मध्य प्रदेश की सड़कों को लेकर ये क्या बोल गये शिवराज, उड़ रहा है मज़ाक

मध्य प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश की सड़कों को लेकर एक बयान दिया है जिसे

Read more

मणिपुर : सत्ता पाने और बचाने के बीच जनता के मुद्दे गायब

हाल में मणिपुर के दो विधानसभा क्षेत्र इंफाल वेस्ट और इंफाल ईस्ट के म्यूनिस्पल कॉरपोरेशन के चुनाव हुए. इंफाल म्यूनिस्पल

Read more

सरदार सरोवर प्रभावित क्षेत्र : पुनर्वास के खोखले दावे

पुनर्वास नीति एवं पुनर्वास पर उच्चतम न्यायालय और नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के आदेश का उल्लंघन बड़े पैमाने पर चल

Read more

सरकारी दस्तावेज का निरीक्षण आपका अधिकार है

आरटीआई क़ानून में कई प्रकार के निरीक्षण की व्यवस्था है. निरीक्षण का मतलब है कि आप किसी भी सरकारी विभाग

Read more

सांप्रदायिकता की राजनीति

सांप्रदायिकता का आरोप झेलने वाले दल या व्यक्ति ये कैसे मान लेते हैं कि मुसलमानों का विरोध करना ही सांप्रदायिकता

Read more

फर्रु़खाबाद को अब धोखा बर्दाश्त नहीं

अरविंद केजरीवाल फर्रु़खाबाद गए भी और दिल्ली लौट भी आए. सलमान खुर्शीद को सद्बुद्धि आ गई और उन्होंने अपनी उस धमकी को क्रियान्वित नहीं किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि केजरीवाल फर्रु़खाबाद पहुंच तो जाएंगे, लेकिन वापस कैसे लौटेंगे. इसका मतलब या तो अरविंद केजरीवाल के ऊपर पत्थर चलते या फिर गोलियां चलतीं, दोनों ही काम नहीं हुए.

Read more

लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ मत कीजिए

सरकार का संकट उसकी अपनी कार्यप्रणाली का नतीजा है. सरकार काम कर रही है, लेकिन पार्टी काम नहीं कर रही है और हक़ीक़त यह है कि कांग्रेस पार्टी की कोई सोच भी नहीं है, वह सरकार का एजेंडा मानने के लिए मजबूर है. सरकार को लगता है कि उसे वे सारे काम अब आनन-फानन में कर लेने चाहिए, जिनका वायदा वह अमेरिकन फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशंस या अमेरिकी नीति निर्धारकों से कर चुकी है.

Read more

राष्ट्रीय शहरी सड़क विक्रेता नीति 2009 : सिर्फ़ क़ानून बनाने से काम नहीं चलेगा

पिछले कई वर्षों से फुटपाथों, पार्कों और सब-वे जैसे सार्वजनिक स्थलों पर सामान बेचने वाले विक्रेताओं की पहुंच सही उपभोक्ताओं तक न हो पाने का मामला दुनिया भर के बड़े शहरों में विवादग्रस्त बन गया है.

Read more

उत्तर प्रदेशः सत्ता के दावेदारों में घमासान

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पूर्व ही राजनीतिक तापमान दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. सत्ता की दावेदारी करने वाले प्रमुख राजनीतिक दलों ने सड़कों पर उतर कर अपनी राजनीतिक सक्रियता का प्रमाण देना शुरू कर दिया है.

Read more

काम के नाम पर खानापूर्ति

सरकार जनता का जीवन स्तर सुधारने के लिए उन्हें सड़क, पेयजल, बिजली, नाला, पुल जैसी मूलभूत सुविधा देने के लिए चाहे लाख कल्याणकारी योजनाएं बना ले, लेकिन सही मायने में ऐसी योजनाएं उसी के कारिदों की कारस्तानी के कारण पूरी तरह से धरातल पर उतरती नज़र नहीं आ रही है.

