लालू और राबड़ी को एयरपोर्ट पर नहीं मिलेगी विशेष सुविधाएं: केंद्र सरकार का फैसला

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी को शनिवार को करारा झटका लगा

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DU का फरमान : लड़कियां ठीक से कपड़े पहनें वरना होगी कार्रवाई

नई दिल्ली : दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रावास में छात्राओं को सही से कपड़े पहन कर आने के लिए नोटिस जारी किया

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अब योगी दरबार में पान-गुटखा खाने वालों की ‘नो एंट्री’

नई दिल्ली, (विनीत सिंह) : योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश का सीएम बनकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना शुरू कर

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समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका, रेप के मामले में गायत्री प्रजापति पर FIR

नई दिल्ली, (विनीत सिंह) : सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को ज़ोरदार झटका दिया है.

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बड़ी कठिन है न्‍याय की डगर

सब मानते हैं कि देर से मिला इंसा़फ भी नाइंसा़फी के बराबर होता है. इसके बावजूद हमारे देश में म़ुकदमे कई पीढि़यों तक चलते हैं. हालत यह है कि लोग अपने दादा और परदादा के म़ुकदमे अब तक झेल रहे हैं. इंसान खत्म हो जाता है, लेकिन म़ुकदमा बरक़रार रहता है. इसकी वजह से बेगुनाह लोग अपनी ज़िंदगी जेल की सला़खों के पीछे गुज़ार देते हैं. कई बार पूरी ज़िंदगी क़ैद में बिताने या मौत के बाद फैसला आता है कि वह व्यक्ति बेक़सूर है.

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निगाहें भ्रष्‍टाचार पर, निशाना 2014

अरविंद केजरीवाल और टीम अन्ना के बाक़ी सदस्य जब जुलाई 2012 के अनशन के लिए मांगों की लिस्ट तैयार कर रहे होंगे, तब उन्हें भी यह अहसास रहा होगा कि वे असल में क्या मांग रहे हैं? 15 दाग़ी मंत्रियों (टीम अन्ना के अनुसार), 160 से ज़्यादा दाग़ी सांसदों और कई पार्टी अध्यक्षों के खिला़फ जांच और कार्रवाई की मांग, अब ये मांगें मानी जाएंगी, उस पर कितना अमल हो पाएगा, इन सवालों के जवाब ढूंढने की बजाय इस बात का विश्लेषण होना चाहिए कि अगर ये मांगें नहीं मानी जाती हैं तब टीम अन्ना का क्या होगा, तब टीम अन्ना क्या करेगी?

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पंसारी पंचायत : जिसने लोगों की ज़िंदगी बदल दी

गांव के विकास में पंचायत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन अक्सर यह देखा जाता है कि पंचायतें अपनी भूमिका का निर्वहन सही तरीक़े से नहीं करती हैं, जिसके कारण लोगों के मन में यह धारणा घर कर गई है कि पंचायत के स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता है.

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पाकिस्तान में स्थानीय निकायों की बदहाली

विकेंद्रीकरण संघीय व्यवस्था को एक मजबूत आधार प्रदान करता है, लेकिन पाकिस्तान में तो विकेंद्रीरण कहीं दिखता ही नहीं है. सवाल यह है कि क्या राज्य सभी शक्तियां अपने पास रखने का अधिकारी है और वह स्थानीय निकायों को कोई भी अधिकार देना अस्वीकार कर सकता है? 18वें संविधान संशोधन के अनुसार, अनुच्छेद 270-एए का क्लॉज-1 लोकल गवर्नमेंट ऑर्डिनेंस 2001 को निरस्त करता है.

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सरकार चुप क्यों है

26 नवंबर, 2008 की त्रासदी को मुंबई के लोग अभी भूल भी नहीं पाए थे कि 13 जुलाई, 2011 को फिर से दिल दहला देने वाली घटना घट गई. महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार है, इसलिए कौन वहां की क़ानून व्यवस्था की स्थिति की आलोचना कर सकता है. बिना किसी सरकारी सहायता के मुंबई वालों को इस विपत्ति से उबरने में अपनी चिरपरिचित योग्यता का परिचय देना पड़ेगा.

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भाग्यशाली क़ैदी

बात बड़ी अजीब है, लेकिन सच है. दुनिया का सबसे उम्रदराज कैदी अपनी सज़ा पूरी किए बग़ैर रिहा कर दिया गया. गोरखपुर जेल में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे 108 वर्षीय बृजबिहारी की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे घर जाने की इजाज़त दे दी. बृजबिहारी पर महाराजगंज के जगन्नाथ मंदिर के महंत रामानुज दास की हत्या का आरोप है.

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अन्‍ना का आंदोलनः कुछ सवालों के जवाब जरूरी हैं

अन्ना का आंदोलन किस दिशा में जा रहा है? टीम अन्ना अपने बयानों में, अपनी बातों में और अपने विचारों में कितनी समानता रखती है? अन्ना रामदेव के साथ रामलीला मैदान में बैठने की बात करते हैं तो स्वामी अग्निवेश इसका विरोध करते हैं. फिर अगले ही दिन अन्ना रामलीला मैदान में रामदेव के सत्याग्रह पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में 8 जून को जंतर-मंतर पर एक दिन के अनशन की घोषणा करते हैं.

