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“8 फ़रवरी” है भारतीय क्रिकेट के लिए खास, एक नहीं बने थे दो-दो रिकॉर्ड
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“8 फ़रवरी” है भारतीय क्रिकेट के लिए खास, एक नहीं बने थे दो-दो रिकॉर्ड

हमारे देश में क्रिकेट महज खेल न होकर न धर्म बन चुका है. अगर ये कहें कि क्रिकेट देश की रगों में दौड़ने लगा है तो गलत नहीं होगा. हर कोई अपने अंदाज में क्रिकेट की व्याख्या और विश्लेषण करता नज़र आता है. लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि 8 फ़रवरी की तारीख भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास है. जिसने न सिर्फ भारतीय क्रिकेट को नयी दिशा दी बल्कि एक से एक बेहतरीन खिलाडी भी तैयार किए.तो आईये जानते कि क्यों खास है आज का दिन.

दरअसल 8 फ़रवरी की तारीख एक नहीं दो खुशियां लेकर आई थी. भले ही साल अलग अलग रहे हों लेकिन इस दिन विश्व क्रिकेट में भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाडियों ने वो कारनामा किया जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था.

साल 1952 में 8 फ़रवरी ही वह तारीख थी जब भारतीय क्रिकेट टीम ने टेस्ट क्रिकेट में पहली बार जीत दर्ज की थी. भारत और इंग्लैंड के बीच चेन्नई में खेले गए इस टेस्ट मैच में पारी और 8 रनों से जीत दर्ज्ज की थी. इस मुकाबले में पोली उमरीगर नेशतक लगाया तो वहीं वीनू मांकड़ ने 12 विकेट झटकते हुए इंग्लिश टीम को चारो खाने चित्त कर दिया था.

वहीं इसके पहले तक साल 1932 में इंग्लैंड के लॉर्ड्स के मैदान में पहला टेस्ट मैच खेलने उतरी भारतीय टीम को पहली जीत के लिए दो दशक तक संघर्ष करती नज़र आती थी.पोली उमरीगर, वीनू मांकड़ के जबरदस्त प्रदर्शन से न सिर्फ टीम को जीत मिली बल्कि क्रिकेट प्रेमी देशवाशियों के चहरे भी खिल गए. 1952 से शुरू हुआ यह सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है. आज भारतीय क्रिकेट टीम का विश्व क्रिकेट में सिक्का चलता है तो इसका श्रेय 1952 में चेन्नई टेस्ट में मिली उस जीत को भी जाता है.

वहीं आज का दिन पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान कपिल देव के लिए भी खास है. आज के ही दिन उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 432 विकेट लेकर विश्व क्रिकेट में भारत का परचम लहराया था. 8 फरवरी 1994 कोअहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच में कपिल देव ने हसन तिलकरत्ने का विकेट लेते ही सर रिचर्ड हेडली के 431 टेस्ट विकेट का रिकॉर्ड तोडा था.

बताया जाता है कि कपिल देव ने जैसे ही 432 विकेट पूरे किये उनके सम्मान में 432 गुब्बारे हवा में छोड़े गए और तो और दूरदर्शन ने मैच का प्रसारण रोककर “हकीकत है ये ख्वाब है नहीं , कपिल देव का जबाब नहीं” ये गाना कपिल देवे के सम्मान में चलाया था.

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