बाबा रामदेव और अन्ना हजारे जरूरत से ज्यादा और अनावश्यक उबल पड़े. बाबा न कहा ”इन विदेशी बैंक मैं खातेवालों को फांसी पर टांगो.अन्ना ने कहा एक गाल पर ही चांटा क्यों मारा. फिर अन्ना ने कहा कांग्रेस का विरोध चुनावों मैं करूँगा. ये सब कथन बडबोले कथन हैं . इन कथनों का कांग्रेस ने भरपूर लाभ उठाया ,और दोनों का गुरुत्वाकर्षण कम, अपने आप हो गया. सुभ्रम मन्नियम स्वामी चुपचाप अपना कम किये जा रहें हैं. कांग्रेस उनका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती.
मोहम्मद रफीक चौहान ( एडवोकेट)
मुख्य प्रदेश संयोजक
हरियाणा मुस्लिम खिदमत सभा
“यदि किसी को बोतल में उतारा हो और मुसलमानों बेवकुफ बनाना सिखना है तो वो हरियाणा वाक्फ बोर्ड के अधिकारियों से सिखे” यह कथन पिछले दिनों हरियाणा वक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने करनाल(हरियाणा) में हरियाणा वाक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने सिद्ध करके दिखा दिया। आज से लगभग तीन महीने पहले हरियाणा वाक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने करनाल स्थित चांदसराय चलते कब्रिस्तान खसरा नं. 4489 को कुछ भू माफियों को मोटी रकम लेकर पट्टे पर दे दिया और भू माफियों ने उसके प्लाट बनाकर वाक्फ अधिकारियों की मिली भगत से आगे लोगों को बेचने शुरु कर दिए। यही नहीं इन भू माफियों ने इस कब्रिस्तान की कब्रों को जे बी सी मशीन की मदद से उखाड़ डाला। जब स्थानीय मुसलमानों ने इसका विरोध किया और जिला प्रशासनिक अधिकारियों को इस बारे में शकायत की, तो कुछ मुस्लमानों को अपने पक्ष में करके और उन्हें इस कब्रिस्तान में 1200 गज जगह मदरसे के नाम देने का वायदा करके स्थानीय मुसलमानों के संगठन को फलीता लगा दिया तथा भू माफियों को प्लाट बेचने और कब्रें उखाड़ने का रास्ता साफ कर दिया।
दूसरी और हरियाणा मुस्लिम खिदमत सभा द्वारा सूचना के अधिकार नियम के अन्तर्गत पट्टेदारियां का रिकार्ड मांगने पर यह कहकर इन्कार कर दिया कि हरियाणा वक्फ बोर्ड सूचना के अधिकार नियम के अन्तर्गत आता ही नहीं। क्योंकि वाक्फ बोर्ड एक धार्मिक संस्था है। लेकिन हरियाणा वाक्फ बोर्ड के अधिकारी शायद यह जानते ही नहीं कि सूचना के अधिकार नियम की धारा 2(एच) के अन्तर्ग्त जिस विभाग या संस्था का गठन भारतीय संविधान के प्रवधानों एंव संसद, विधानसभा द्वारा पारित अधिनियमों और किसी विधिवत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के माध्यम से होता वह संस्थाऐं सूचना के अधिकार नियम के अन्तर्गत आती हैं। जबकि हरियाणा वाक्फ बोर्ड का गठन वाक्फ अधिनयम 1995 की धारा 13(1) के अन्तर्गत तथा हरियाणा सरकार द्वारा 1 अगस्त, 2003 को जारी अधिसूचना के आधार पर किया गया है। फिर ऐसे में हरियाणा वाक्फ बोर्ड के अधिकारियों द्वारा यह कहना कि हरियाणा वाक्फ बोर्ड सूचना के अधिकार नियम के अन्तर्गत नहीं आता मुसलमानों को बेवकुफ बना नहीं तो और क्या है?
