यूनेस्को ने भारत के कई स्थानों की जैव विविधता को विश्व के लिए महत्वपूर्ण कृषि विरासत एवं खाद्य सुरक्षा के लिए उपयोगी मानते हुए उन्हें संरक्षित करने की बात कही है. 12वीं शताब्दी में ही रूस के प्रसिद्ध वनस्पति विज्ञानी निकोलाई वाविलो ने भारत को कई फसलों का उत्पत्ति केंद्र (ओरिजिन ऑफ क्रोप) बताया था. फिर भी जैव विविधताओं से भरे इस देश में जब एक किसान को विदेशी कंपनियों से बीज खरीदने पड़ें तो इसे क्या कहेंगे?
Tags: Agriculture, Conspiracy, Farmer, ICAR, India, Indian, banks, company, harvest, hunger, research, risk, seed, seed gene bank, अनुसंधान, आईसीएआर, कंपनी, किसान, कृषि, खतरा, फसल, बीज, बीज जीन बैंक, बैंक, भारत, भारतीय, भूख, साजिश Posted in कवर स्टोरी, कानून और व्यवस्था, पहला पन्ना, राजनीति, विदेश, विधि-न्याय, समाज by Author: शशि शेखर | 2 Comments » | Read More... |
अनंग प्रकाशन द्वारा प्रकाशित समकालीन गीतिकाव्य : संवेदना और शिल्प में लेखक डॉ. रामस्नेही लाल शर्मा यायावर ने हिंदी काव्य में 70 के दशक के बाद हुए संवेदनात्मक और शैल्पिक परिवर्तनों की आहट को पहचानने की कोशिश की है. नवगीतकारों को हमेशा यह शिकायत रही है कि उन्हें उतने समर्थ आलोचक नहीं मिले, जितने कविता को मिले हैं. दरअसल, समकालीन आद्यावधि गीत पर काम करने का खतरा तो बहुत कम लोग उठाना चाहते हैं.
Tags: Ananga, Author, Books, Hindi, Lyrics, Song, contemporary, craft, criticism, language, poetry, publishing, research, अनंग, आलोचक, कविता, काव्य, गीत, गीतिकाव्य, ग्रंथ, प्रकाशन, प्रकाशित, भाषा, लेखक, शिल्प, शोध, समकालीन, हिंदी Posted in जरुर पढें, समाज, साहित्य by Author: फ़िरदौस ख़ान | No Comments » | Read More... |
जहां चाह है वहां राह है, लेकिन अपनी मंज़िल की ओर बढ़ना जितना आसान है उतना ही कठिन भी. कुछ ऐसा ही हाल है अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च (आईपी यूनिवर्सिटी, दिल्ली) के 13 छात्रों का, जिन्होंने अपने सपने को साकार करने के लिए दिन रात मेहनत की. मगर हर बार निराशा ही हाथ लगी.
Tags: AUV, AUVSI, America, College, IIT, IP, Mechanics, NIOT, ONR, Robot, Student, Underwater, competition, inventions, project, research, science, scientist, technology, university, अंडरवाटर, अमेरिका, अविष्कार, आईआईटी, आईपी, एनआईओटी, एयूवी, एयूवीएसआई, ओएनआर, कॉलेज, छात्र, टेक्नोलॉजी, प्रतियोगिता, प्रोजेक्ट, मैकेनिक्स, यूनिवर्सिटी, रिसर्च, रोबोट, विज्ञान, वैज्ञानिक Posted in आर्थिक, कानून और व्यवस्था, जरुर पढें, पर्यावरण, राज्य, विधि-न्याय, समाज by Author: राजीव रंजन | No Comments » | Read More... |
बच्चों को पढ़ाई में बेहतर करने के लिए माता-पिता पता नहीं क्या-क्या करते हैं. अगर बच्चे कुछ अच्छा करते हैं तो वे बहुत ख़ुश होते हैं. वैसे अभिभावकों को बच्चों को पहेलियां हल करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. हो सके तो बच्चों को रोज़ाना पहेलियां सुलझाने के लिए कहना चाहिए. एक अध्ययन के अनुसार, पहेलियां हल करने से बच्चों का गणितीय कौशल बेहतर होता है.
Tags: Chicago University, Puzzles, mathematical, research, study, अध्ययन, गणितीय, पहेलियां, शिकागो यूनिवर्सिटी, शोधकर्ता Posted in जरुर पढें, समाज by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
सुनकर अजीब लगता है, लेकिन शोध तो यही कहते हैं कि बीयर फायदेमंद है. पानी और चाय के बाद विश्व का तीसरा सबसे लोकप्रिय पेय बीयर है. यह सबसे पुराना एल्कोहल युक्त पेय है, जिसका आजकल लोग सर्वाधिक व्यापक रूप से खुलकर प्रयोग करते हैं. हालांकि यह आज की पीढ़ी में एक आम आदत के रूप में शामिल हो गई है, लेकिन इसका हद से ज़्यादा प्रयोग कई बीमारियों को न्योता भी देता है.
