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सिक्किम विधानसभा चुनाव लड़ेंगे बाईचुंग भूटिया
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सिक्किम विधानसभा चुनाव लड़ेंगे बाईचुंग भूटिया

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भारत के प्रतिष्ठित पूर्व फुटबॉल कप्तान बाईचुंग भूटिया अपने राजनीतिक भाग्य को फिर से आज़माने के लिए तैयार हैं. इस बार अपने मूल राज्य सिक्किम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में लड़ने की उनकी योजना है. बाईचुंग ने कहा कि हमरो सिक्किम पार्टी (एचएसपी) विधानसभा चुनाव में 18-20 सीटों के लिए चुनाव लड़ सकती है. वैसे सिक्किम में कुल 32 विधानसभा सीटें हैं.

43 वर्षीय पूर्व स्ट्राइकर ने कहा कि राज्य की राजनीति में बने रहने की उनकी प्रतिबद्धता दीर्घकालिक है  और वे आगामी सिक्किम विधानसभा चुनाव भी लड़ने जा रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि पार्टी जो भी जिम्‍मेदारी उनको देगी, वे बखूबी निभएंगे. सत्तारूढ़ सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) पर विपक्षी गठबंधन की चुनावी संभावनाओं पर उन्‍होंने कहा कि भाजपा और अन्य समान विचारधारा वाले दलों के साथ गंभीर विचार-विमर्श चल रहा था.

बाईचुंग भूटिया राजनीति में कोई नई खिलाड़ी नहीं है. उन्‍होंने 2014 में दार्जिलिंग से लोकसभा चुनाव और 2016 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव सिलीगुड़ी से लड़े थे. पिछले साल फरवरी में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के नेतृत्व में एसडीएफ के नेतृत्व वाली सरकार राज्य आपदा साबित हुई है. बाईचुंग ने मुख्‍यमंत्री पर कथित आरोप लगाया कि चामलिंग एक निर्वाचित तानाशाह है, जो एक सम्राट की तरह व्यवहार करता है, वह भी भ्रष्ट है. श्री भूटिया ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के रूप में एसडीएफ सुप्रीमो का जारी रहना सिक्किम के लोकतंत्र शासन और अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक होगा.

एचएसपी के उपाध्यक्ष ने भी श्री चामलिंग पर अपनी पार्टी के सहयोगियों की तरह एक पकड़ रखने का आरोप लगाया. अपने 25 वर्षों के अस्तित्व में एसडीएफ में कोई दूसरा व्यक्ति या नेता कभी नहीं रहा है. यह अकेले चामलिंग है. सिक्किम में बेरोजगारी के मुद्दे पर बार्इचुंग मुख्यमंत्री पर भारी पड़े और कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के लिए बहुत कम काम किया है. बाईचुंग ने कहा कि तीनों स्वदेशी समुदायों लेपचा, भूटिया और सिक्किम के नेपाली लोगों के अधिकारों का संरक्षण आगामी चुनावों में उनकी पार्टी की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर होगा. चामलिंग के बहुप्रचारित ऑर्गेनिक मिशन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि सिक्किम में खाद्यान्न उत्पादन में 65 प्रतिशत की गिरावट आई है और दो दशकों से सीएम के शासन के दौरान कृषि उद्देश्यों के लिए भूमि में आधे से कटौती की गई है.

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