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चिराग को बुझाने के लिए आंधी की तलाश में महागठबंधन

चिराग को बुझाने के लिए आंधी की तलाश में महागठबंधन

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अब यह लगभग तय है कि रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान जमुई से ही एक बार फिर दिल्ली जाने का टिकट लेंगे. उनकी तैयारी भी शुरू हो चुकी है और समर्थक भी यह मान कर चल रहे है कि चिराग का जमुई से चुनाव लड़ना तय है. इस लिहाज से महागठबंधन ने भी जमुई के लिए अपना खाका खींचना शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद की यह सोच है कि तेजस्वी के मुकाबले बिहार में कोई नया युवा नेतृत्व नहीं उभरने दिया जाय. तेजस्वी अगर जीत जाते हैं तो यह संसद में उनकी दूसरी पारी होगी और आने वाले विधानसभा चुनावों में वह तेजस्वी के लिए एक बड़ा सिरदर्द साबित हो सकते हैं.

लिहाजा लालू प्रसाद जमुई को लेकर एक खास योजना बना रहे हैं. वह चाहते हैं कि जमुई से कोई एक नया चेहरा चुनावी अखाड़े में चिराग का मुकाबला करे. उदय नारायण चौधरी और भूदेव चौधरी पहले भी जमुई से चुनाव लड़ चुके हैं. उदय नारायण चौधरी को लेकर जमुई के अगड़ी जातियों में अच्छी राय नहीं है. लालू प्रसाद हर हाल में जमुई में सवर्ण वोटरों का बंटवारा चाहते हैं. इस लिहाज से बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद हम के प्रमुख जीतनराम मांझी से जमुई से चुनाव लड़ने का आग्रह कर सकते हैं. राजद की सोच है कि मांझी वोटरों की अच्छी आबादी और सवर्ण वोटरों में भी उनकी अच्छी साख का लाभ महागठबंधन को मिल सकता है. इसलिए पूरी कोशिश हो रही है कि जीतनराम मांझी को ही चिराग को बुझाने के लिए जमुई के अखाड़े में उतारा जाए. अगर बात नहीं बनी तो फिर किसी नए चेहरे पर भी दांव लगाया जा सकता है.

 

 

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