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भय्यूजी महाराज आत्‍महत्‍या मामले में साजिशों से उठ रहे पर्दे, महाराज का ये करीबी लाया था उस युवती को महाराज के पास  

भय्यूजी महाराज आत्‍महत्‍या मामले में साजिशों से उठ रहे पर्दे, महाराज का ये करीबी लाया था उस युवती को महाराज के पास  

bhaiyuji maharaj and vinayak

bhaiyuji maharaj and vinayak

चौथी दुनिया की मुहिम के चलते भैय्यूजी महाराज केस की फाइल दोबारा खुलने के बाद इसमें आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं. जांच-पड़ताल में पता चला है कि महाराज को एक युवती ब्‍लैकमेल कर रही थी, जिसके चलते उन्‍होंने आत्‍महत्‍या जैसा कदम उठाया. बताया जा रहा है कि भय्यू महाराज के एक युवती से संबंध थे और वो युवती उन पर शादी करने के लिए दबाव बनाने लगी थी. जबकि महाराज की दूसरी पत्नी उन दोनों के बारे में जान चुकी थी. पुलिस अब ब्लैकमेलिंग के सबूत इकट्ठा करने में जुटी हुई है. साथ ही पुलिस अब जल्‍द ही उनकी पत्नी आयुषी के बयान भी लेने वाली है.

भय्यू महाराज (उदयसिंह देशमुख) की आत्महत्या के बाद सभी सेवादारों, आश्रम कर्मचारियों आदि ने यही कहा कि महाराज की दूसरी पत्नी आयुषी और बेटी कुहू के बीच कलह को ही कारण बताया गया. यहां तक कि पुलिस ने भी इसे पारिवारिक झगड़ा बताकर मामले की फाइल बंद कर दी थी. बाद में चौथी दुनिया की पहल पर महाराज के समर्थक इकट्ठा हुए और उन्‍होंने सरकार से सीबीआई जांच की मांग की. इसके बाद पुलिस समेत इस मामले के संदिग्‍ध हरकत में आ गए. कुछ दिन पहले महाराज के एक करीबी वकील निवेश बड़जात्या को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार महाराज के ड्राइवर कैलाश ने झूठ से पर्दा उठा दिया. उसने कहा कि आत्महत्या की असल वजह फूटी कोठी निवासी युवती है. उसे महाराज ने काम के लिए रखा था, लेकिन उसने महाराज से संबंध बना लिए थे. वह उनके बेडरूम में ही रहने लगी थी उसने महाराज को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया.

कैलाश ने विनायक पर भी करोड़ों रुपए की हेराफेरी करने का आरोप लगाए हैं. इस जानकारी के बाद सीएसपी अगम जैन ने परिजन, ड्राइवर, सेवादार, परिचितों सहित करीब 20 लोगों के बयान लिए. महाराज से जुड़े प्रवीण घाड़गे, योगेश चौहान, शरद सेवलकर, अमोल चव्हाण और अनूप राजोरकर ने यह स्वीकार कर लिया कि कैलाश द्वारा दी गई जानकारी सही है. बेटी कुहू, वकील निवेश और कॉन्ट्रेक्टर मनमीत अरोरा भी इसकी पुष्टि कर चुके हैं.

सीएसपी ने विनायक दुधाले, शरद देशमुख, शेखर शर्मा, कृष्णा ड्राइवर, गोलू नौकर, अनूप राजोरकर, योगेश चौहान, अमोल चव्हाण से भी पूछताछ की. सभी को दिनभर इंदौर के आजादनगर और तेजाजीनगर थाने में बैठाए रखा. उधर, महाराज के करीबी निवेश उर्फ राजा बड़जात्या (वकील) व मनमीत अरोरा (कॉन्ट्रैक्टर) ने भी ड्राइवर कैलाश के बयानों की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि महाराज की मौत के बाद यह सुना था कि युवती ने संबंध बना लिए थे. वह ब्लैकमेल करती थी.

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अब सवाल ये कि कौन लाया था उस युवती को महाराज के पास

इस मामले में अब एक के बाद एक महाराज के सभी सेवादार मुंह खोलने लगे हैं और युवती द्वारा महाराज को ब्‍लैकमेल करने की बात एक सुर में कह रहे हैं. लेकिन सवाल ये है कि इतने दिनों से इन सबने अपना मुंह क्‍यों नहीं खोला? महाराज के ये तथाकथित करीबी उनकी मौत के बाद गायब क्‍यों हो गए थे? वो युवती महाराज की बेटी कुहू की उम्र की थी यानि कि महज 18-19 साल की. तब उसे कौनसी नौकरी देने के बहाने महाराज के पास लाया गया? और सबसे बड़ा सवाल की उस लड़की को महाराज के पास कौन लेकर आया था और उसका असल मकसद क्‍या था?

चौथी दुनिया को मिली जानकारी के मुताबिक महाराज का करीबी कॉन्‍ट्रैक्‍टर मनमीत अरोरा, विनायक और शेखर ने मिलकर एक षडयंत्र रचा था, जिसके तहत वे इस युवती को महाराज के पास लाए थे. सूत्र बताते हैं कि ये युवती पहले मनमीत के फ्लैट के उपर ही रहती थी. उसके पिता सरकारी नौकरी में हैं. विनायक, मनमीत और शेखर ने मिलकर उस युवती को महाराज के करीब भेजा और फिर उसके जरिए महाराज को ब्‍लैकमेल कराने लगे. जिसका सुबूत महाराज की शादी के वीडियो में मिला, जिसमें विनायक और वो युवती बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं. विनायक की कॉल डिटेल में भी उस युवती से शादी की दिन की बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं. चूंकि महाराज ने उस युवती को छोड़कर आयुषी से शादी कर ली थी, लिहाजा इन तीनों की योजना सफल नहीं हो पाई. लिहाजा वे युवती के जरिए महाराज को शादी के बाद ब्‍लैकमेल कराने लगे और भारी तनाव के चलते महाराज को आत्‍महत्‍या करनी पड़ी.

भय्यूजी की मां ने भी स्‍वीकारी यही बात

महाराज की मां कुमुदनी देशमुख ने भी यह बात स्‍वीकारी है कि वह युवती भय्यू के पास काम करने आई थी और  धीरे-धीरे घर में राज करने लगी. वह भय्यू के बेडरूम में ही रुकती थी. उनकी अलमारी में कपड़े रखने लगी थी. उन्हीं के बाथरूम में नहाती थी. विनायक और शेखर भी उसके गिरोह में शामिल थे. सबने षड्यंत्रपूर्वक भय्यू को जाल में फंसाया और ब्लैकमेल करने लगे.

पुलिस इस मामले में अब सख्‍ती से जांच कर रही है. अब तक छह संदिग्‍धों के मोबाइल जब्त कर चुकी है.

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