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आखिर क्‍यों डर रहा है, पाकिस्‍तान का ये वैश्विक आतंकवादी ‘पत्रकार’!

आखिर क्‍यों डर रहा है, पाकिस्‍तान का ये वैश्विक आतंकवादी ‘पत्रकार’!

hafiz saeed video

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जरा सोचिए कि हजारों बेगुनाहों को जेहाद के नाम पर मौत के घाट उतारने वाला आतंकी यदि खुद मिमियाता हुआ नजर आए, तो कैसा लगेगा? पाकिस्‍तान में ऐसा ही हुआ है और ऐसा करने वाला आतंकी भी वो है, जो दुनिया के सबसे खूंखार आतं‍कवादियों में से एक है. भारत से तो उसकी खासी दुश्‍मनी है. कहीं ऐसा तो नहीं है कि इस साल हिंदुस्तानी फ़ौज द्वारा कश्मीर में ढाई सौ से ज़्यादा आतंकवादियों को मौत की नींद सुलाने के कारण ये आतंकी डर गया है और गोलियां ना मारने की गुजारिश कर रहा है.

बात हो रही है पाकिस्‍तानी आतंकवादी हाफिज सईद की, जिसने हाल ही में एक वीडियो जारी किया है. वीडियो में आतंकी हाफिज सईद कह रहा है कि “मैं आज अपने अजीम कश्मीरी भाइयों की इस कद्र अजीम कुर्बानी पर उनको तहसीम (मुबारकवाद) पेश करता हूं. इंडियन आर्मी चीफ से ये कहना चाहता हूं कि कबसे गोलियां मार रहे हैं. सीधी गोलियां मारना.. मर्दों औरतों को इस तरह कत्ल करना क्या यही रास्ता है. ये दर्जनों से ज्यादा कत्ल और बीसियों जख्मी कर रहे हैं. ये गोलियां और कत्ल इससे दुनिया में मसले हल नहीं होते. वजीर-ए-आजम से गुजारिश करता हूं इस मसले को छोड़ ना दिया जाए.”

आगे वो कहता है कि “मैं पूछता हूं कि आर्मी चीफ जो आखिरी ऑपरेशन करने जा रहा है. सीधी गोलियां मारना. मर्दों औरतों को इस तरह कत्ल करना क्या यही रास्ता है तहरीकों (मूवमेंट) को खत्म करने का. ये मसाइल (समस्‍या) को हल करने का. एशिया के सबसे बड़े चैंपियन बनने की कोशिश कर रहे हैं. मैं उस हिंद सरकार और आर्मी चीफ से पूछना चाहता हूं कि क्‍या आप इससे कोई नतीजा हासिल कर लेंगे. एक ही रास्ता है, कश्मीर को आजादी दो.”

यानि कि हाफिज सईद अब हमारे जांबाज जवानों से डर गया है. इसे हाफिज़ सईद की बौखलाहट ही कहा जाए कि उसे अपने साथियों की मौतों के बाद शांति का पाठ याद आ गया है. गौरतलब है कि जब से सेना ने ऑपरेशन ऑल आउट शुरू किया है. तब से ही सरहद पार से भारत में आतंकी आते तो ज़रूर हैं, मगर वापस नहीं जा पाते हैं. अब तक हाफिज़ के सैकड़ों गुर्गे बिना कुछ किए ही कुर्बान हो चुके हैं. और आतंक के एक भी मंसूबे को भारतीय सेना ने पूरा नहीं होने दिया है.

बौखलाहट में सईद कर रहा पत्रकार बनने की कोशिश, ऊर्दू अखबार में लिखा लेख

मुंबई हमले के इस मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद ने एक और कमाल का किया है. उसने पाकिस्तान के एक उर्दू अखबार में लेख लिखा है. इस तरह अखबार में एक आतंकी का लेख छपने से पाकिस्तान समेत दुनिया भर के पत्रकारों के बीच बहस छिड़ गई है कि हाफिज को यह लेख लिखने की इजाजत कैसे मिली.

सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर मीडिया घराने ने प्रतिबंधित आतंकी समूह के प्रमुख को कश्मीर मुद्दे और 1971 में बांग्लादेश के गठन पर लिखने की इजाजत कैसे दे दी? बता दें कि 2008 में मुंबई के आतंकी हमले के बाद अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने सईद को वैश्विक आतंकवादी करार दिया था और नवंबर 2008 में उसे नजरबंद कर दिया था लेकिन अदालत के फैसले के कारण कुछ महीने बाद रिहा कर दिया गया था.

इस आतंकी ने रविवार को दैनिक दुनिया में ‘प्रोफेसर हाफिज मोहम्मद सईद’ के नाम से ‘पूर्वी पाकिस्तान पर भारत का अवैध आक्रमण…कश्मीरी लोगों की हिमायत से क्यों परहेज कर रहा पाकिस्तान’ विषय पर लेख लिखा है. यह अखबार मियां अमर महमूद के दुनिया मीडिया ग्रुप का उर्दू प्रकाशन है.

उसने ‘कन्ट्रिब्यूटिंग राइटर’ के तौर पर यह आलेख लिखा है. इसमें ढाका में हाथों में बंदूक लिए हुए कुछ नौजवानों और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की एक तस्वीर भी छापी गई है. इस मामले पर पत्रकारों ने सवाल किया है कि क्या कंपनी ने मालिक के साथ इस आतंकी के सीधे जुड़ाव के कारण उसे यह लिखने की अनुमति दी या अखबार प्रबंधन पर कोई अन्य दबाव था.

जबकि पाकिस्तान की एक अदालत ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि पाकिस्तानी मीडिया सईद की तस्वीर प्रकाशित नहीं करे. इसके बावजूद हाफिज सईद अखबारों में लेख लिख रहा है. लेख में सईद ने इंदिरा गांधी पर पाकिस्तान को विभाजित करने की साजिश रचने का जिम्‍मेदार बताया है. सईद ने इसके साथ ही तत्कालीन पाक शासकों के विफल रहने पर अफसोस भी जताया है. सईद ने बांग्लादेश के गठन में भारत की भूमिका के बारे में विस्तार से लिखा है और यह भी बताया है कि उसकी राय में पाकिस्तान के लिए कश्मीर क्यों इतना महत्वपूर्ण है. उसने कहा कि पाकिस्तान को कश्मीरी लोगों का समर्थन करना चाहिए.

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