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बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की विदाई तय- शिवराज ने की बड़ी भविष्यवाणी

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की विदाई तय- शिवराज ने की बड़ी भविष्यवाणी

भोपाल: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के धरने की आग संसद तक पहुंच गई है बजट सत्र के तीसरे दिन CBI Vs ममता मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा देखने को मिला। इसी बीच बंगाल में जारी घमासान पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने ममता बनर्जी पर बड़ा हमला किया है. भोपाल में शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ‘बंगाल से तृणमूल कांग्रेस की विदाई तय है’.


शिवराज ने आगे कहा कि बंगाल में जो हो रहा है वो साफ दिखा रहा है कि कैसे ‘बंगाल में लोकतंत्र को तार-तार किया जा रहा है और संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं’. शिवराज ने आगे ममता बनर्जी पर हमले को तेज करते हुए कहा कि ‘बंगाल की मुख्यमंत्री ने एक अभूतपूर्व संवैधानिक संकट खड़ा कर दिया है’. शिवराज ने बताया कि ‘शारदा चिटफंड घोटाले की जांच सीबीआई अपनी मर्जी से नहीं कर रही है बल्कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर शारदा चिटफंड घोटाले की जांच हो रही है’. बीजेपी के इशारे पर सीबीआई कार्रवाई के आरोप को शिवराज ने सिरे से नकारते हुए कहा कि ‘यह जांच कोई आज की जांच नहीं है बल्कि साल 2014 के पहले की है’. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘पहले इस मामले की जो एसआईटी बनाई गई थी और उसमें एसआईटी प्रमुख के पास जो दस्तावेज है उसके आधार पर ही सुप्रीम कोर्ट ने पूछताछ के निर्देश दिए थे और उन निर्देशों के तहत अगर सीबीआई पूछताछ करना चाह रही है तो किस आधार पर सीबीआई को रोका जा रहा है’?

शिवराज ने बंगाल पुलिस और सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘सीबीआई अफसरों को पूछताछ न करने देने के बाद गिरफ्तार कर लिया जाए, थाने में बैठा दिया जाए तो ये लोकतंत्र के खिलाफ है’. शिवराज ने पूछा कि ‘सीबीआई जांच होने पर ममता को किसके फंसने का डर है? जांच में सहयोग क्यों नहीं किया जा रहा है? ममता सरकार का कदम सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना है और भारत के सेंट्रल स्ट्रक्चर को ध्वस्त करने की कोशिश है’. जहां एक तरफ विपक्ष मोदी सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है वहीं शिवराज सिंह चौहान अपनी पार्टी का ना सिर्फ बचाव का रहे हैं बल्कि उन्होंने अपने बयान से ममता बनर्जी की सियासत पर ही गैर लोकतांत्रिक होने का आरोप लगा दिया है. आम चुनाव सिर पर है ऐसे में पक्ष और विपक्ष का आरोप और प्रत्यरोप का खेल शुरू हो गया है ऐसे में ये देखने दिलचस्प होगा की जनता किसके साथ है जो निकट भविष्य में साफ़ हो जाएगा।

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