दुनिया में स़फेद बाघ, रीवा की ही देन है, लेकिन मध्य प्रदेश के वन्यप्राणी संरक्षण और वन प्रबंधन कार्यक्रमों की खामियों के कारण अब सफेद बाघ अपनी जन्मभूमि में ही अस्तित्वहीन हो चुका हैं, लेकिन चार दशक बाद अब एक बार फिर सफेद बाघ को रीवा में बसाने के लिए भारत सरकार और राज्य सरकार तैयारी कर रही हैं.
सतना ज़िले के 1700 गांव में से 200 गांवों में भूजल में नाइट्राइट के मिलने की पुष्टि हुई है. इस खबर के बाद स्थानीय ग्रामीणों के चहरे पर खुशी के भाव मिल रहे हैं, तो दूसरी ओर प्रदूषण विभाग के लिए यह विषय चिंता का कारण बना हुआ है. नाइट्राइट एक प्रकार का सूचक होता है जो यह बताता है कि धरती के सैकड़ों फिट नीचे भूजल तक ऊपर का प्रदूषण पहूंच चुका है.
मध्य प्रदेश का एक छोटा सा गांव करौंदी, देश की भौगोलिक सीमाओं के केंद्र बिन्दु में स्थापित है. यह गांव डॉ. राममनोहर लोहिया, आध्यात्मिक गुरु महर्षि महेश योगी और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के विचारों और आन्दोलनों का मुख्य प्रेरणास्त्रोत बना रहा है.
कहते हैं कि भारत चमत्कारों का देश है. यहां ऐसे-ऐसे आश्चर्यजनक, अजब-ग़जब और अद्भुत समाचार मिल जाते हैं, जो और कहीं नही मिलते. पर कभी-कभी कुछ समाचार ऐसे होते हैं कि विश्वास ही नहीं होता कि हम 21वीं सदी में जी रहे हैं. कछारी गांव इसका जीगता-जागता उदाहरण है.
मगध प्रमंडल के गया ज़िले के अतरी प्रखंड में नरावट पंचायत के साठ दलित परिवारों ने दृढ़ इच्छाशक्ति, सामूहिकता एवं एकता की जो मिसाल क़ायम की है, वह समाज के सभी वर्गों के लिए प्रेरणाप्रद है. मुरली पहाड़ी की तलहटी में बसा है नरावट पंचायत का टोला वनवासी नगर.
इस बात पर बहस हो सकती है कि किसी आदमी के लिए कुत्ता किसिम का, कुत्ता कहीं का जैसा जुमला गाली है या व़फादारी की पदवी. गांव-गली के कुत्ते अपने इलाक़े की पहरेदारी करते हैं. कहीं भी कोई ग़ैर मामूली हरक़त हुई कि वे चौकन्ने हो जाते हैं और ज़रूरत पड़ी तो भौंकने भी लगते हैं कि होशियार-ख़बरदार.