हिमालय में दवाओं का ख़ज़ाना

वनस्पति न स़िर्फ इंसानी जीवन, बल्कि पृथ्वी पर वास करने वाले समस्त जीव-जंतुओं के जीवन चक्र का एक अहम हिस्सा है. एक तऱफ जहां यह वातावरण को शुद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, वहीं दूसरी तऱफ इसकी कई प्रजातियां दवा के रूप में भी काम आती हैं. वन संपदा के दृष्टिकोण से भारत का़फी संपन्न है.

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अब गैंडों की बारी

टाइगर की घटती संख्याओं से तो सब वाक़ि़फ हैं. लेकिन अब बारी स़फेद गैडों की है. बात भारत की नहीं मध्य अफ्रीका की है. जी हां, अब मध्य अफ्रीका के स़फेद गैंडे भी खात्मे की कगार पर हैं. अफ्रीका के अलावा वियतनाम में जावन गैंडे भी क़रीबन लुप्त हो चुके हैं.

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जलवायु परिवर्तन और मूंगा

दुनिया में मूंगा चट्टानों को बचाने की कोशिशें इतनी धूमिल पड़ गई हैं कि अब यह योजना बनाई जा रही है कि भविष्य में इन्हें संरक्षित करने के लिए नमूनों को फ्रीज़ (जमा कर) करके रखा जाए. डेनमार्क में हुई एक बैठक में शोधकर्ताओं के उन साक्ष्यों पर चर्चा हुई कि मूंगे की बहुत सी प्रजातियां ऐसी हैं, जिनका बचना मुश्किल है.

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आदिवासी अल्पायु होते हैं

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट कहती है कि दुनिया के कई देशों में रहने वाली आदिम प्रजातियों के लोगों की आयु शेष जनसंख्या से कहीं कम होती है यानी वे दूसरों की तुलना में कम जीते हैं. संयुक्त राष्ट्र ने अपने इतिहास में पहली बार आदिम प्रजातियों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है. ये ऐसी जातियां हैं, जो किसी भी देश के ज्ञात इतिहास में सबसे पुराने समय से रह रही हैं.

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तक़दीर वाला भालू

फिलहाल यह भालू चार महीने का है, लेकिन इस प्रजाति के भालू वयस्क होने पर 350 किलोग्राम के हो जाते हैं. ये दुनिया के कुछ सबसे बड़े मांसाहारियों में शामिल हैं. एक अनाथ नर भालू पूर्वी यूरोप के देश स्लोवेनिया में लोगों को अपने कारनामों से हैरान कर रहा है. अब सरकार उसे वन्य जीव केंद्र में ले जाने का प्रयास कर रही है.

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गिरगिट का नया रंग

अभी तक आपने गिरगिट को स़िर्फ शरीर का रंग बदलते देखा होगा, लेकिन अब उसके खाने के भी रंग बदलते जा रहे हैं. जी हां, कल तक कीड़े खाने वाला गिरगिट आजकल फलों का शौक़ीन हो गया है. हाल ही में दक्षिणी फिलीपींस के जंगलों में फल खाने वाला एक विशाल गिरगिट मिला है. इसके मिलने की पुष्टि करने वाले केंसास विश्वविद्यालय के रफे ब्राउन ने डेलीमेल डॉट को डॉट यूके से कहा कि यह वारानस वंश की एक नई प्रजाति है.

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सुंदर होना गुनाह है

मनुष्यों में, चाहे वह पुरुष हो या महिला, सुंदर दिखने की चाहत से इंकार नहीं किया जा सकता. इंसानों में आकर्षक दिखने की होड़ लगी रहती है, लेकिन मछलियों में ऐसा नहीं होता. वैज्ञानिकों के एक नए शोध के मुताबिक़ मछलियों की एक खास प्रजाति में सुंदर होना अच्छा नहीं माना जाता, क्योंकि इससे उनके शुक्राणु की गुणवत्ता प्रभावित होती है.

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नर्मदा घाटी में कभी उड़ते थे डायनासोर

धरती का सबसे प्राचीन अतिविशालकाय जीव डायनासोर, जीव विज्ञानियों और धरती के इतिहासकारों के लिए रहस्यमय प्रजाति बना हुआ है. लगभग 6 से साढ़े 6 करोड़ साल पहले धरती पर विचरण करने वाले इन जीवों को लेकर सदियों से जीव विज्ञानी और प्राणी शास्त्री अध्ययन कर रहे हैं, लेकिन यह अध्ययन आज तक पूरा नहीं हुआ है, क्योंकि दुनिया में जब तब डायनासोर के जीवाश्म मिलने से इस जीव के बारे में नये रहस्यों का खुलासा होने लगता है.

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