चुनाव आयोग के पास 32 करोड़ मतदाताओं के आधार कार्ड, आधार को वोटर कार्ड से लिंक किया तो…

वन वोट वन वैल्यू. अमीर-गरीब, सबके एक वोट का समान महत्व है. ऐसे में, अगर वोटर कार्ड को आधार से

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आधार कार्ड डेटा लीक मामले में निजता की सुरक्षा ज़रूरी, विचारों की आज़ादी पर सरकारी ग्रहण

मात्र 500 रुपये में एजेंट ने एक रिपोर्टर को आधार कार्ड पोर्टल की लॉगइन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करा दी.

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आधार का रहस्य – प्रधानमंत्री आधार कार्ड के समर्थक क्यों बने?

इस देश में अजीब माहौल बन गया है. सभी लोग अच्छी-अच्छी बातें बोलना और सुनना चाहते हैं. देश का भविष्य

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आधार कार्ड : देश को गिरवी रखने का षड्यंत्र

मैं यहां सांसदों को भी बताना चाहता हूं कि सर्वोच्च न्यायालय ने यह फैसला किया है कि आधार कार्ड अनिवार्य

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जब तोप मुकाबिल हो : कलंकित हो रहा है पत्रकारिता का आदर्श

आज जब पत्रकारिता पैसे लेकर लोगों के हितों को साध रही है. जर्नलिज़्म ऑफ करेज का लेबल देकर जर्नलिज़्म ऑफ़

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यूआईडीः नागरिकों के मूल अधिकारों के साथ खिलवाड़

जब लोकपाल बिल को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अन्ना हज़ारे का एक दिवसीय अनशन शुरू हुआ तो उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को जनलोकपाल बिल पर बहस करने की दावत दी, लेकिन सांसदों ने यह कहकर हंगामा खड़ा कर दिया कि इस बिल पर चर्चा करने का अधिकार केवल संसद को है, सड़क पर चर्चा नहीं होनी चाहिए. क्या सरकार और हमारे नेता इस बात का जवाब दे सकते हैं कि जब संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने यूआईडीएआई के चेयरमैन नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में जारी आधार स्कीम पर सवालिया निशान लगाते हुए उसे ख़ारिज करके सरकार से उस पर दोबारा ग़ौर करने के लिए कहा है तो फिर क्यों अभी तक यह कार्ड बनने का सिलसिला जारी है.

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यह कार्ड ख़तरनाक है- 2

यूआईडी कार्ड की कहानी इस तरह शुरू होती है. देश में एक विशिष्ट पहचान पत्र के लिए विप्रो नामक कंपनी ने एक दस्तावेज तैयार किया. इसे प्लानिंग कमीशन के पास जमा किया गया. इस दस्तावेज का नाम है स्ट्रेटिजिक विजन ऑन द यूआईडीएआई प्रोजेक्ट.

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कविता संयुक्त निदेशक बनेंगी

1985 बैच की आईएएस अधिकारी डॉ. कविता गुप्ता को विदेश व्यापार महानिदेशालय में संयुक्त निदेशक बनाया जा सकता है. वह संजय रस्तोगी का स्थान लेंगी.

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यूआईडीः यह कार्ड खतरनाक है

वर्ष 1991 में भारत सरकार के वित्त मंत्री ने ऐसा ही कुछ भ्रम फैलाया था कि निजीकरण और उदारीकरण से 2010 तक देश की आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी, बेरोज़गारी खत्म हो जाएगी, मूलभूत सुविधा संबंधी सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी और देश विकसित हो जाएगा. वित्त मंत्री साहब अब प्रधानमंत्री बन चुके हैं.

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