जिस किसी ने भी यूज़ किया ये नंबर वो बेमौत मारा गया, जाने भूतिया नंबर की पूरी कहानी

नई दिल्ली, (विनीत सिंह) : अक्सर आप लोग भूत प्रेतों के किस्से और कहानियाँ सुनते होंगे लेकिन जिनमें या तो

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जितना कठिन संघर्ष उतनी ही शानदार जीत, छोटी सी मछली की संघर्ष गाथा

नई दिल्ली, (विनीत सिंह) : अक्सर जिंदगी में हमारे सामने कई मुश्किलें आती हैं जिनसे हमे दो चार होना पड़ता

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महिला अरब जासूस अमीना दाऊद मुफ्ती: मोहब्बत और इंतकाम की दास्तान

एक कहावत बेहद मशहूर है कि महिला मोहब्बत में अपनी जान खुशी-खुशी कुर्बान कर देती है और जब बदला लेने

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जड़ों की खोज का अनूठा प्रयास

अपनी जड़ों की खोज में निकली एक नवजवान गुयानीज़-अमेरिकी महिला पत्रकार गायत्रा बहादुर की साधारण और व्यक्तिगत भारत यात्रा एक

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समाज का दर्पण है ‘प्रिय कहानियां’

जाने-माने कवि, कथाकार व उपन्यासकार डॉ. लालजी प्रसाद सिंह की कहानियों का संग्रह प्रकाशित हुआ है. ‘प्रिय कहानियां’ शीर्षक वाले

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इंडियन एक्‍सप्रेस की पत्रकारिता- 2

अगर कोई अ़खबार या संपादक किसी के ड्राइंगरूम में ताकने-झांकने लग जाए और गलत एवं काल्पनिक कहानियां प्रकाशित करना शुरू कर दे तो ऐसी पत्रकारिता को कायरतापूर्ण पत्रकारिता ही कहेंगे. हाल में इंडियन एक्सप्रेस ने एक स्टोरी प्रकाशित की थी, जिसका शीर्षक था, सीक्रेट लोकेशन. यह इस अ़खबार में प्रकाशित होने वाले नियमित कॉलम डेल्ही कॉन्फिडेंशियल का एक हिस्सा थी.

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पूरे चांद की रात…

भारतीय साहित्य के प्रमुख स्तंभ यानी उर्दू के मशहूर अ़फसानानिग़ार कृष्ण चंदर का जन्म 23 नवंबर, 1914 को पाकिस्तान के गुजरांवाला ज़िले के वज़ीराबाद में हुआ. उनका बचपन जम्मू कश्मीर के पुंछ इलाक़े में बीता. उन्होंने तक़रीबन 20 उपन्यास लिखे और उनकी कहानियों के 30 संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं. उनके प्रमुख उपन्यासों में एक गधे की आत्मकथा, एक वायलिन समुंदर के किनारे, एक गधा नेफ़ा में, तूफ़ान की कलियां, कॉर्निवाल, एक गधे की वापसी, ग़द्दार, सपनों का क़ैदी, स़फेद फूल, प्यास, यादों के चिनार, मिट्टी के सनम, रेत का महल, काग़ज़ की नाव, चांदी का घाव दिल, दौलत और दुनिया, प्यासी धरती प्यासे लोग, पराजय, जामुन का पेड़ और कहानियों में पूरे चांद की रात और पेशावर एक्सप्रेस शामिल है. 1932 में उनकी पहली उर्दू कहानी साधु प्रकाशित हुई. इसके बाद उन्होंने पीछे म़ुडकर नहीं देखा.

