इंडियन एक्‍सप्रेस की पत्रकारिता- 2

अगर कोई अ़खबार या संपादक किसी के ड्राइंगरूम में ताकने-झांकने लग जाए और गलत एवं काल्पनिक कहानियां प्रकाशित करना शुरू कर दे तो ऐसी पत्रकारिता को कायरतापूर्ण पत्रकारिता ही कहेंगे. हाल में इंडियन एक्सप्रेस ने एक स्टोरी प्रकाशित की थी, जिसका शीर्षक था, सीक्रेट लोकेशन. यह इस अ़खबार में प्रकाशित होने वाले नियमित कॉलम डेल्ही कॉन्फिडेंशियल का एक हिस्सा थी.

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नारी की संपूर्णता प्रेम में निहित है

समय बदला, हालात बदले लेकिन नहीं बदली तो नारी की नियति. नारी सदैव प्रेम के नाम पर छली गई. उसने पुरुष से प्रेम किया, मन से, विचारों से और तन से. मगर बदले में उसे क्या मिला धोखा और स़िर्फ धोखा. पुरुष शायद प्रेम के महत्व को जानता ही नहीं, तभी तो वह नारी के साथ प्रेम में रहकर भी प्रेम से वंचित रह जाता है, जबकि नारी प्रेम में पूर्णता प्राप्त कर लेती है.

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दिल्ली का बाबुः बाबुओं के बाबु

पिछले दिनों एक पुराने मित्र के पी सिंह का दिल्ली में देहांत हो गया, जिससे बहुत से वरिष्ठ बाबुओं को आघात पहुंचा. वैसे तो के पी से पहले उनके बहुत से मित्रों का देहावसान हो चुका है, लेकिन उनकी याद में आयोजित कार्यक्रम में शीर्षस्थ बाबू बड़ी संख्या में मौजूद थे.

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अनुवाद से जगती उम्मीदें

हिंदी में अनुवाद की हालत बेहद ख़राब है. जो अनुवाद हो भी रहे हैं, वे बहुधा स्तरीय नहीं होते हैं. अनुवाद इस तरह से किए जाते हैं कि मूल लेखन की आत्मा कराह उठती है. हिंदी के लेखकों में अनुवाद को लेकर बहुत उत्साह भी नहीं है. अमूनन अनुवाद में लेखक तभी जुटते हैं, जब उनके पास या तो काम कम होता है या नहीं होता है.

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