जनरल वी के सिंह भारतीय सेना के इतिहास के एक ऐसे सिपाही साबित हुए हैं, जिसने सेना में रहते हुए भी देश हित में भ्रष्टाचार के खिला़फ जंग लड़ी और सेना से रिटायर होने के बाद भी अपनी उस लड़ाई को जारी रखा. जनरल वी के सिंह जब तक सेना में रहे, वहां व्याप्त भ्रष्टाचार के खिला़फ आवाज़ उठाते रहे और पहली बार ऐसा हुआ कि सेना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के बारे में उस आम आदमी को पता चला, जिसके पैसों की खुली लूट सेना में मची हुई थी तथा अभी भी जारी है.
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कैप्टन लक्ष्मी सहगल कभी पहचान की मोहताज नहीं रहीं. उनकी ज़िंदगी का हर पड़ाव उनके राजनीतिक उदय की एक अप्रत्याशित कहानी कहता है. आज़ाद हिंद फौज में कैप्टन बनने से लेकर 2002 में राष्ट्रपति के चुनाव लड़ने तक वह भारतीय राजनीति में सकारात्मक भूमिका निभाती रहीं. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की क़रीबी मानी जाने वाली लक्ष्मी सहगल का 94 वर्ष की उम्र में कानपुर में निधन हो गया.
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सीरिया की समस्या बढ़ती जा रही है. हिंसा और प्रतिहिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. अरब लीग के विशेष दूत को़फी अन्नान की शांति योजना भी सफल होती दिखाई नहीं दे रही है. को़फी अन्नान ने कहा है कि सीरिया गृह युद्ध की ओर बढ़ रहा है.
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सोवियत संघ के विघटन के बाद माना जाने लगा कि शीत युद्ध ख़त्म हो गया है. ऐसा इसलिए, क्योंकि सोवियत संघ के विघटन के बाद साम्यवादी खेमा कमज़ोर हो गया था. रूस सामरिक तौर पर तो मज़बूत था, लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह वैश्विक स्तर पर साम्यवाद के प्रसार के लिए मुहिम छेड़ सके.
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पिछले कुछ दशकों में अमेरिका को इसी तीसरे विश्व के देशों ने चुनौती देने का काम किया है. इन देशों की बड़ी आबादी इनका अभिशाप न रहकर इनकी शक्ति बन गई और उसी वैश्वीकरण ने, जिसने अमेरिका को चोटी पर पहुंचाया था, इन देशों को वह दिया, जिसकी तलाश पश्चिमी देशों को थी, मार्केट या बाज़ार. साथ ही आर्थिक विकास के चलते यह देश विश्व के कारखाने बनकर उभर गए और अपने अंतरराष्ट्रीय दोहन के विरुद्ध लामबंद होने लगे.
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क्या रावण के साथ न्याय हुआ था? उसने तो राम से अपनी बहन सूर्पनखा की नाक काटने का बदला लेना चाहा था और इसलिए सीता को अगवा किया. क्या यह कारण इतना बड़ा था कि लंका नगरी को ही तबाह कर दिया जाए और उसके साथ-साथ सैकड़ों लोगों को भी मार डाला जाए और मार डाला जाए रावण के सारे बेटों को और फिर उसे भी?
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अन्ना हजारे दूसरे गांधी के रूप में उभर रहे हैं. हर अख़बार उनके स्तुतिगान से लबरेज है. लोकपाल बिल का मसौदा तैयार करने वाली समिति में सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों को शामिल करने की अन्ना की मांग यूपीए सरकार ने मंजूर कर ली.
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देश एक कन्फ्रंटेशन की ओर बढ़ रहा है. कन्फ्रंटेशन देश के हित में है या नहीं है, अभी यह नहीं कह सकते हैं, पर कन्फ्रंटेशन क्यों और किस तरह का होने वाला है, इसे थोड़ा समझने की कोशिश करनी चाहिए. भ्रष्टाचार इन दिनों देश में केंद्रीय विषय बना हुआ है और अन्ना हजारे, जिनकी वजह से देश में एक जागृति आई, देश भर में घूमने की योजना बना रहे हैं.
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22 जून, 1897 को रैंड को मौत के घाट उतार कर भारत की आज़ादी की लड़ाई में प्रथम क्रांतिकारी धमाका करने वाले वीर दामोदर पंत चाफेकर का जन्म 24 जून, 1869 को पुणे के ग्राम चिंचवड़ में प्रसिद्ध कीर्तनकार हरिपंत चाफेकर के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में हुआ था. उनके दो छोटे भाई क्रमशः बालकृष्ण चाफेकर एवं वासुदेव चाफेकर थे.
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पहले सेना ने और अब सेवानिवृत्त हो चुके वरिष्ठ सेना अधिकारियों ने सरकार की प्रस्तावित सेना तैनाती नीति को लेकर अपना विरोध प्रगट किया है. जो बात सरकार को समझनी चाहिए, उसे भारत की सेना सरकार को समझाने की कोशिश कर रही है कि विकास के काम में युद्ध स्तर की तेज़ी लाए और भ्रष्टाचार के दोषी सिविल पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों को मध्यकालिक सख्ती वाली सज़ा दिए बिना,
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जनता एक ज़िम्मेदार संसद का निर्माण करे |
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