महोदय
मैं आपका
ध्यान आज के शिक्षा के शेटर मैं हुए पतन की तरफ दिलाना छह रहा हुईं तथा लोकतंतर के चोथे सतम्भ को ये अपील करूँगा की वो आगे आये और इस पर दिन पर दिन लेख लिखे ताकि इन बहरे सरकारों और authority पर कोई असर हो क्यों की आज जो शिक्षा का vayvsayiikaran और निजीकरण हो गया है वो आने वाली पीढ़ी और देश का भट्ठा बेठा देगा. क्योकि आज जिस देश मैं ४०० जिले न हो वहा पर पैसे के खेल पर ४६० से अधिक विशाविदालय मटर और मटर भर्ष्टाचार के दानव की दें है.इन विशाविदाद्लय मैं से अधिकांश द्वारा चलाये जा रहे डिस्टेंस एजुकेशन के खेल से मटर और मटर डिग्री धरी जनता पैदा हो रही है बाकि कोई भला नहीं हो रहा है क्योकि पैसे लेकर जिस तरह से डिग्री बनती जा रही है वो कही छ्हिपा नहीं है ,आज पैसे देकर बेक डेट की डिग्री लेना शायद इतना आसन है जितना किसी प्राइवेट स्कूल मैं धकिला .अतः मैं आपसे निवेदन करूँगा की इस विषय मैं लिखे तथा इस से सम्बंधिटी भुत सरे तथ्यात्मक आन्करे मैं उपलब्ध करवा सकता हुईं
हर्ष वर्धन
महोदय
मैं आपका
ध्यान आज के शिक्षा के शेटर मैं हुए पतन की तरफ दिलाना छह रहा हुईं तथा लोकतंतर के चोथे सतम्भ को ये अपील करूँगा की वो आगे आये और इस पर दिन पर दिन लेख लिखे ताकि इन बहरे सरकारों और authority पर कोई असर हो क्यों की आज जो शिक्षा का vayvsayiikaran और निजीकरण हो गया है वो आने वाली पीढ़ी और देश का भट्ठा बेठा देगा. क्योकि आज जिस देश मैं ४०० जिले न हो वहा पर पैसे के खेल पर ४६० से अधिक विशाविदालय मटर और मटर भर्ष्टाचार के दानव की दें है.इन विशाविदाद्लय मैं से अधिकांश द्वारा चलाये जा रहे डिस्टेंस एजुकेशन के खेल से मटर और मटर डिग्री धरी जनता पैदा हो रही है बाकि कोई भला नहीं हो रहा है क्योकि पैसे लेकर जिस तरह से डिग्री बनती जा रही है वो कही छ्हिपा नहीं है ,आज पैसे देकर बेक डेट की डिग्री लेना शायद इतना आसन है जितना किसी प्राइवेट स्कूल मैं धकिला .अतः मैं आपसे निवेदन करूँगा की इस विषय मैं लिखे तथा इस से सम्बंधिटी भुत सरे तथ्यात्मक आन्करे मैं उपलब्ध करवा सकता हुईं
हर्ष वर्धन