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अन्ना और रामदेव उम्मीद की एक किरण हैं

यह देश विश्वास का मारा हुआ है. इस देश ने हर उस आदमी पर भरोसा किया, जिसने कहा कि हम समस्याओं से निजात दिलाएंगे. एक ओर नेहरू, इंदिरा, राजीव एवं वी पी सिंह तो दूसरी ओर जनता ने डॉ. राम मनोहर लोहिया और जेपी पर भरोसा किया. लोहिया ने सबसे पहले मिली-जुली सरकार की शुरुआत की थी.

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समाजवाद क्या है

समाजवाद का मूल सिद्धांत है देश की कमाई को नए ढंग से बांटना. आपने शायद लक्ष्य नहीं किया हो, पर यह सत्य है कि देश की आय प्रत्येक दिन प्रत्येक क्षण बंटती रहती है और उस आय का बंटवारा होता ही रहेगा. जब तक देश में एक से अधिक व्यक्ति मौजूद रहेंगे, तब तक अहर्निश यह बंटवारा होता ही रहेगा.

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सिर्फ नोएडा नहीं पूरे देश में किसान हिंसक हो सकते हैं

कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की नीतियां कुछ और हैं और राहुल गांधी कुछ और बात करते हैं. सरकार भूमि अधिग्रहण से संबंधित वर्षों पुराने कानून में संशोधन की दिशा में कोई कदम नहीं उठाती और राहुल गांधी उसी कानून के तहत होने वाले भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हैं, लेकिन सिर्फ वहीं, जहां गैर कांग्रेसी दलों की सरकार है.

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पारिवारिक सर्वेक्षण सूचीः हजारों लोगों के नाम गायब

कमज़ोर बुनियाद पर ऊंची इमारत की हसरत पूरी नहीं हो सकती. अगर ऐसा होता है तो भविष्य में संकट का भय बना रहता है. हम बात कर रहे हैं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत सरकार द्वारा प्रदत्त उपभोक्ता वस्तुओं के वास्तविक लाभुकों की समस्याओं से.

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ईश निंदा कानूनः कितना धर्म, कितनी राजनीति

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गवर्नर सलमान तासीर की हत्या से पाकिस्तान के ईश निंदा क़ानून के औचित्य के बारे में परंपरावादियों एवं उदारवादियों के बीच कटु बहस छिड़ गई है. यह अत्यंत आश्चर्यजनक है कि पाकिस्तान में कट्टरपंथी तत्व तासीर के हत्यारे के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं.

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लोकपाल विधेयकः भ्रष्‍टाचार के खिलाफ कमजोर सरकारी हथियार

एक मंत्री की वजह से देश की जनता को एक लाख 76 हज़ार करोड़ रुपये का चूना लग जाता है और वही जनता अगर उस भ्रष्ट मंत्री के ख़िला़फ आवाज़ उठाए तो बहुत संभव है कि उसे देशद्रोही बताकर सलाखों के पीछे कैद कर दिया जाए. यह भी संभव है कि उक्त भ्रष्ट मंत्री को अपने किए की कोई सज़ा भी न मिले.

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कोई सुरक्षित नहीं

उत्तर प्रदेश में आम आदमी के साथ मंत्री, सांसद, विधायक और सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं हैं. आपराधिक घटनाओं के सरकारी आंकड़े भी इस बात की गवाही देते हैं. एक जनवरी, 2010 से 30 सितंबर, 2010 के दौरान नौ माह में प्रदेश में 3123 लोगों की हत्या कर दी गई.

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बढ़ेगा कारोबार, बढ़ेगा बिहार

कहा जाता है कि बेहतर राजनीतिक माहौल में ही आर्थिक उन्नति के अंकुर छिपे होते हैं. चुनावी सरगर्मी शुरू होते ही निज़ाम बदलने की संभावना ने कारोबारी जगत में हलचल पैदा कर दी है. आने वाला समय कैसा होगा, क्या कारोबारी जगत मौजूदा निज़ाम से खुश है, अगर है तो क्यों, क्या सभी वर्ग संतुष्ट हैं, कौन सी उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं और अब नई सरकार से क्या अपेक्षाएं हैं आदि विचार बिंदुओं पर हमने व्यापारी समाज का मन टटोलने की कोशिश की.

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मीडिया की भूमिका को समझे सरकार

सियालकोट में हुई नरसंहार की घटना अपने नागरिकों को सुरक्षा उपलब्ध कराने में पाकिस्तान सरकार की असफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है. भीड़ द्वारा पीट-पीट कर मार डालने के वीभत्स दृश्य हमारे टेलीविज़न स्क्रीन से भले दूर हो गए हैं, लेकिन दु:स्वप्न का सिलसिला अभी रुका नहीं है.

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नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र ब़ढते जा रहे हैं

मध्य प्रदेश सरकार राज्य में क़ानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी होने के लाख दावे करे, लेकिन इस हकीकत को सरकार छिपा नहीं सकी है कि राज्य में उग्रवादी नक्सली संगठन अपने पांव पसार रहे हैं. इसी कारण उनका प्रभाव क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है. सन्‌ 2000 में मध्य प्रदेश के पुनर्गठन की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद राज्य में केवल बालाघाट ज़िला ही नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता था, लेकिन अब राज्य सरकार के गृह विभाग ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें मंडला, डिंडोरी, सीधी और सिंगरौली जिलों को भी नक्सल प्रभावित मानने का प्रस्ताव भेजा है.

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