिल्मों को प्रोमोट करने में कभी पीछे नहीं रहते हैं, लेकिन जन्नत 2 के साथ ऐसा नहीं है. हालांकि भट्ट ने फिल्म बनाने की शुरुआत में सनी लियोन और दूसरे कारणों से फिल्म को खूब पब्लिसिटी दिलवाई थी. मगर न जाने अब क्यों पर्दे के पीछे से ही अपनी भूमिका निभा रहे हैं.

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