जानिए आखिर प्रियंका गांधी ने क्यों कहा, जैसा पिता वैसा बेटा

गुजरात विधानसभा चुनाव और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों को मद्देनज़र रखते हुए राजनीतिक पार्टियाँ प्रचार करने में कोई कसर नहीं

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आखिर क्यों अमेठी- रायबरेली में प्रचार नहीं करेंगी प्रियंका

सपा के साथ गठबंधन करने के बद अब कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका वाड्रा गांधी रायबरेली व अमेठी में प्रचार

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव : मायावती, अखिलेश, प्रियंका और मोदी का अखाड़ा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि ये उत्तर प्रदेश का

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प्रशांत किशोर का मास्टर प्लान, डिंपल और प्रियंका को एक मंच पर लाने की तैयारी

नई दिल्ली (ब्यूरो, चौथी दुनिया):  उत्तर प्रदेश में सपा की दरार से प्रशांत किशोर की रणनीति को एक नया रास्ता

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सपा नेताओं की बेजा हरकतों पर फिर गुर्राए मुलायम : स़िर्फ बोलते हैं करते कुछ नहीं

मुलायम सिंह यादव केवल बोल रहे हैं, कुछ कर नहीं रहे हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव

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बिना ब्‍याज का कर्ज और सस्‍ती जमीन: यह रिश्‍वत नहीं तो क्‍या है

नए-नए बने राजनीतिक दल (अरविंद केजरीवाल द्वारा घोषित) ने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर एक साथ कई आरोप लगाए हैं. इन तमाम आरोपों में कई चीजें शामिल हैं और इनमें कई तथ्य एवं आंकड़े बहुत ही बड़े हैं, लेकिन इस सबके बीच अगर सिद्धांत की बात की जाए तो दो चीजें एकदम स्पष्ट हैं. पहला यह कि रॉबर्ट वाड्रा की कुल पहचान यही है कि वह सोनिया गांधी के दामाद हैं.

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रॉबर्ट वाड्रा को आरोपों का सामना करना चाहिए

रॉबर्ट वाड्रा ने जो किया, वह अनोखा नहीं है. जो भी बिजनेस में होते हैं, उनमें ज़्यादातर लोग ऐसे ही तरीक़े अपनाते हैं और अपनी संपत्ति बढ़ाते हैं. फर्क़ स़िर्फ इतना है कि उनका जुड़ाव सत्ता से नहीं होता, जबकि रॉबर्ट वाड्रा का रिश्ता सीधे सत्ता से है और सत्ता से भी इतना नज़दीक का कि वह वर्तमान सरकार को नियंत्रित करने वाली सर्वशक्तिमान महिला श्रीमती सोनिया गांधी के दामाद हैं और भारत के भावी प्रधानमंत्री, यदि बने तो, राहुल गांधी के बहनोई हैं.

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मई में होंगे मध्‍यावधि चुनाव

अंतत: कांग्रेस पार्टी और सरकार ने फैसला कर लिया कि उन्हें बजट सत्र के दौरान या बजट सत्र समाप्त होते ही चुनाव में चले जाना है. देश की आर्थिक स्थिति तेज़ी से बिगड़ रही है. इसलिए यह फैसला लिया गया. यह भी फैसला लिया गया कि क़डा बजट लाया जाए. जितने भी उपाय आम जनता को परेशानी में डालने वाले हो सकते हैं, उन उपायों को लागू कर दिया जाए. आने वाला बजट भारत के संविधान में दिए गए सारे आश्वासनों और विश्वासों के खिला़फ होने वाला है.

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