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चुनाव आयोग हाथी को कपड़े पहना सकता है,बोतल में पेट्रोल की बिक्री रुकवा सकता है,लोगों पर पैसा लाने ले जाने पर बंदिशें लगा सकता है ,क़ानून मानने वाले नागरिकों के वैध हथियार ज़ब्त करवा सकता है(अवैध हथियारों पर कोई पाबंदी नहीं) तथा और कई तरहा की उलजलूल और बेसिरपैर की हद दर्जे की बेवकूफ़ाना और अहमकाना पाबंदियाँ लगा सकता है तो क्या यह सी बी आई को कुछ दिनों के लिए पट्टा नहीं डाल सकता ?ये सी बी आइ के छापे ग़ैरकोंग्रेसी सरकारों के मामलों में ही क्यों पड रहे हैं,कॉम्मोनवेल्थ ,आदर्श,2जी,4जी,अवैध खनन,विदेशों में जमा काले धन के बारे में करवाई क्यीं नही हो रही? क्या चुनाव आयोग(अयोग्य) को यह सब दिखाई नही देता ? इस सच को कोई नहीं झुठला सकता की यू पी ए सरकार सी बी आई का गलत इस्तेमाल अपने चिदंबरम जैसे महाभ्रष्ट (वैसे तो यू पी ए खुद में ही भ्रष्टाचारियो का गिरोह है) लोगों को बचाने और विरोधिओं को फंसाने के लिए कर रही है .चुनावी मौसम में छापों का सिलसिला और भी तेज़ हो गया है और इनके समाचार भी हमारे भ्रष्टतम मिडिया में बड़े ही योजनाबद्ध तरीके से प्लांट किये जा रहे हैं जिससे विपक्शिओं पर कालिख पोती जा रही है और भ्रष्ट कांग्रेस को भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए संघर्षरत पार्टी के रूप में पेश किया जा रहा है ,क्या यह सब धांधली इस तथाकथित निष्पक्ष चुनाव आयोग को दिखाई नहीं दे रही?
किसी पर कालिख पोतना,जूता / चप्पल चलना आदि कुकृत्य करने वालों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए लेकिन जिन लोगों के साथ ये घटनाएं होती हैं वे खुद को महान साबित करने की लालसा में अपराधी को माफ़ करने का ऐलान कर देते है जिससे की दूसरे अपराधी मनोवृति वाले और सस्ता प्रचार पाने के इच्छुक लोग और अधिक उत्साहित होते हैं.
The Apex Court must take up this vital issue of EVM vulnerable to manipulations at its earliest otherwise electoral process in India will become a farce as the experts have proved their claim live on television and the arrest of the expert on flimsy grounds compel us to doubt the intentions of the Ill Reputed and Corrupt Govt.
This is another naked example of misuse of corrupt and shameless media by corrupt UPA Govt. to malign reputation of the people who don’t agree with its unconstitutional and anti national conspiracies,and this time ,it is the turn of Gen. Singh. Shame on the Corrupt Political Leadership
इंडिया अगेंस्ट करप्शन नामक नौटंकी के निर्माता,निदेशक और कलाकार इतने मंझे हुए प्रोफेशनल और उच्च कोटि के कपटी और मक्कार निकले की अच्छे भले समझदार लोग भी यह नहीं सोच पाए की जो लोग इस भ्रष्ट सरकार की कृपा से अपने NGOsके नाम पर करोड़ों रूपए की ग्रांट (समाज सेवा के बहाने) लेकर मौज करते हैं और इसी कारण जिनकी गर्दन हमेशा सरकार के शिकंजे में रहती है ,वे कैसे इस भ्रष्ट सरकार के खिलाफ एक मोर्चा खोल सकते हैं . अब ये जनता को भ्रमित करने में लग गए हैं ताकि इन चुनावों में कांग्रेस को फायदा पहुँचाया जा सके. एक तरफ केजरीवाल का कहना है की यह बिल खाली डिब्बा है तो दूसरी तरफ प्रशांत भूषण बड़ी बेशर्मी से दांत निपोरते हुए यह दावा करता है की यह एक अच्छी शुरुआत है . अन्ना साहेब नारा बुलंद करते थे : ‘दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए ‘. जान देना तो दूर की बात रही ,जब वक्त आया मैदान में डट कर लोगों की रहनुमाई करने का और भ्रष्ट व्यवस्था को जड़ से उखाड़ने का तो ये महारथी अस्पताल में जा बिराजे और बोले की अभी वे आराम फरमाएंगे लेकिन इसके साथ ही इन्होंने उन विपक्षी दलों के खिलाफ भी बयानबाजी शुरू कर दी जिन्होंने खुलकर इनका साथ दिया. राजनितिक दल तुम बनाओगे नहीं ,चुनाव तुम लड़ोगे नहीं, विपक्षी दलों को तुम कांग्रेस से भी ज्यादा भ्रष्ट घोषित करते हो ,तो फिर लोगों को किसे वोट देने के लिए कहोगे ? ज़ाहिर है ,जो कम भ्रष्ट होगा और तुम्हारी नज़र में कांग्रेस विपक्षी दलों से कम भ्रष्ट है इस लिए जनता की वोट की हक़दार भी वही है . वाह , क्या खेल खेला है इस देश की जनता के साथ .
