BMC चुनाव LIVE: मुंबई में कांग्रेस की हार पर निरुपम का इस्तीफ़ा

नई दिल्ली, (विनीत सिंह) : महाराष्ट्र की 10 महानगरपालिकाओं और 25 जिला परिषदों के साथ 283 पंचायत समितियों के लिए

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शासन करने के लिए परिपक्वता की आवश्यकता होती है

हफ्ते-दर-हफ्ते राजनीतिक संवाद का स्तर लगातार गिरता जा रहा है. अब यह कहा जा रहा है कि शरद पवार को

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बिहार चुनाव निराश कर रहा है

बिहार विधानसभा चुनाव तो लग रहा है कि पिछले सारे चुनावों के रिकॉर्ड तोड़ देगा. पहले यह माना जाता था

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महा-गठबंधन पर गिरेगी तीसरे मोर्चे की तलवार

बिहार में तेजी से बदलते चुनावी परिदृश्य में यह कहना बड़ा दुष्कर है कि किस गठबंधन की अगले दिन क्या

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ठेंगे पर चुनाव आयोग

पारदर्शिता की पुरजोर हिमायत करने वाली भारतीय जनता पार्टी चंदे का ब्यौरा देने में कोई पारदर्शिता नहीं बरत रही है,

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मोदी का सांकेतिक संदेश

आज तक विभिन्न राजनीतिक दल यह दावा करते आए हैं कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, लेकिन उनके वास्तविक

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बहुकोणीय मुकाबले में किसे होगा फ़ायदा

गठबंधन टूटने के बाद कौन सबसे अधिक फ़ायदे में रहेगा, सवाल यही है. पिछले कुछ सालों में जिस तरह से

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गठबंधन तोड़ने का फ़ायदा क्या है?

इस अफवाह में सच्चाई भी नज़र आती है. यह दु:खद है, क्योंकि पश्‍चिमी महाराष्ट्र में एनसीपी और कांग्रेस, दोनों दलों

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महाराष्ट्र में कांग्रेस एनसीपी गठबंधन : क्या चौथी बार सरकार बना पाएगा?

महाराष्ट्र के 8.28 करोड़ मतदाता आगामी 15 अक्टूबर को सिंगल फेज़ और एकदिवसीय मतदान में तेरहवीं 288 सदस्यीय विधानसभा एवं

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महाराष्‍ट्रः शीतयुध्‍द थमने के आसार नहीं

राज्य के वर्तमान परिदृश्यों को देखकर बिल्लियों से जुड़े दो किस्से याद आते हैं. पहला किस्सा है दो बिल्लियों का जो रोटी के लिए आपस में झगड़ा कर रही थीं. जब दोनों में सहमति नहीं बनी तो वे पड़ोसी बिल्ले के पास इस अपेक्षा के साथ गईं कि वह दोनों के बीच रोटी बराबर-बराबर बांट देगा, लेकिन बिल्ला बड़ा चालाक था. उसने रोटी को बराबर होने नहीं दिया और जब वह टुकड़े-टुकड़े करके पूरी रोटी खा गया, तब बिल्लियों की समझ में आया कि वे चालाक बिल्ले के चक्कर में फंसकर अपनी रोटी गंवा चुकी हैं.

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बिहार में एनसीपीः ताकत देने वाले ही हाशिये पर

साल दर साल पार्टी को ताक़त देने वाले ही अगर चुनाव के अहम मौक़े पर हाशिये पर चले जाएं तो क्या कहेंगे. धरना, प्रदर्शन, संगोष्ठी एवं सम्मेलनों में जिस युवा शक्ति की सालों ज़ोरदार भागीदारी रही, वही युवा ताक़त इन दिनों ख़ुद को हाशिये पर देख रही है. युवाओं को चुनाव में 65 फीसदी टिकट देने की शरद पवार की घोषणा का क्या होगा, यह तो समय बताएगा, पर फिलहाल जो हालात हैं, उनसे पार्टी के युवा साथी हताश-निराश हैं.

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