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अनुशासन का नायाब तरीक़ा

स्कूली बच्चे ख़ूब नटखट होते हैं, लेकिन जर्मनी के सैक्सनी अनहाल्ट प्रदेश के विटनबर्ग में एक हेडमास्टर ने बच्चों को अनुशासित करने का नया रास्ता निकाला है. बच्चों से कहा गया है कि वे अपने लिए टॉयलेट पेपर लेकर स्कूल आएं. विटनबर्ग स्थित बेसिक स्कूल के हेडमास्टर गाब्रिएले कौएलर ने बताया कि बच्चे टॉयलेट पेपर के रोल को खोल डालते हैं, भीगे पेपर को बिखेर देते हैं और टॉयलेट जाम कर देते हैं. बार-बार की चेतावनी और बच्चों को समझाने का कोई असर नहीं हुआ. इसलिए टॉयलेट से पेपर हटा लेने और बच्चों से अपना-अपना टॉयलेट पेपर लेकर आने का आदेश देना पड़ा. स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को इसके लिए बाकायदा एक पत्र भी लिखा है. कौएलर ने कहा कि यह फैसला सीमित अवधि के लिए है और आपात स्थिति में शिक्षकों के पास ज़रूरतमंद बच्चों के लिए टॉयलेट पेपर उपलब्ध रहता है. अभिभावक संघ ने इस फैसले की आलोचना की है, लेकिन हेडमास्टर को शिक्षा विभाग का समर्थन हासिल है. शिक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि स्कूल का फैसला क़ानूनसम्मत है. इस साल अप्रैल माह में मैक्लेनबुर्ग वेस्ट पोमेरेनिया के स्ट्रालजुंड की नगरपालिका के एक वामपंथी सदस्य को पालिका भवन से टॉयलेट पेपर चुराते हुए पकड़ा गया था. सफाई कर्मचारी ने इसकी शिकायत भी की थी.

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