We don’t know whether or not Anna deserted Indian Army in the year 1965 while fighting against Pakistan,what we know is the Fact that Anna certainly has deserted the people,especially the youth of this country by putting up a halt to people’s movement against Corruption.Now team Anna is in action again to create an environment to help congress and defame the Parties supporting JanLokpal Bill
झूठ,फरेब,बेईमानी और मक्कारी में कांग्रेस का वाकई कोई जवाब नहीं. भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ बाबा रामदेव द्वारा चलाए जा रहे आन्दोलन को भ्रष्ट कांग्रेस सरकार ने टीम अन्ना द्वारा अपहृत करवा लिया और धनबल से हमारे तथाकथित महान लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ,निर्लज्ज और बिकाऊ मीडिया की साजिशी मदद से अन्ना के फर्जी आन्दोलन को एक महान जन आन्दोलन के रूप में पेश किया. लोगों की भावनाओं और उम्मीदों को आकाश की ऊंचाइयों पर पहुँचाने के बाद इस इस आन्दोलन की हवा निकल दी और आम आदमी की उम्मीदों का खून कर दिया.
A nexus between UPA Govt.,Team Anna and Media is being exposed. It acted very precisely,skillfully with perfect professionalism to defuse Baba Ramdev’s crusade against Black money and Corruption. Their aim is to demoralize people and make them believe that nothing can change this system so bear with the same.Its a very deep rooted conspiracy against our people.
बाबा रामदेव और अन्ना हजारे जरूरत से ज्यादा और अनावश्यक उबल पड़े. बाबा न कहा ”इन विदेशी बैंक मैं खातेवालों को फांसी पर टांगो.अन्ना ने कहा एक गाल पर ही चांटा क्यों मारा. फिर अन्ना ने कहा कांग्रेस का विरोध चुनावों मैं करूँगा. ये सब कथन बडबोले कथन हैं . इन कथनों का कांग्रेस ने भरपूर लाभ उठाया ,और दोनों का गुरुत्वाकर्षण कम, अपने आप हो गया. सुभ्रम मन्नियम स्वामी चुपचाप अपना कम किये जा रहें हैं. कांग्रेस उनका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती.
मोहम्मद रफीक चौहान ( एडवोकेट)
मुख्य प्रदेश संयोजक
हरियाणा मुस्लिम खिदमत सभा
“यदि किसी को बोतल में उतारा हो और मुसलमानों बेवकुफ बनाना सिखना है तो वो हरियाणा वाक्फ बोर्ड के अधिकारियों से सिखे” यह कथन पिछले दिनों हरियाणा वक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने करनाल(हरियाणा) में हरियाणा वाक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने सिद्ध करके दिखा दिया। आज से लगभग तीन महीने पहले हरियाणा वाक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने करनाल स्थित चांदसराय चलते कब्रिस्तान खसरा नं. 4489 को कुछ भू माफियों को मोटी रकम लेकर पट्टे पर दे दिया और भू माफियों ने उसके प्लाट बनाकर वाक्फ अधिकारियों की मिली भगत से आगे लोगों को बेचने शुरु कर दिए। यही नहीं इन भू माफियों ने इस कब्रिस्तान की कब्रों को जे बी सी मशीन की मदद से उखाड़ डाला। जब स्थानीय मुसलमानों ने इसका विरोध किया और जिला प्रशासनिक अधिकारियों को इस बारे में शकायत की, तो कुछ मुस्लमानों को अपने पक्ष में करके और उन्हें इस कब्रिस्तान में 1200 गज जगह मदरसे के नाम देने का वायदा करके स्थानीय मुसलमानों के संगठन को फलीता लगा दिया तथा भू माफियों को प्लाट बेचने और कब्रें उखाड़ने का रास्ता साफ कर दिया।