Tags: alcohol, beer, carbohydrates, research, vitamins, एल्कोहल, कार्बोहाइड्रेट, बीयर, विटामिन, शोध Posted in जरुर पढें, स्वास्थ्य by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
ब्रिटेन में किए गए शोध में एक रोचक तथ्य सामने आया है कि वर्ष के दूसरे महीनों की तुलना में लोग जनवरी में अधिक झूठ बोलते हैं. शोध के मुताबिक़, जनवरी में लोग रोज़ाना सात झूठ बोलते हैं, जबकि बाक़ी के महीनों में वे रोज़ाना चार झूठ बोलते हैं. ब्रिटेन में प्रसारित होने वाले टीवी कार्यक्रम लाई टू मी की रिलीज के अवसर पर कराए गए सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि लोग जनवरी में औसतन 217 झूठ बोलते हैं.
Tags: Lie, UK, credit, debit, opportunity, research, अवसर, क्रेडिट, झूठ, डेबिट, ब्रिटेन, शोध Posted in जरुर पढें, समाज by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
आपने कौवे को कांव-कांव करते ज़रूर सुना होगा, लेकिन क्या कभी उसके इशारे देखे हैं? नहीं देखे, तो हम बताते हैं कि कौवे की प्रजाति के पक्षी रावेन बात करने के लिए मनुष्यों की तरह इशारे करते हैं, ऐसा वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया है.
Tags: Crows, German, biology, research, science, scientific, कौवे, जर्मनी, जीव, वैज्ञानिक, शोध, साइंस Posted in जरुर पढें by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
लोगों द्वारा बार-बार थैंक्स कहने से अगर आप बोर हो जाते हैं तो अब ख़ुद भी थैंक्स बोलना शुरू कर दीजिए, क्योंकि मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि शुक्रिया कहना सेहत के लिए अच्छा है. पिछले कई सालों से हो रहे शोध में उन्हें पता चल रहा है कि शुक्रिया कहना मानवता की सबसे तगड़ी भावना है.
Tags: health, humanity, research, spirit, thanks, थैंक्स, भावना, मानवता, शोध, सेहत Posted in जरुर पढें by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
देश जब आज़ाद हुआ तो 1961 में इस उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की स्थापना की गई कि यह संस्था भारत सरकार को शिक्षा से संबंधित सुझाव देगी और बताएगी कि देश के बच्चों को क्या पढ़ना चाहिए.
Tags: Central University, NCERT, UPSC, country, educational, national, research, training, अनुसंधान, एनसीईआरटी, केंद्रीय विश्वविद्यालय, देश, प्रशिक्षण, यूपीएससी, राष्ट्रीय, शैक्षिक Posted in आर्थिक, कवर स्टोरी-2, कानून और व्यवस्था, राजनीति, विधि-न्याय, समाज by Author: डॉ. कमर तबरेज | No Comments » | Read More... |
स्विटज़रलैंड में यूरोपीय परमाणु अनुसंधान केंद्र (सर्न) और इटली के वैज्ञानिकों ने घोषणा की है कि उन्हें ऐसे पार्टिकल मिले हैं जो प्रकाश की गति से तेज चलते हैं. वैज्ञानिक ख़ुद भी चकित हुए. पिछले दिनों वैज्ञानिकों ने घोषणा की कि उन्हें न्यूट्रिनो नामक पार्टिकल मिले हैं, जो प्रकाश की गति से भी तेज चलते हैं.
Tags: Atomic, Italy, Particle, Switzerland, research, scientist, अनुसंधान, इटली, परमाणु, पार्टिकल, वैज्ञानिक, स्विटज़रलैंड Posted in जरुर पढें, पर्यावरण, समाज by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
दुनिया में मूंगा चट्टानों को बचाने की कोशिशें इतनी धूमिल पड़ गई हैं कि अब यह योजना बनाई जा रही है कि भविष्य में इन्हें संरक्षित करने के लिए नमूनों को फ्रीज़ (जमा कर) करके रखा जाए. डेनमार्क में हुई एक बैठक में शोधकर्ताओं के उन साक्ष्यों पर चर्चा हुई कि मूंगे की बहुत सी प्रजातियां ऐसी हैं, जिनका बचना मुश्किल है.
Tags: climate, coral, reef, research, species, चट्टान, जलवायु, प्रजातियां, मूंगा, शोध Posted in जरुर पढें by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
|
जनता एक ज़िम्मेदार संसद का निर्माण करे |
|