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महिलाओं की सुरक्षा करेगा हिम्मत

Himmat-launchदेश की राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 में हुये निर्भया रेप कांड और 5 दिसंबर 2014 को दिल्ली के इंद्रलोक इलाके में एक महिला कंपनी एग्जीक्यूटिव के साथ कैब ड्राइवर द्वारा रेप करने की घटना ने पूरे देश को दहला कर रख दिया. रेप की कुछ ही घटनायें ही मीडिया की सुर्खियां बन पाती हैं और लोगों के सामने आ पाती हैं, लेकिन ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता है, जब किसी महिला के साथ रेप होने की खबर न आए. इस मामले में सरकार और पुलिस की मदद के बिना खुद को रेप जैसी घटनाओं से बचाने के लिए एहतियाती कदम उठाने जरूरी हैं. अगर इसमें तकनीक की मदद ली जाती है, तो ये कदम कारगर साबित हो सकते हैं. इस बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने महिलाओं को नये साल साल के तोहफे के रूप में एक सौगात दी है. दिल्ली पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए हिम्मत नाम का एक मोबाइल ऐप्प लॉन्च किया है. देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने 01 जनवरी 2015 को दिल्ली के विज्ञान भवन में दिल्ली पुलिस के इस एप्प को लॉन्च किया. इस मौके पर दिल्ली पुलिस कमिश्‍नर बीएस बस्सी ने कहा कि यह ऐप्प महिलाओं की सुरक्षा के लिए बना सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ऐप्प है.

