Tags: Anna Hazare, BJP, Baba Ramdev, CBI, Central Bureau Of Investigation, Congress, Gen. V.K. Singh, Jayaprakash Narayan, Jdu, Join, Movement, NDA, Nation, Politics, Process, RJD, Rajneeti, Ramlila Ground, SP, TMC, UPA, addressed, agency, announced, arvind kejriwal, corporate sector, dispossessed, government, hand, iac, inspire, moment, paramilitary forces, political, political parties, retired Army Chief, santoshbhartiya, tv9, youth Posted in Crousel1, Internet Tv Archives, जरुर देखें by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
आम तौर पर यह धारणा बनी हुई है कि जनसंख्या वृद्धि हानिकारक है. इससे किसी भी देश की अर्थव्यवस्था चरमरा जाती है. आर्थिक दृष्टिकोण के सभी पैमाने भी इसी की पुष्टि करते हैं. अर्थशास्त्रियों की परिभाषा का निष्कर्ष यही है कि जनसंख्या वृद्धि के कारण ही खाद्यान्न की कमी होती है, क्योंकि जिस अनुपात में आबादी में इज़ा़फा होता, उस अनुपात में पैदावार नहीं हो पाती है.
Tags: Nation, Population, definition, development, economic, आर्थिक, जनसंख्या, परिभाषा, राष्ट्र, विकसित Posted in आर्थिक, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: डॉ. गजाला उर्फी | 2 Comments » | Read More... |
अपनी बात रखने से पहले मैं दो बातें कहना चाहता हूं. इस व़क्त हम एक इंटरेस्टिंग और ट्रबुलेंट फेज से गुजर रहे हैं. रोचक इसलिए, क्योंकि इस व़क्त हम अपने लोकतंत्र और उसकी ताक़त के गवाह बन रहे हैं, जनता की ताक़त को देख रहे हैं और यह देख रहे हैं कि राष्ट्र किस तरीक़े से अपने सवालों को उठा रहा है. साथ ही आज हम जिस तरह की लीडरशिप और उस पर लग रहे आरोपों को देख रहे हैं
Tags: Leadership, Nation, Public, power, जनता, ताक़त, राष्ट्र, लीडरशिप Posted in कानून और व्यवस्था, राजनीति, समाज, स्टोरी-6 by Author: जनरल वी के सिंह | No Comments » | Read More... |
भारत में शिशु मृत्यु दर के ज़्यादा होने के कई कारण हैं. डायरिया भी एक बड़ा कारण है. बच्चों के विकास और उनके कल्याण के लिए कार्यरत संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनीसेफ ने कहा है कि भारत में डायरिया से प्रतिदिन 1000 बच्चों की मौत हो जाती है.
Tags: Diarrhea, India, Nation, child, development, habit, आदत, डायरिया, भारत, राष्ट्र, विकास, शिशु Posted in जरुर पढें, स्वास्थ्य by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
किसी भी देश का राष्ट्रीय ध्वज उसकी पहचान ही नहीं, बल्कि उसके इतिहास और विचार को भी दर्शाता है. दुनिया भर में झंडे का इस्तेमाल प्राचीन काल से हो रहा है. जब राष्ट्र का निर्माण भी नहीं हुआ था, तब झंडे का इस्तेमाल कबीलाई समाज के लोग किया करते थे. कबीले के नेता या लोग उस कबीले के प्रति अपनी निष्ठा या वफादारी के प्रमाण स्वरूप अपने घरों के बाहर झंडा लगाया करते थे.
Tags: Nation, country, flag, national, झंडा, तिरंगा, देश, ध्वज, राष्ट्र, राष्ट्रीय Posted in कला और संस्कृति, कवर स्टोरी-2 by Author: रीतिका सोनाली | No Comments » | Read More... |
समाजवाद का मूल सिद्धांत है देश की कमाई को नए ढंग से बांटना. आपने शायद लक्ष्य नहीं किया हो, पर यह सत्य है कि देश की आय प्रत्येक दिन प्रत्येक क्षण बंटती रहती है और उस आय का बंटवारा होता ही रहेगा. जब तक देश में एक से अधिक व्यक्ति मौजूद रहेंगे, तब तक अहर्निश यह बंटवारा होता ही रहेगा.
Tags: Nation, Socialism, expenses, law, order, property, savings, wealth, धन, बचत, राष्ट्र, व्यवस्था, संपत्ति, समाजवाद, क़ानून, ख़र्च Posted in कानून और व्यवस्था, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: महावीर प्रसाद आर मोरारका | 1 Comment » | Read More... |
शिविरों में नवजात बच्चों की मां से मिलने आनंद भारती निकलते हैं तो उनकी भी आंखें नम हो जाती हैं. नूरजहां बेगम से जब वह मुख़ातिब होते हैं तो उसके चेहरे पर बच्ची जनने की मुस्कान अनुपस्थित है. बावजूद इसके उसने अपनी बेटी का नाम मुस्कान रखा है. कहती है कि अंधेरा हमेशा नहीं रहता है. अफसाना बानू का आशियाना उजड़ चुका है. आशियाने की उसके अंदर ललक है.
Tags: Anand Bharti, Camp, Gujarat, Hindu, Muslims, Narendra Modi, Nation, Noorjehan Begum, Riots, afsana Banu, movements, munni mobile, neonatal, अफसाना बानू, आंदोलन, आनंद भारती, गुजरात, नरेंद्र मोदी, नवजात, नूरजहां बेगम, मुसलमान, राष्ट्र, शिविर, हिंदू Posted in आंदोलन, जरुर पढें, राजनीति, राज्य by Author: प्रदीप सौरभ | 1 Comment » | Read More... |
लंदन से दक्षिण अफ्रीका लौटते व़क्त राष्ट्रपिता गांधी ने जो संवाद लिखा था, वह बाद में हिंद स्वराज के नाम से पुस्तकाकार भी छपा. इस पुस्तक के प्रकाशन के सौ साल पूरे होने पर बुद्धिजीवियों के बीच जमकर बहस-मुहाबिसा हुआ. हिंद स्वराज का प्रकाशन आंशिक और पूर्ण रूप से पत्र-पत्रिकाओं में हुआ और नई पीढ़ी को एक बार फिर से राष्ट्रपिता गांधी को जानने-समझने का अवसर मिला.
Tags: Bihar, British, Btk Mian, Champaran, Congress, Hind Swaraj, Irwin, Jan Ansari, Janata Dal United, Janata Party, Mahatma Gandhi, Nation, Nitish, President, Rashtriya Janata Dal, अंग्रेज, कांग्रेस, चंपारण, जन अंसारी, जनता दल यूनाइटेड, जनता पार्टी, नीतीश, बटक मियां, बिहार, महात्मा गांधी, राष्ट्रपति, राष्ट्रपिता, राष्ट्रीय जनता दल, हिंद स्वराज Posted in आंदोलन, जरुर पढें, राजनीति, राज्य, विधि-न्याय, समाज, साक्षात्कार by Author: अनंत विजय | No Comments » | Read More... |
|
जनता एक ज़िम्मेदार संसद का निर्माण करे |
|