दूसरी और हरियाणा मुस्लिम खिदमत सभा द्वारा सूचना के अधिकार नियम के अन्तर्गत पट्टेदारियां का रिकार्ड मांगने पर यह कहकर इन्कार कर दिया कि हरियाणा वक्फ बोर्ड सूचना के अधिकार नियम के अन्तर्गत आता ही नहीं। क्योंकि वाक्फ बोर्ड एक धार्मिक संस्था है। लेकिन हरियाणा वाक्फ बोर्ड के अधिकारी शायद यह जानते ही नहीं कि सूचना के अधिकार नियम की धारा 2(एच) के अन्तर्ग्त जिस विभाग या संस्था का गठन भारतीय संविधान के प्रवधानों एंव संसद, विधानसभा द्वारा पारित अधिनियमों और किसी विधिवत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के माध्यम से होता वह संस्थाऐं सूचना के अधिकार नियम के अन्तर्गत आती हैं। जबकि हरियाणा वाक्फ बोर्ड का गठन वाक्फ अधिनयम 1995 की धारा 13(1) के अन्तर्गत तथा हरियाणा सरकार द्वारा 1 अगस्त, 2003 को जारी अधिसूचना के आधार पर किया गया है। फिर ऐसे में हरियाणा वाक्फ बोर्ड के अधिकारियों द्वारा यह कहना कि हरियाणा वाक्फ बोर्ड सूचना के अधिकार नियम के अन्तर्गत नहीं आता मुसलमानों को बेवकुफ बना नहीं तो और क्या है?
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चुनाव आयोग हाथी को कपड़े पहना सकता है,बोतल में पेट्रोल की बिक्री रुकवा सकता है,लोगों पर पैसा लाने ले जाने पर बंदिशें लगा सकता है ,क़ानून मानने वाले नागरिकों के वैध हथियार ज़ब्त करवा सकता है(अवैध हथियारों पर कोई पाबंदी नहीं) तथा और कई तरहा की उलजलूल और बेसिरपैर की हद दर्जे की बेवकूफ़ाना और अहमकाना पाबंदियाँ लगा सकता है तो क्या यह सी बी आई को कुछ दिनों के लिए पट्टा नहीं डाल सकता ?ये सी बी आइ के छापे ग़ैरकोंग्रेसी सरकारों के मामलों में ही क्यों पड रहे हैं,कॉम्मोनवेल्थ ,आदर्श,2जी,4जी,अवैध खनन,विदेशों में जमा काले धन के बारे में करवाई क्यीं नही हो रही? क्या चुनाव आयोग(अयोग्य) को यह सब दिखाई नही देता ? इस सच को कोई नहीं झुठला सकता की यू पी ए सरकार सी बी आई का गलत इस्तेमाल अपने चिदंबरम जैसे महाभ्रष्ट (वैसे तो यू पी ए खुद में ही भ्रष्टाचारियो का गिरोह है) लोगों को बचाने और विरोधिओं को फंसाने के लिए कर रही है .चुनावी मौसम में छापों का सिलसिला और भी तेज़ हो गया है और इनके समाचार भी हमारे भ्रष्टतम मिडिया में बड़े ही योजनाबद्ध तरीके से प्लांट किये जा रहे हैं जिससे विपक्शिओं पर कालिख पोती जा रही है और भ्रष्ट कांग्रेस को भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए संघर्षरत पार्टी के रूप में पेश किया जा रहा है ,क्या यह सब धांधली इस तथाकथित निष्पक्ष चुनाव आयोग को दिखाई नहीं दे रही?
किसी पर कालिख पोतना,जूता / चप्पल चलना आदि कुकृत्य करने वालों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए लेकिन जिन लोगों के साथ ये घटनाएं होती हैं वे खुद को महान साबित करने की लालसा में अपराधी को माफ़ करने का ऐलान कर देते है जिससे की दूसरे अपराधी मनोवृति वाले और सस्ता प्रचार पाने के इच्छुक लोग और अधिक उत्साहित होते हैं.
