अब्दुल हामिद और मुमता़ज अवान प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे

शुजात बु़खारी के सुरक्षा गार्ड, अब्दुल हामिद टंच और मुमताज़ अवान, जिन्होंने उस हमले में अपनी जान गंवा दी, कश्मीरियों

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शुजात बु़खारी सच और साहस भरी पत्रकारिता की मशाल थे

किसी की मौत के बाद, उसकी पहचान उसके लिखे हुए और बोले हुए शब्द ही होते है, जो हमेशा हमारे

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शुजात बुखारी का आखिरी कॉलम, फेक न्यू़ज पत्रकारिता की बड़ी चुनौती

आज पत्रकारिता के समक्ष कई प्रकार की चुनौतियां है. ये चुनौतियां सामान्य रूप से तकनीकी विकास के कारण उत्पन्न हो

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