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भाजपा ने सीबीआई के लिए तलाशा नया मोहरा, जानें क्‍यों है विवादित

भाजपा ने सीबीआई के लिए तलाशा नया मोहरा, जानें क्‍यों है विवादित

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cbiसीबीआई वाले मामले ने केन्‍द्र सरकार की जो किरकिरी कराई है, उससे उबरने में सरकार को लंबा समय लगेगा; लेकिन इतनी गल्तियों के बाद भी सरकार ने उनसे कुछ नहीं सीखा और जिसका परिणाम है सीबीआई के नए अंतरिम निदेशक मन्‍नम नागेश्‍वर. वर्मा-अस्थाना भिड़ंत के कारण हो रही फजीहत से बचने के लिए केंद्र सरकार ने आनन-फानन में ऐसे अधिकारी को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बना दिया, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की और किरकिरी हो गई.

मन्नम नागेश्वर राव काफी विवादित आईपीएस अफसर रहे हैं. भ्रष्टाचार-विधा में भी उनका खासा नाम है. उनकी खासियत यह है कि वे उप राष्ट-पति वेंकैया नायडू के खास और मुख्‍य सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी के निकटवर्ती हैं. चेन्नई के गिंडी (एचटीएल) जमीन घोटाले की जांच की लीपापोती करने में राव ने अहम भूमिका अदा की. उस समय नागेश्वर राव सीबीआई चेन्नई जोन के एंटी करप्शन ब्रांच के प्रमुख थे.

गिंडी भूमि घोटाले के जरिए उस समय सरकार को करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया गया था. उस घोटाले की जांच में घालमेल करके नागेश्वर राव ने तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्‍य सचिव आर राममोहन राव, उनके करीबी निरंजन मार्डी आईएएस और सिडको के तत्कालीन अध्यक्ष हंसराज वर्मा आईएएस समेत घोटाले में शामिल रहे एसबीआई के उप महाप्रबंधक लियोन थेरटिल, चीफ मैनेजर एन रामदास, मेसर्स वीजीएन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डी प्रथीश और एचटीएल के सीओओ डीपी गुप्ता को बचाया.

राव ने इस मामले में सीबीआई की जांच आगे नहीं बढ़ने दी और घोटाले के सबूत गायब कर दिए गए. सीबीआई ने वह दस्तावेज भी दबा दिया जिसमें विभिन्न नेताओं और अ’सरों को घूस दिए जाने का ब्यौरा दर्ज था. राव का दुस्साहस यह रहा कि जमीन घोटाले की जांच का मामला उन्होंने अपनी मर्जी से इंडियन बैंक के अधिकारी वेलायुथम को दे दिया.

तमाम शिकायतों के बावजूद, ओड़ीशा कैडर के आईपीएस नागेश्वर राव की सीबीआई दिल्ली में तैनाती हो गई और आज उन्हें अंतरिम निदेशक के पद पर बैठा दिया गया. सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा नागेश्वर राव को सीबीआई से हटाकर वापस मूल कैडर में भेजने की कोशिशें करते रहे, लेकिन नाकाम रहे.

आखिरकार वर्मा को ही हटना पड़ा. नागेश्वर राव की पत्नी मन्नम संध्या ने आंध्र प्रदेश के गुंटुर जिले में करीब 14 हजार वर्ग फीट जमीन खरीदी, जिसे कोलकाता की एक कागजी (शेल) कंपनी एंजेला मर्कंटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड से लोन लेकर खरीदा दिखाया गया. छानबीन की गई तो पता चला कि नागेश्वर राव की पत्नी एम. संध्या ने उक्त कंपनी को ही 38,27,141 रुपए कर्ज दे रखा है. दस्तावेजों पर एम.

संध्या ने पति का नाम दर्ज कराने के बजाय अपने पिता चिन्नम विष्णु नारायणा लिखवाया हुआ है. एम. संध्या एंजेला मर्केंटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड की शेयर होल्डर हैं. नागेश्वर राव पर ओड़ीशा में वन भूमि खरीदने का मामला भी लंबित है.

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