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दादा, आप कहां गुम हो गए

दिग्विजय बाबू की जयंती पर पूरे प्रदेश के लोगों ने उन्हें नम आंखों से याद किया. जमुई स्थित उनके पैतृक गांव नया गांव स्थित समाधि स्थल पर लगी दादा की तस्वीर पर सैकड़ों लोगों ने पुष्प चढ़ाकर अपने प्रिय नेता को दिल से याद किया. गीता पाठ हुआ और ग़रीबों को खाना खिलाया गया. उन्हें याद करते हुए लोगों ने कहा का कि देश का सपूत समय से पहले न जाने कहां गुम हो गया. इस मौक़े पर डॉ. मनोज कुमार सिंह , प्रमोद सिंह , मुख्तार अंसारी, अशोक सिंह, मनोज सिंह, अजित सिंह, बलराम सिंह सहित बड़ी संख्या में दादा को चाहने वाले मौजूद थे.

पार परैया की समस्या बरक़रार

गया से परैया जाने वाले मार्ग पर नदी में वर्षों से अपेक्षित पड़े पुल के बन जाने के बावजूद भी पार परैया के लोगों की यातायात की समस्या का सामाधान नही हो पाया है. कारण है कि नदियों के बीच टापू के रूप में बसे पार परैया पंचायत मुख्यालय के लोगों को परैया बाज़ार जाने में आज भी नदी पार करना पड़ती है. इस बरसाती नदी में यदि पानी आ गया तो लोगों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है और नदी पर बने रेल पुल से जान ज़ोखिम में डाल कर आना-जाना पड़ता है. इस बार के चुनाव में किसी दल के लोगों ने इस समस्या को मुद्दा नहीं बनाया. चुनाव समाप्त हो गया लेकिन यहां के लोगों को उम्मीद है कि नव निर्वाचित जनप्रतिनिधि पार परैया के एक दर्जन से अधिक गांवों की इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान देगें और नदी में पुल बनेगा.

– शैलेंद्र कुमार मिश्रा

शराबबंदी के लिए सड़क पर उतरे

महनार अनुमंडल क्षेत्र में ज़हरीली शराब से हुई मौत को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है. विरोध जताने के लिए पूर्व मंत्री मुंशीलाल राय अपने हजारों समर्थकों के साथ सड़क पर उतरे. सुल्तानपुर से लेकर अनुमंडल कार्यालय तक मौन जुलूस निकाला गया. मुंशीलाल राय ने मृतक के परिजनों को दस-दस लाख मुआवजा देने की मांग जताकर ऐलान किया कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा वह चुप नहीं बैठेंगें. राय के साथ वार्ड पार्षद जवाहर साह, अशोक राय, देवी पासवान आदि भी थे.

– अंजुम परवेज

कलयुग के अवतार

वर्षों से आयोजित हो रहे गोपाष्टमी मेले में राम और श्याम नाम के दो जुड़वा भाई लोगों के आकर्षण का विषय बने रहे. दोनों की जान तो अलग-अलग हैं लेकिन जिस्म एक ही है. दरअसल गया निवासी ये जुड़वा भाई जन्म से ही इस कदर एक दूसरे से चिपके हुए हैं कि उन्हें सभी दैनिक कार्य साथ-साथ करने पड़ते है. हालांकि खाना अलग-अलग खाते हैं. भगवान की लीला के कारण यह दोनों भाई कलयुग का अवतार कहलाते हैं. देखने वाले लोग दोनों भाई के पीछे खूब रुपए लुटाते हैं. दोनों भाइयों का भी मानना है कि भगवान ने उन्हें  साथ-साथ जीने मरने के लिए पैदा किया है. जबकि इनकी मां का कहना है कि रुपए के अभाव में इनका ऑपरेश्न नहीं हो सका. चिंता इस बात की रहती है कि अगर एक भाई की मौत हुई तो फिर दूसरा क्या करेगा. बहरहाल, उनकी मां पैसे जमा करने के लिए मेले में दोनों बच्चों को लेकर जगह-जगह जाती है.

– सूर्यनारायण भारती

ग़म में डूब गया सहरसा

दिल्ली के लक्ष्मीनगर की ललिता पार्क इमारत हादसे में सहरसा ज़िले के भटपुरा, भौंरा और दिवारी गांव की कई महिलाओं की गोद सूनी हो गई तो कई के सुहाग उजड़ गए. ग़ौरतलब है कि सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के भटपुरा व भौंरा गांव के अधिकांश परिवारों का चूल्हा दिल्ली की मजदूरी से ही जलता है. इस गांव के क़रीब 500 से ज़्यादा लोग दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में भवन निर्माण से लेकर कई और कामों से जुड़े हैं. सोमवार 15 नवंबर की रात 8 बजे दिल्ली लक्ष्मीनगर से एक फोन आया कि सरदार अमृत सिंह की इमारत ढह गयी. खबर सुनते ही गांव में एक पल के लिए कोहराम मच गया. पर्व की वजह से इस इमारत में 5 दर्जन से कम लोग ही तत्काल ठहरे हुए थे. घटना की शाम भी करीब दो दर्जन मजदूर किसी अन्य ठेकेदार के साथ मजदूरी करने सरदार अमृत सिंह के हॉल से बाहर निकल गये थे. वैसे इस हादसे में भटपुरा के जागो यादव, आफिसर यादव, लालजी यादव, हीरा यादव, वाल्मिकी यादव एवं दिवारी के मिथिलेश यादव का नाम शामिल है. जबकि भटपुरा के फूल झा यादव व भौंरा के फोनटेन यादव लापता है. इसके अलावा भटपुरा के टुनटुन यादव व रविंद्र यादव गंभीर रूप से घायल हैं. भटपुरा निवासी, भौंरा निवासी परमजीत यादव व रविंद्र यादव व दिवारी निवासी भूपो यादव के पुत्र मिथिलेश यादव की मौत हो गयी. मौत से जहां पूरे गांव में मातमी सन्नाटा छाया हुआ है, वहीं इस बात का मलाल भी है कि अगर मनरेगा योजना चलती रहती तो ऐसी नौबत नहीं आती. गांव के निवासियों का कहना है कि इस गांव में एक छटाक भी मनरेगा योजना कार्य जॉब कार्डधारी मजदूरों से नहीं करवाया गया है. जिसके कारण गांव के मर्दों को रोज़गार के लिए बाहर जाना पड़ता है. मृतकों, घायलों व लापता लोगों की सूची दिल्ली की सामाजिक संस्था पूर्वांचल युवा मंच के संस्थापक रितेश रंजन ने गांव भेजी है.

– एस.सोनी

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