सिद्धू के लिए नुकसान देह हो गया तेज बोलना, डॉक्‍टरों ने दी आराम की सलाह

पंजाब के कैबिनेट मेंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की आवाज लगातार तेज बोलने की वजह से अपना आवाज खोने की कगार

Read more

अपने बयान को लेकर चारों तरफ घिरते हुए नजर आ रहे हैं नवजोत सिंह सिद्धू

अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले नवजोत सिंह सिद्धू अब बिल्कुल बैकफुट पर नजर आ रहे

Read more

राहुल गांधी के कहने पर मैं नहीं गया था पाकिस्तान:  नवजोत सिंह सिद्धू

अक्सर अपने विवादित बयानों और विवादित कारनामों को लेकर चर्चा के बाजार में छाए रहने वाले पूर्व क्रिकेटर व पंजाब

Read more

सिद्धू ने एक बार फिर दिखाया पाकिस्तान के लिए प्रेम

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की वजह से विवादों में रहने वाले कांग्रेस नेता

Read more

भाजपा नेता का बयान- इमरान खान के शपथ समारोह में जाने वाले आतंकवादी

पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान 11 अगस्त को शपथ लेने वाले हैं.  इस मौके पर उन्होंने भारत से कुछ

Read more

पंजाब: अमरिंदर बने सूबे के कप्तान और सिद्धू उनके सिपहसिलार

नई दिल्ली (ब्यूरो, चौथी दुनिया)। पंजाब में शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हो गया। जहां कैप्टन अमरिंदर ने मुख्यमंत्री पद की

Read more

पार्टी ज्वाइन करने के बाद बोले सिद्धू- मैं पैदाइशी कांग्रेसी हूं…

नई दिल्ली (ब्यूरो, चौथी दुनिया):  पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को लेकर अटकलबाजियों का दौर रविवार शाम को थमा

Read more

सिद्धू ने की राहुल गांधी से मुलाकात, कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं

नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की. करीब 45 मिनट चली इस मुलाकात के

Read more

अपील ही काफी नहीं अयोग्यता से बचने के लिए

माननीय मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट बेंच ने 31 मार्च को संजय दत्त के अभियोग और सज़ा (जो विशेष न्यायाधीश ने दी थी) को स्थगित करने से इनक़ार कर दिया. इसका मतलब यह हुआ कि आगामी लोकसभा चुनाव में लड़ने की मुन्नाभाई की हसरत पूरी नहीं हो सकती. इस फैसले ने न्यायपालिका में आम लोगों की आस्था फिर से बहाल की है और इस तथ्य को भी बहाल किया है कि अभियुक्त को चुनाव लड़ने और संसद या राज्य विधानसभा का माननीय सदस्य बनने का अधिकार नहीं देना चाहिए. हालांकि हमारे देश के क़ानून बनानेवाले अपने राजनीतिक दलों की मार्फत इसको नकारते भी नज़र आते हैं और अभियुक्तों की उम्मीदवारी की वकालत कर इसको दर्शाते भी हैं. यह सभी राजनीतिक दलों के लिए एक समान लागू होता है. उस आदर्श स्थिति की तो बात ही रहने दें, जहां आपराधिक पृष्ठभूमि और संदिग्ध चरित्र वाले लोगों को चुनाव लड़ने से रोक दिया जाए, लेकिन राजनीतिक पार्टियां कम से कम इतना तो कर ही सकती हैं कि जिन पर आपराधिक मामले साबित हो चुके हैं, उन्हें टिकट ही न दें. यह तो न्यूनतम है, जो हम लोग राजनीतिक दलों से उम्मीद कर सकते हैं. खासकर मान्यताप्राप्त दलों से. ये पूरा एपिसोड लोगों के बीच यही धारणा छोड़ता है कि राजनीतिक दल न केवल अपराधियों को पालते हैं, बल्कि सच पूछिए तो उनको बढ़ावा देते हैं.

Read more