Chauthi Duniya

Now Reading:
पीलिया और मकोय की पत्ती

अगर आप अंग्रेजी और अन्य तरह की दवाइयों के इलाज के बावजूद पीलिया से छुटकारा न पा सके हों तो आपके लिए यह एक अच्छी ख़बर है. पीलिया का आयुर्वेद में अचूक इलाज है. मौसम बदलने के साथ ही पीलिया का प्रकोप बढ़ रहा है. आयुर्वेद चिकित्सकों के अनुसार, यदि मकोय की पत्तियों को उबाल कर उसका सेवन किया जाए तो पीलिया से जल्द राहत मिलती है. मकोय एक अचूक दवा है, इसका सेवन किसी भी रूप में किया जाए, स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है. चिकित्सक कहते हैं कि जब भी किसी को यह लगे कि उसका शरीर पीला हो रहा है और उसे पीलिया हो सकता है तो वह पानी की मात्रा बढ़ा दे, क्योंकि पानी की मात्रा कम होने पर शरीर से उत्सर्जित होने वाले तत्व रक्त में मिल जाते हैं. इससे व्यक्ति की हालत बिगड़ने लगती है. यदि कच्चा पपीता सलाद के रूप में लिया जाए तो भी पीलिया का असर कम होता है.

इसके अलावा परवल, लौकी और मूंग की दाल भी पीलिया के रोगी के लिए काफी लाभप्रद होती है. पीलिया से बचने लिए प्रोटीनयुक्त भोजन करें और वसायुक्त खाद्य पदार्थों से बचें, क्योंकि यह पीलिया के स्तर को बढ़ाते हैं. कई लोग मानते हैं कि पीलिया के रोगी को मीठा नहीं खाना चाहिए, जबकि आयुर्वेद चिकित्सकों का कहना है कि पीलिया का रोगी गाय के दूध से बना पनीर और छेने का रसगुल्ला आराम से खा सकता है. ये रोगी को नुक़सान नहीं, लाभ पहुंचाते हैं. जिन्हें क़ब्ज़ की शिकायत रहती हो, वे प्रतिदिन सोते समय अमलतास के गूदे का एक-दो चम्मच सेवन करें, क़ब्ज़ से राहत मिलती है. मौसमी फलों का सेवन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि इससे बीमारियों की रोकथाम होती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Input your search keywords and press Enter.