सीएमएस: जनता की नजर में बढ़ रहा है भ्रष्टाचार

सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) ने देश में भ्रष्टाचार की स्थिति को लेकर पिछले दिनों एक सर्वेक्षण किया. इंडिया करप्शन

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भूलकर भी ना करें ये गलतियां नहीं तो हो जाएंगे गंजे

आमतौर पर देखा जाए तो ज्यादातर लोग अपने झड़ते बालों की समस्या से बेहत परेशान है. बाल झड़ने की समस्या

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एक ऐसी मज़ार जहाँ फूल और चादर नहीं बल्कि चढ़ाई जाती हैं घड़ियाँ

भारत में ऐसी कई जगहें हैं जहाँ पर श्रद्धालु आते हैं और अपनी श्रद्धा के हिसाब से चीज़े चढ़ाते हैं

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जल्द धरे जाएंगे पाकिस्तान की जीत पर आतिशबाजी करने वाले

नई दिल्ली : चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान और भारत की टीम के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले में पाकिस्तानी टीम

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ओह तेरी! ये सांप तो सिर्फ मांस खाने वालों को बनाता है अपना निशाना

नई दिल्ली : दुनिया भर में सैकड़ों प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं जिनमें से कुछ इतने ज़हरीले होता हैं

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विदेशियों के सामने परोसी जा रहीं हैं नाबालिग लड़कियां, गिरफ्तार आरोपियों का खुलासा

गोवा पुलिस की गिरफ्त में आये उत्तम बेहरा ने पूछताछ में जो बताया है. वो बेहद हैरान करने वाला है,

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क्या कश्मीरी अवाम मोदी को पसंद करने लगी हैं?

लगता है कि पूरे हिंदुस्तान में ज़बरदस्त मोदी लहर चलाने के बाद भाजपा एक मात्र मुस्लिम राज्य यानी जम्मू-कश्मीर की

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पटना गांधी मैदान से शुरू होगी परिवर्तन की लड़ाई

भारतीय लोकतंत्र के लिए आने वाला समय काफी महत्वपूर्ण है. लोगों का इस व्यवस्था से भरोसा उठने और उसके नतीजे के तौर पर जनता के सड़क पर उतरने की घटनाएं लगातार जारी हैं. दामिनी वाली घटना में जिस तरह से युवा लगातार दिल्ली और देश के बाक़ी हिस्सों में आंदोलन कर रहे हैं, इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत माना जा सकता है.

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प्रधानमंत्री के नाम अन्ना की चिट्ठी

सेवा में,

श्रीमान् डॉ. मनमोहन सिंह जी,

प्रधानमंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली.

विषय : गैंगरेप-मानवता को कलंकित करने वाली शर्मनाक घटना घटी और देश की जनता का आक्रोश सड़कों पर उतर आया. ऐसे हालात में आम जनता का क्या दोष है?

महोदय,

गैंगरेप की घटना से देशवासियों की गर्दन शर्म से झुक गई.

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यह आम आदमी की पार्टी है

भारतीय राजनीति का एक शर्मनाक पहलू यह है कि देश के राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों की कमान चंद परिवारों तक सीमित हो गई है. कुछ अपवाद हैं, लेकिन वे अपवाद ही हैं. अगर ऐसा ही चलता रहा तो देश के प्रजातंत्र के लिए खतरा पैदा हो जाएगा. राजनीतिक दलों और देश के महान नेताओं की कृपा से यह खतरा हमारी चौखट पर दस्तक दे रहा है, लेकिन वे देश की जनता का मजाक उड़ा रहे हैं.

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उड़ीसा ने अन्‍ना हजारे को सिर-आंखों पर बैठाया : राजनीति को नए नेतृत्‍व की जरूरत है

अन्ना हजारे कार्यकर्ता सम्मेलन में शिरकत करने के लिए उड़ीसा दौरे पर गए. उनकी अगवानी करने के लिए बीजू पटनायक हवाई अड्डे पर हज़ारों लोग मौजूद थे, जो अन्ना हजारे जिंदाबाद, भ्रष्टाचार हटाओ और उड़ीसा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के नारे लगा रहे थे. अन्ना ने कहा कि हमारा काम बहुत बड़ा है और किसी को भी खुद प्रसिद्धि पाने के लिए यह काम नहीं करना है.

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एक अफसर का खुलासाः ऐसे लूटा जाता है जनता का पैसा

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शरद पवार के भतीजे अजीत पवार ने अपने पद से इस्ती़फा दे दिया है. हालांकि उनके इस्ती़फे के बाद राज्य में सियासी भूचाल पैदा हो गया है. अजीत पवार पर आरोप है कि जल संसाधन मंत्री के रूप में उन्होंने लगभग 38 सिंचाई परियोजनाओं को अवैध तरीक़े से म़ंजूरी दी और उसके बजट को मनमाने ढंग से बढ़ाया. इस बीच सीएजी ने महाराष्ट्र में सिंचाई घोटाले की जांच शुरू कर दी है.

