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सावधान : फैटी लिवर से बचने के लिए जरूर खाएं हरी सब्जियां

सावधान : फैटी लिवर से बचने के लिए जरूर खाएं हरी सब्जियां

fatty liver

fatty liverफैटी लिवर एक बेहद कॉमन समस्‍या है. ज्‍यादातर लोगों को पता नहीं चल पाती है. आगे चलकर यह लिवर सिरॉसिस और लिवर कैंसर का रूप भी ले सकती है. इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण ओवरवेट और शराब पीना है. हरी सब्जियों में इनऑर्गेनिक नाइट्रेट होता है जो कि लिवर में फैट को जमा होने से रोकता है. इस पर स्‍वीडेन के असिस्‍टेंट प्रोफेसर कॉर्लस्‍ट्रॉम का कहना है कि हमने जब चूहों को उच्‍च बसा और शुगर डायट दी, इसके साथ डायटरी नाइट्रेट भी दिया तो पाया कि उनके लिवर में कम फैट जमा हुआ.

चूहों पर शोध के नतीजों से यह बात भी सामने आई कि फल और सब्जियों का ज्यादा मात्रा में सेवन कार्डियोवैस्कुलर फंक्शन और डायबीटीज के लिए फायदेमंद होता है। हरी पत्तेदार सब्जियां और फल भी हाई ब्लड प्रेशर को कम करते और ग्लूकोस में इंसुलिन की मात्रा बढ़ाते हैं। फैटी लिवर डिजीज का अभी तक कोई सॉलिड ट्रीटमेंट नहीं है और यह बीमारी बिगड़ने के बाद लिवर सिरॉसिस या लिवर कैंसर का रूप भी ले सकती है।

लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्‍वपूर्ण अंगों में से एक होता है. एक स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति के लिवर का वजन लगभग एक से डेढ़ किलोग्राम होता है. यह शरीर के कई जरूरी कामों जैसे पाचन, मेटाबॉलिज्‍म, इम्‍यूनिटी और पोषक पदार्थों के स्‍टोरेज में बड़ी भूमिका निभाता है. लिवर हमारे रक्‍त की संरचना को नियंत्रित करता है, उसमें से हानिकारक विषाक्‍त पदार्थों को बाहर निकालता है. साथ ही आंतों के द्वारा भोजन में से अवशोषित किए गए पोषक पदार्थों को शरीर के उपयोग करने लायक बनाता है. अनहेल्‍दी खानपान और खराब जीवनशैली की वजह से लिवर पर काम का लोड बढ़ने से यह विषाक्‍त पदार्थों और फैट को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता. इसके कारण शरीर में मोटापा, दिल की बीमारी, लंबी थकान, सिरदर्द, पाचन में गड़बड़ी, एलर्जी और अन्‍य बीमारियां हो सकती है. ऐसे में लिवर को साफ, ऐक्टिव और विषाक्‍त पदार्थों से रहित बनाने के लिए इन चीजों को खाएं.

लहसुन : लिवर को साफ करने में लहसुन काफी लाभकारी होता है. यह लिवर को एक्टिवेट करने में मदद करता है, इससे विषाक्‍त पदार्थों को साफ करने में मदद मिलती है. साथ ही इसमें एलिसिन और सेलेनियम नामक दो नैचरल कंपाउंड पाए जाते हैं, जो लिवर क्‍लीनिंग प्रोसेस को बढ़ाते हैं. इसके अलावा, लहसुन कलेस्‍ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड लेवल्‍स को कम करता है. यह दोनों लिवर को ओवरलोड करते हैं.

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चकोतरा : चकोतरा में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, पेक्टिन और एंटीऑक्सिडेंटस पाए जाते हैं, जो लिवर क्‍लीनिंग प्रोसेस में मदद करते हैं. साथ ही इसमें ग्‍लूटेथिओन नामक शक्तिशाली एंटिऑक्सिडेंट पाया जाता है, जो फ्री रैडिकल्‍स को बेअसर करता है और लिवर को डीटॉक्‍सीफाई करता है. ग्‍लूटेथिओन हैवी मेटल्‍स के डिटॉक्सिफिकेशन में भी मदद करता है.

चुकंदर : चुकंदर भी लिवर को साफ करने और इसके कामकाज को बढ़ाने में काफी मददगार फल होता है. इसमें अत्‍यधिक मात्रा में प्‍लांट फ्लावनॉयड्स और बीटा कैरोटीन पाए जाते हैं, जो लिवर के पूरे कामकाज को ठीक करते हैं. साथ ही चुकंदर प्राकृतिक ब्‍लड प्‍योरुायर होता है. अपने भोजन में ताजा चुकंदर या इसके जूस को शामिल करें.

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नींबू पानी : नींबू पानी भी लिवर को साफ करने में मदद करता है. क्‍योंकि इसमें डी लाइमोनीन एंटिऑक्सिडेंट होता है जो लिवर में डिटॉक्सिफिकेशन को बढ़ाने वाले एंजाइम्‍स को ऐक्टिवेट करने में मदद करता है. नींबू में अत्‍यधिक मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है, जो लिवर को पाचन बढ़ाने वाले एंजाइम्‍स को ज्‍यादा प्रड्यूस करने में मदद करता है. नींबू लिवर की खनिज अवशोषण की क्षमता को भी बढ़ाता है.

हल्‍दी : हल्‍दी भी लिवर को साफ करने में कारगर होती है. साथ ही, शरीर की फैट डाइजेस्‍ट करने की क्षमता को बढ़ाती है. हल्‍दी में करकुमीन नामक कंपाउंड पाया जाता है. जो लिवर में एक विषहरण एंजाइम के फॉर्मेशन को बढ़ावा देती है. यह लिवर में डैमेज सेल्‍स के पुनर्निमाण को भी बढ़ावा देती है. एक गिलास पानी में एक चौथाई चम्‍मच हल्‍दी डालकर गर्म करें. इसका सेवन रोज दिन में 2 बार करें.

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