इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकारिता – 1

भारतीय सेना की एक यूनिट है टेक्निकल सर्विस डिवीजन (टीडीएस), जो दूसरे देशों में कोवर्ट ऑपरेशन करती है. यह भारत की ऐसी अकेली यूनिट है, जिसके पास खुफिया तरीके से ऑपरेशन करने की क्षमता है. इसे रक्षा मंत्री की सहमति से बनाया गया था, क्योंकि रॉ और आईबी जैसे संगठनों की क्षमता कम हो गई थी. यह इतनी महत्वपूर्ण यूनिट है कि यहां क्या काम होता है, इसका दफ्तर कहां है, कौन-कौन लोग इसमें काम करते हैं आदि सारी जानकारियां गुप्त हैं, टॉप सीक्रेट हैं, लेकिन 16 अगस्त, 2012 को शाम छह बजे एक सफेद रंग की क्वॉलिस गाड़ी टेक्निकल सर्विस डिवीजन के दफ्तर के पास आकर रुकती है, जिससे दो व्यक्ति उतरते हैं. एक व्यक्ति क्वॉलिस के पास खड़े होकर इंतज़ार करने लगता है और दूसरा व्यक्ति यूनिट के अंदर घुस जाता है.

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आवासीय ईलाकों में गैरकानूनी व्यवसायिक गतिविधियां

यह समस्या लगभग हर छोटे-बड़े शहर की है. आवासीय-रिहायशी इलाक़ों में लालची और स्वार्थी क़िस्म के लोग ऐसे-ऐसे व्यवसाय शुरू कर देते हैं, जिनकी वजह से उस इलाक़े में रहने वाले लोगों के लिए कई सारी समस्याएं खड़ी हो जाती हैं. मसलन, जहां अवैध गोदाम, पार्किंग, मोटर वर्कशॉप चल रहे हैं, जिनकी वजह से वहां प्रदूषण तो बढ़ ही रहा है, साथ ही वहां रहने वाले लोग भी परेशान रहते हैं.

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सच के सिपाही को धमकी

सवाल पूछना जनता का अधिकार है और यह अधिकार संविधान देता है, लेकिन सवाल पूछना कभी-कभी कितना तकलीफदेह हो सकता है, यह पिछले साल हुईं आरटीआई कार्यकर्ताओं की हत्याओं से साफ पता चलता है. कार्यकर्ताओं की हत्या, परेशान करने और धमकी देने के मामले तो लगभग हर महीने सामने आते रहते हैं.

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दिल्‍ली का बाबूः पीएमओ ने मांगी स़फाई

प्रधानमंत्री कार्यालय ने पंजाब और सिंध बैंक के नए मुखिया की नियुक्ति पर वित्त मंत्रालय की पसंद पर सवाल उठाए हैं. इस बैंक का मुखिया पारंपरिक रूप से एक सिख को बनाया जाता रहा है. जब जी एस बेदी का नाम इस बैंक के चेयरमैन पद के लिए चुना गया, तब पीएमओ ने कहा कि बैंक प्रमुख का चुनाव करते व़क्त उम्मीदवार की प्रतिभा पर ध्यान दिया जाना चाहिए, न कि किन्हीं अन्य बातों पर.

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घूस को मारिए घूंसा

चौथी दुनिया सूचना का अधिकार क़ानून अभियान के ज़रिए अपने पाठकों को बता रहा है कि कैसे आरटीआई क़ानून का इस्तेमाल कर आम आदमी भ्रष्ट तंत्र पर नकेल कस सकता है. कैसे यह क़ानून आम आदमी की रोज़मर्रा की समस्याओं (सरकारी दफ़्तरों से संबंधित) का समाधान निकाल सकता है.

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