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राजद की ललकार, हिम्मत है तो जनता की समस्या का सामना करें नीतीश कुमार

राजद की ललकार, हिम्मत है तो जनता की समस्या का सामना करें नीतीश कुमार

Bhai-Virendra

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भाई वीरेंद्र (प्रवक्ता, राजद)

राजद ने सीधा आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार और उनकी सरकार जनता की समस्या को सुनना ही नहीं चाहती है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता भाई वीरेंद्र का मानना है कि सरकार की नीयत में ही खोट है.

पहले शीतकालीन सत्र को भी पांच दिनों का रखा गया और अब बजट सत्र को भी दस दिन का ही रखा जा रहा है. ऐसा इसलिए है कि सरकार के पास जनता की समस्या के सामना करने की हिम्मत ही नहीं है. “सदन में हमलोग चाहते हैं कि बिहार की काननू व्यवस्थता, किसानों की स्थिति, युवकों की बेरोजगारी और हर स्तर पर फैले भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया जाए, लेकिन सरकार सत्र की अवधि छोटी रख अपनी जिम्मेदारियों से बचना चाहती है.” जबकि सरकार का कहना कि लोकसभा चुनावों के मद्देनजर सत्र की अवधि छोटी रखी गई है.

गौरतलब है कि बिहार विधानमंडल का बजट सत्र 11 फरवरी से आहूत है. दस दिनों के सत्र में कुल सात कार्य दिवस होंगे. कैबिनेट के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि 11 फरवरी से प्रारंभ हो रहा बजट सत्र 20 फरवरी तक चलेगा. पहले दिन राज्यपाल लालजी टंडन का अभिभाषण होगा. इसके बाद इसी दिन आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा और शोक प्रकाश के बाद सत्र अगले दिन के लिए स्थगित कर दिया जाएगा. 12 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्यय पर चर्चा होगी और सरकार अपनी तृतीय अनुपूरक बजट सदन में पेश करेगी. साथ ही राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी. 13 फरवरी को चर्चा के बाद सरकार का जवाब होगा. 14 फरवरी को तृतीय अनुपूरक पर सदन में चर्चा होगी. 15 फरवरी को लेखानुदान पेश किया जाएगा. 16-17 फरवरी को शनिवार व रविवार के अवकाश से कोई गतिविधि नहीं होगी. 18 को राजकीय विधेयक पेश होंगे. 19 फरवरी को रविदास जयंती के कारण कुछ नहीं होगा.

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