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पुरानी तकनीक, कमज़ोर कहानी

समकालीन हिंदी कहानी के परिदृष्य पर नज़र डालें तो युवा कथाकारों ने अपनी कहानियों में शिल्प के अलावा उसके कथ्य में भी चौंकाने वाले प्रयोग किए हैं. आज की नई पीढ़ी के कहानीकारों के पास अनुभव का एक नया संसार है जिसको वे अपनी रचनाओं में व्यक्त कर रहे हैं. इस व़क्त के जो नए कथाकार हैं, उनके अनुभव में आर्थिक उदारीकरण के बाद देश में जो बदलाव आया है उसको सा़फ तौर पर परिलक्षित किया जा सकता है.

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मेक अप आर्टिस्ट : रिक बेकर

क्या कभी किसी ने सोचा था कि बचपन में अपने घर की रसोई के सामान से राक्षस का मेकअप करने वाले रिक बेकर किंग कांग (1976), एन अमेरिकन वेरेवोल्फ इन लंदन, स्टार वार्स, हेलबॉय, द वोल्फ मैन जैसी बड़ी-बड़ी फिल्मों में बतौर मेकअप आर्टिस्ट काम करेंगे.

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फैटसो

कैसा लगे, जब एक लंबी कोशिश के बाद जस्ट फ्रेंड बन जाए गर्लफ्रेंड और फिर शादी के लिए भी तैयार हो जाए. मगर जब फेरों का वक़्त आए तो दूल्हा खुद ही खो जाए. अब इस कंफ्यूजन में दुल्हन परेशान हो गई, क्योंकि मन में शादी के लड्‌डू फूट रहे हैं और दूल्हा खो ही गया.

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हिंदी पत्रकारिता अपनी जिम्मेदारी समझे

यह महीना हलचल का महीना रहा है. मुझसे बहुत सारे लोगों ने सवाल पूछे, बहुत सारे लोगों ने जानकारियां लीं. लेकिन जिस जानकारी भरे सवाल ने मुझे थो़डा परेशान किया, वह सवाल पत्रकारिता के एक विद्यार्थी ने किया. उसने मुझसे पूछा कि क्या अंग्रेजी और हिंदी पत्रकारिता अलग-अलग हैं. मैंने पहले उससे प्रश्न किया कि आप यह सवाल क्यों पूछ रहे हैं.

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समाज को आईना दिखातीं कहानियां

पेशे से राजनीति शास्त्र के प्राध्यापक और साहित्य को समर्पित डॉ. लालजी प्रसाद सिंह का कथा संग्रह मशहूर कहानियां उनकी क़रीब तीन दर्जन कृतियों, जिनमें कुछ कविता संग्रह, उपन्यास एवं अधिकांश कहानी संग्रह हैं, की ही चुनी हुई आठ कहानियों का संग्रह है.

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औरत की बोली

पिछले कई सालों से हिंदी में साहित्येतर विधाओं की किताबों के प्रकाशन में का़फी तेज़ी आई है. प्रकाशकों के अलावा लेखकों ने भी इस ओर गंभीरता से ध्यान दिया है. कई लेखकों ने कहानी, कविता, उपन्यास से इतर समाज के उन विषयों को छुआ है, परखा है, जो अब तक हिंदी समाज की नज़रों से ओझल थे.

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साहित्य जगत में तकनीकी क्रांति

वर्तमान समय तकनीक का युग हो गया है. इससे कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं रह गया है. भूमंडलीकरण की प्रक्रिया में दुनिया बहुत तेज़ी से सिकुड़ती और नज़दीक आती जा रही है. इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों में इंटरनेट एक ऐसा माध्यम हैं, जहां कथा साहित्य बहुतायत में उपलब्ध हो सकता है. हर क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. यही हमें साहित्य में भी देखने को मिल रहा है.

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पांच दशक से समीक्षा कर्म में लगे हैं मधुरेश

प्रेमचंद की मशहूर कहानी पंच परमेश्वर में अलगू चौधरी और खाला के बीच एक संवाद है- क्या बिगाड़ के डर से ईमान की बात न कहोगे. यह बात उस प्रसंग में कही गई है जब खाला, जुम्मन से परेशान होकर पंचायत करवानी चाहती है.

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