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टीएमसी विधायक की हत्या पर गरमाई सियासत, बीजेपी नेता मुकुल रॉय के खिलाफ FIR दर्ज

टीएमसी विधायक की हत्या पर गरमाई सियासत, बीजेपी नेता मुकुल रॉय के खिलाफ FIR दर्ज

कोलकाता: टीएमसी विधायक सत्यजीत बिस्वास की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक टीएमसी विधायक की हत्या को लेकर दर्ज की गई एफआईआर में बीजेपी नेता मुकुल रॉय का भी नाम शामिल है. वहीं इसके पहले  इस मामले में टीएमसी बीजेपी नेता का हाथ होने की आशंका जाता चुकी है. हालाँकि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया था. वहीं अब  इस मामले में मुकुल रॉय का नाम सामने आने से सूबे की राजनीती गरमा गई है. 2019  लोकसभा चुनाव से पहले अंजाम दिए गए इस हत्याकांड को लेकर बीजेपी और टीएमसी के बीच आरोप प्रय्तारोप का दौर शुरू हो चुका है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक दिसंबर 2018 के  दौरान भी तृणमूल कांग्रेस के विधायक बिस्वनाथ दास की कार पर भी अज्ञात हमलावरों द्वारा फायरिंग करने का मामला सामने आया था जिसमें तीन लोग मारे गए थे. वहीँ सत्यजीत बिस्वास की हत्या किये जाने से पश्चिम बंगाल की राजनीति में उथल पुथल मच गई है. इस मामले में जहां पुलिस ने अब तक दो लोगों को गिरफ्तार करते हुए एक पुलिस कर्मी को निलंबित किया है वहीं बीजेपी नेता मुकुल रॉय का नाम सामने आने से मामला राजनीतिक रंग लेता नज़र आ  रहा है.

ममता सरकार में जेल मंत्री उज्जवल बिस्वास ने सत्यजीत बिस्वास की हत्या के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है. बताया जाता है कि नादिया की कृष्णागंज से विधायक सत्यजीत बिस्वास प्रभावशाली मटुआ समुदाय से ताल्लुक रखते थे. राज्य में इस समुदाय की आबादी लगभग 30 लाख के आस पास है. जो कि 1950 के दशक में पूर्वी पाकिस्तान से भारत आए थे. जानकारी के मुताबिक उत्तर और दक्षिण 24 परगना की 5 लोकसभा सीटों पर मटुआ समुदाय का खासा असर है.

जबकि बीजेपी  लोकसभा चुनाव के मध्येनजर  मटुआ समुदाय को अपने पाले में करने की कोशिश में  है हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी 24 परगना के ठाकुरनगर में मटुआ समुदाय के एक कार्यक्रम में नज़र आये थे. ऐसे में बीजेपी पर  राज्य में राजनीतिक हिंसा का आरोप लगाने वाली टीएमसी ने सत्यजीत बिस्वास की हत्या को बीजेपी द्वारा प्रायोजित करार दिया है.

गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब बीजेपी नेता मुकुल रॉय का नाम इस तरह सुर्ख़ियों में आया हो. शारदा चिटफंड मामले में मुकुल रॉय का नाम भी सामने आया था. पूर्व टीएमसी सांसद मनमोहन सरकार में रेल मंत्री भी रह चुके हैं. ममता बनर्जी के रेल मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद  मुकुल रॉय रेल मंत्री बनाया गया था. वहीं जब 11 जुलाई 2011 को असम में हुए एक रेल दुर्घटना पर प्रधानमंत्री के कहने के बावजूद मुकुल रॉय दुर्घटनास्थल पर नहीं गए थे। तो उन्हें हटाकर  दिनेश त्रिवेदी को रेल मंत्री बना दिया गया था।

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