The Apex Court must take up this vital issue of EVM vulnerable to manipulations at its earliest otherwise electoral process in India will become a farce as the experts have proved their claim live on television and the arrest of the expert on flimsy grounds compel us to doubt the intentions of the Ill Reputed and Corrupt Govt.
This is another naked example of misuse of corrupt and shameless media by corrupt UPA Govt. to malign reputation of the people who don’t agree with its unconstitutional and anti national conspiracies,and this time ,it is the turn of Gen. Singh. Shame on the Corrupt Political Leadership
इंडिया अगेंस्ट करप्शन नामक नौटंकी के निर्माता,निदेशक और कलाकार इतने मंझे हुए प्रोफेशनल और उच्च कोटि के कपटी और मक्कार निकले की अच्छे भले समझदार लोग भी यह नहीं सोच पाए की जो लोग इस भ्रष्ट सरकार की कृपा से अपने NGOsके नाम पर करोड़ों रूपए की ग्रांट (समाज सेवा के बहाने) लेकर मौज करते हैं और इसी कारण जिनकी गर्दन हमेशा सरकार के शिकंजे में रहती है ,वे कैसे इस भ्रष्ट सरकार के खिलाफ एक मोर्चा खोल सकते हैं . अब ये जनता को भ्रमित करने में लग गए हैं ताकि इन चुनावों में कांग्रेस को फायदा पहुँचाया जा सके. एक तरफ केजरीवाल का कहना है की यह बिल खाली डिब्बा है तो दूसरी तरफ प्रशांत भूषण बड़ी बेशर्मी से दांत निपोरते हुए यह दावा करता है की यह एक अच्छी शुरुआत है . अन्ना साहेब नारा बुलंद करते थे : ‘दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए ‘. जान देना तो दूर की बात रही ,जब वक्त आया मैदान में डट कर लोगों की रहनुमाई करने का और भ्रष्ट व्यवस्था को जड़ से उखाड़ने का तो ये महारथी अस्पताल में जा बिराजे और बोले की अभी वे आराम फरमाएंगे लेकिन इसके साथ ही इन्होंने उन विपक्षी दलों के खिलाफ भी बयानबाजी शुरू कर दी जिन्होंने खुलकर इनका साथ दिया. राजनितिक दल तुम बनाओगे नहीं ,चुनाव तुम लड़ोगे नहीं, विपक्षी दलों को तुम कांग्रेस से भी ज्यादा भ्रष्ट घोषित करते हो ,तो फिर लोगों को किसे वोट देने के लिए कहोगे ? ज़ाहिर है ,जो कम भ्रष्ट होगा और तुम्हारी नज़र में कांग्रेस विपक्षी दलों से कम भ्रष्ट है इस लिए जनता की वोट की हक़दार भी वही है . वाह , क्या खेल खेला है इस देश की जनता के साथ .
We don’t know whether or not Anna deserted Indian Army in the year 1965 while fighting against Pakistan,what we know is the Fact that Anna certainly has deserted the people,especially the youth of this country by putting up a halt to people’s movement against Corruption.Now team Anna is in action again to create an environment to help congress and defame the Parties supporting JanLokpal Bill
झूठ,फरेब,बेईमानी और मक्कारी में कांग्रेस का वाकई कोई जवाब नहीं. भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ बाबा रामदेव द्वारा चलाए जा रहे आन्दोलन को भ्रष्ट कांग्रेस सरकार ने टीम अन्ना द्वारा अपहृत करवा लिया और धनबल से हमारे तथाकथित महान लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ,निर्लज्ज और बिकाऊ मीडिया की साजिशी मदद से अन्ना के फर्जी आन्दोलन को एक महान जन आन्दोलन के रूप में पेश किया. लोगों की भावनाओं और उम्मीदों को आकाश की ऊंचाइयों पर पहुँचाने के बाद इस इस आन्दोलन की हवा निकल दी और आम आदमी की उम्मीदों का खून कर दिया.
A nexus between UPA Govt.,Team Anna and Media is being exposed. It acted very precisely,skillfully with perfect professionalism to defuse Baba Ramdev’s crusade against Black money and Corruption. Their aim is to demoralize people and make them believe that nothing can change this system so bear with the same.Its a very deep rooted conspiracy against our people.