Read more

शहरीकरणः कब चेतेंगे हम

दुनिया में तेज़ी से हो रहे शहरीकरण के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ की हालिया रिपोर्ट के दो आंकड़े गौर करने योग्य हैं. पहला यह कि इस वर्ष के अंत तक विश्व की आधी आबादी शहरों में रहने लगेगी, जबकि भारत में 30 प्रतिशत लोग शहरी होंगे. दूसरा यह कि 2050 तक हिंदुस्तान की आधी आबादी महानगरों, नगरों एवं कस्बों में निवास करेगी और तब तक विश्व स्तर पर शहरीकरण का आंकड़ा 70 प्रतिशत पर पहुंच चुका होगा.

Read more

शहर इंसानों के लायक नहीं रहे

दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेल होने हैं. दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर के रूप में तैयार किया जा रहा था. बारिश ने सरकार और योजना बनाने वाले उच्च अधिकारियों की पोल खोल दी. देश की राजधानी में बारिश के पानी की निकासी का इंतज़ाम नहीं है. रिहायशी इलाक़ों से लेकर सड़कों तक पानी भर गया. ट्रैफिक जाम के चलते लोग घंटों रास्ते में फंसे रहे.

Read more

आपके शहर की सड़कें-गलियां कैसी हैं?

आपके शहर या मुहल्ले की सड़क बनने के एक महीने के भीतर ही टूट जाती है. फिर सालों तक उसकी मरम्मत नहीं होती? सड़क बनाने के लिए सरकार ने तो पूरा पैसा दिया था, तब इतनी घटिया सड़क क्यों बनी?

Read more

सौ किमी सड़क के लिए हजारों पेड़ों की बलि

रांची से हज़ारीबाग़ तक लगभग सौ किलोमीटर फोरलेन सड़क बनाने के लिए क़रीब बीस हज़ार पेड़ों को काटा जाएगा. इस परियोजना पर काम शुरू हो गया है. फोरलेन सड़क निर्माण के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने सड़क के किनारे स्थित पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी है.

Read more

दिल्‍ली का बाबूः नौकरशाहों का बढ़ा रुतबा

प्रशासन में विशेषज्ञ और सामान्य के बीच का मतभेद नया नहीं है और न ही यह बात किसी से छुपी है कि विशेषज्ञों को उनके काम के मुताबिक़ महत्व नहीं मिलता. इन दिनों सड़क परिवहन मंत्रालय के इंजीनियरों की फौज नौकरशाहों से ख़़फा है. इंजीनियरों का आरोप है कि नौकरशाह उन्हें किनारे करने की कोशिश कर रहे हैं.

Read more

सरकारी दस्तावेज़ देखना आपका अधिकार है

आरटीआई क़ानून में कई प्रकार के निरीक्षण की व्यवस्था है. निरीक्षण का मतलब है कि आप किसी भी सरकारी विभाग की फाइल, किसी भी विभाग द्वारा कराए गए काम का निरीक्षण कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, यदि आपके क्षेत्र में कोई सड़क बनाई गई है और आप उसके निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री से संतुष्ट नहीं हैं या सड़क की गुणवत्ता से संतुष्ट नहीं हैं तो आप निरीक्षण के लिए आवेदन कर सकते हैं.

Read more

बनते ही उखड़ती हैं सड़कें

मध्य प्रदेश में सड़कें बनने के तुरंत बाद टूटने लगती हैं. यह सिलसिला कांग्रेस और भाजपा, दोनों की सरकारों के दौरान बदस्तूर जारी है. इसका एक बड़ा कारण सरकारी निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और घपले- घोटाले हैं जिसके कारण निर्माण के गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जाता है. आरोप है कि अधिकारी केवल सरकारी पैसे खर्च करने और जल्दी-जल्दी निर्माण कार्य पूरा करने पर ही ध्यान देते हैं.

Read more