दिल्ली पुलिस के अनुसार हिम्मत एप्लीकेशन की खासियत इसकी तेजी है. इसके जरिए शिकायतकर्ता और पुलिस कंट्रोल रूम चंद सेकंड में एक-दूसरे से जुड़ जायेंगे. फिर लोकेशन ट्रैक करके पुलिस अलर्ट हो जाएगी, मोबाइल यूजर्स इससे 30 सेकंड में ऑडियो-वीडियों रिकॉर्डिंग भी कर सकेंगे.
कैसे करें इस ऐप्प का इस्तेमाल
नए यूजर को इसके लिए सबसे पहले दिल्ली पुलिस की वेबसाइट http://www.delhipolice.nic.in/ पर खुद को रजिस्टर करना होगा इसके लिए उसे अपना, पता, फोन नंबर और अपने कम से कम दो और अधिकतम पांच दोस्तों या रिश्तेदारों के नाम व मोबाइल नंबर देने होंगे. रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर यूजर को रजिस्ट्रेशन के दौरान दिए गए मोबाइल नंबर पर एसएमएस आएगा इसमें ऐप्प का डाउनलोड लिंक और यूनिक रजिस्ट्रेशन कोड होगा फिर आप गूगल प्ले स्टोर से या दिल्ली पुलिस की वेबसाइट http://www.delhipolice.nic.in/ से हिम्मत नाम के ऐप्प को डाउनलोड कर सकते हैं. इसके बाद उसे अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन में इनस्टॉल करें और मोबाइल पर आए यूनिक कोड का इस्तेमाल यूजर ऐप्प के रजिस्ट्रेशन विंडो में करें यह प्रक्रिया बस एक बार करनी होती है.
इमरजेंसी के दौरान इस ऐप्प के जरिए शिकायतकर्ता पुलिस कंट्रोल रूम से कृुछ ही सेकेंड में जुड़ जाएगा. इस ऐप्प को कई प्रकार से प्रयोग में लाया जा सकता है, पहले आपको इसमें दिए गए एसओएस (SOS) आइकॉन पर क्लिक करना होगा. दूसरा आप अपने स्मार्टफोन को जोर से हिलाकर (शेक) या तीसरा अपने फोन के पावर बटन को पांच से छह बार तक दबाना (प्रेस करना) होगा. इसके बाद यह?ऐप्प अपना काम खुद करेगा. आपके ऐसा करते ही एप्प पुलिस कंट्रोल रूम पोर्टल, पुलिस कंट्रोल रूम एसएमएस नंबर, आपकी उपस्थिति वाले क्षेत्र के सबसे नजदीकी पुलिस स्टेशन के एसएचओ(लोकल स्टेशन हाउस ऑफिस)के मोबाइल पर और आपके द्वारा रजिस्ट्रेशन के समय दर्ज किए गए रजिस्टर्ड दोस्तों, रिश्तेदारों के नंबर पर अपने आप एसएमएस चला जाएगा. एसएमएस मिलते ही दिल्ली पुलिस लोकेशन ट्रैक करके अलर्ट हो जाएगी. साइबर हाइवे के जरिए स्थानीय पीसीआर वैन और थाने को अलर्ट करेगा और शिकायतकर्ता को वापस कॉल बैक कर उसके लोकेशन तक पहुंचने की कोशिश करेगा. इस तरह से न केवल पुलिस, बल्कि पीड़ित (मोबाइल यूजर) के सगे-संबंधी भी उसकी सहायता के लिए घटना स्थल पर पहुंच सकते हैं.
इस ऐप्प में एक बटन दिया गया है जिससे आप इमरजेंसी के दौरान या छेड़छाड़ के दौरान तुरंत 30 सेकंड का वीडियो ़एवं ऑडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं, ऐप्प अपने आप रिकॉर्ड वीडियो को पुलिस कंट्रोल रूम को भेज देगा इस दौरान की गई रिकॉर्डिंग अहम सबूत साबित हो सकती है. इस ऐप्प में कुछ खास सुविधाएं हैं जिससे आप वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं. अगर इसे आप अपने फेसबुक और टिवट्र अकाउंट से कनेक्ट करते हैं तो इमरजेंसी बटन के दबाते ही आपके वाल पर एक मैसेज अपने आप पोस्ट हो जाएगा जिससे आपके नजदीकी लोग तत्काल आपकी मदद कर सकते हैं. मोबाइल ऐप्प में हेल्प सेक्शन दिया गया है. इसमें बताया गया है कि ऐप्प के हर सेक्शन का इस्तेमाल किस तरह करना है और इमरजेंसी के दौरान क्या-क्या करना चाहिए. सभी के द्वारा इसे जरूर पढ़ा जाना चाहिए.
इस एप्प का दुरुपयोग न हो उसके लिए भी कुछ प्रावधान किए गए हैं. तीन फर्जी एसओएस SOS) अलर्ट या अलार्म भेजने पर यह रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा. अगर रजिस्ट्रेशन कैंसल हो जाए तो फिर से इसको एक्टिव करने के लिए आपको 011-23490378 पर कॉल या ई-मेल के द्वारा कारण बता कर इसे फिर से एक्टिव कराया जा सकता है. दिल्ली पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि इसका दुरुपयोग न करें, क्योंकि हर अलर्ट को गंभीर रूप से लिया जायेगा और इस पर तुरंत कार्रवाई की जायेगी, इस ऐप्प का प्रयोग आप इमरजेंसी के दौरान ही करें सरकार ने छेड़छाड़ और किसी अन्य परेशानियों से निपटने के लिए 1064 हेल्प लाइन नंबर और 9910641064 नंबर पर वाट्स ऐप्प की भी सुविधा शुरू की है जिसपे आप अपनी शिकायत का ऑडियो या वीडियो भेज सकते हैं
कुछ त्रुटि भी हैं
ऐप्प अभी केवल एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए ही उपलब्ध है ये सुविधा किसी दूसरे मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन सरकार ने कहा है कि इसकी सुविधा आईओएस और अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम पर जल्द ही उपलब्ध होगी. इस ऐप्प का इस्तेमाल तभी किया जा सकता है जब आपकी मोबाइल का डाटा पैक (इंटरनेट) ऑन हो बिना इसके ये ऐप्प काम नहीं करेगा. अगर आपका मोबाइल आउट ऑफ कवरेज एरिया (नेटवर्क में नहीं) है तो यह ऐप्प काम नहीं करेगा. यह ऐप्प का दिल्ली के बाहर इस्तेमाल करने पर काम नहीं करेगा. हेल्पलाइन नंबर का महिलाओं के द्वारा इस्तेमाल दिल्ली पुलिस के अनुसार वर्ष 2014 में 11000 महिलाओं ने हेल्पलाइन नंबर 100 की सुविधा का इस्तेमाल किया. वहीं 49710 महिलाओं ने एंटी स्टोकिंग के लिए बने हेल्पलाइन नंबर 1096 का इस्तेमाल किया और 1410 महिलाओं ने 1091 महिला हेल्प लाइन नंबर का इस्तेमाल किया. पहले से बने कुछ मिलते जुलते सिक्योरिटी ऐंड्रॉयड, आईओएस, विंडोज और ब्लैकबेरी ऐप्प जिसका आप केवल दिल्ली मे नहीं बल्कि पूरे देश में इस्तेमाल कर सकते हैं.
दिल्ली के बाहर इस्तेमाल किए जा सकने वाले एप्प Damini, Circle of 6, bSafe, Scream alarm, Safeti Pin, Smart Shehar Woman Safety Shield Protection, Vith U: V Gumrah Initiative, Suspects Registry – FOR WOMEN, Pukar Personal Safety app, Women Safety Help Totem SOS, Raksha-Women Safety alert, i-Go Safely- Personal Safety app, Smart 24×7- Personal Safety app, Women Safety Secured, Women’s Safety app ये पहले से बने कुछ ऐसे ही मिलते-जुलते एंड्रॉइड ऐप्प हैं जो हिम्मत की तरह ही काम करते हैं इनका इस्तेमाल करने पर 100 नंबर पर कॉल, एसएमएस या ईमेल चला जाता है. इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जो कि सभी मोबाइल आपरेटिंग सिस्टम जैसे कि एंड्रॉयड, आईओएस, विंडोज और ब्लैकबेरी को भी सपोर्ट करते हैं. प

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