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प्रकृति से जु़डी है हमारी संस्कृति

इंसान ही नहीं दुनिया की कोई भी नस्ल जल, जंगल और ज़मीन के बिना ज़िंदा नहीं रह सकती. ये तीनों हमारे जीवन का आधार हैं. यह भारतीय संस्कृति की विशेषता है कि उसने प्रकृति को विशेष महत्व दिया है. पहले जंगल पूज्य थे, श्रद्धेय थे. इसलिए उनकी पवित्रता को बनाए रखने के लिए मंत्रों का सहारा लिया गया. मगर गुज़रते व़क्त के साथ जंगल से जु़डी भावनाएं और संवेदनाएं भी बदल गई हैं.

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आडवाणी जी बधाई के पात्र हैं

श्री लालकृष्ण आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर एक कमेंट लिखा और उस कमेंट पर कांग्रेस एवं भाजपा में भूचाल आ गया. कांग्रेस पार्टी के एक मंत्री, जो भविष्य में महत्वपूर्ण कैबिनेट मंत्री बन सकते हैं, ने कहा कि भाजपा ने अपनी हार मान ली है. मंत्री महोदय यह कहते हुए भूल गए कि उन्होंने अपनी बुद्धिमानी से लालकृष्ण आडवाणी जी के आकलन को वैधता प्रदान कर दी.

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मिस्र : हमला लोकतांत्रिक रवैया नहीं

होस्नी मुबारक के विरोध में जब मिस्र में आंदोलन किया गया था, तब ऐसा लगा था कि इस देश में बदलाव आएगा, लोकतंत्र की बहाली होगी, लोगों की भावनाओं का आदर किया जाएगा, लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव होंगे और चुनाव में जनता जिसे समर्थन देगी, उसे सभी दल के लोग मानेंगे, लेकिन राष्ट्रपति के चुनाव के साथ ही दलों की मानसिकता सामने आने लगी है.

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सबसे आसान माध्यम

इतना सब कह चुकने के बाद एक मूल प्रश्न खड़ा होता है कि पैसा है क्या? किस चीज को हम पैसा कहें? कोई भला आदमी बहुत पैसे वाला है तो यह पैसा है क्या? अमुक व्यक्ति के पास बहुत रुपया है, यह रुपया है क्या? यानी रुपया-पैसा, धन-दौलत, रकम-वित्त, कुछ भी कहें, यह जानना ज़रूरी है कि इसका स्वरूप क्या है, इसकी रूपरेखा क्या है?

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अब बदलाव की नई कहानी का इंतज़ार है

देश की जनता को क्या इस बार भी निराश होना पड़ेगा और अगर निराश होना पड़ेगा तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छी ख़बर नहीं मानी जानी चाहिए. अन्ना हजारे ने जब रामलीला मैदान में आंदोलन किया, तब उनके साथ लोग बड़े विश्वास के साथ सारे देश में खड़े हो गए.क्या अन्ना हजारे और उनकी टीम उस विश्वास की रक्षा कर पाएंगे, जो देश के लोगों ने उन पर किया है?

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टीम अन्‍नाः मिलिए पर्दे के पीछे के नायकों से

आप जैसे ही अरविंद केजरीवाल के दफ्तर ग़ाज़ियाबाद के कौशांबी स्थित पीसीआरएफ पहुंचते हैं, वहां आपकों कई युवा लैपटॉप से जूझते नज़र आएंगे. कोई मोबाइल पर निर्देश देता नज़र आएगा तो कोई बैनर-पोस्टर संभालता हुआ. दरअसल ये सभी इंडिया अगेंस्ट करप्शन के बैनर तले चल रहे जन लोकपाल आंदोलन की तैयारी में व्यस्त हैं.

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आखिर कैसे बचेगा पाकिस्तान

हर ज़ुबान पर क्रांति और इंकलाब जैसे शब्द हैं. ग़रीब इससे कुछ हासिल होने की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि अमीर डरे हुए हैं. पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर और अब अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री शहबाज भट्टी की हत्या ने अवाम के बीच सिहरन पैदा कर दी है.

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हार का गम, पर हौसला नहीं कम

नीतीश कुमार से चुनावी पटखनी खाने के बाद भी बिहार के कई धुरंधरों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं. इन्हें लगता है कि उनकी या उनकी पार्टी की हार में जनता की नाराज़गी से कहीं ज़्यादा एनडीए का चुनावी प्रबंधन ज़िम्मेदार है.

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दिशाहीन भाजपा

प्रजातंत्र में विपक्ष का एक रोल होता है. देश की जनता अगर किसी दल को यह दायित्व देती है तो इसका मतलब यह है कि अगले पांच सालों तक वह पार्टी सरकार के कामकाज और नीतियों पर नज़र रखे. सरकार अगर कोई ग़लती करती है तो उसे जनता के सामने लाए और संसद में सत्तारू़ढ पार्टी से जवाब तलब करे.

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