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यूपी में जहरीली शराब पीकर मरने वालों का आंकड़ा 116 तक पहुंचा

यूपी में जहरीली शराब पीकर मरने वालों का आंकड़ा 116 तक पहुंचा

जहरीली शराब पीकर मरने वालों का सिलसिला अभी थमा नहीं है, यूपी और उत्तराखंड में ज़हरीली शराब का कहर जारी है. अब तक 116 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और आनेवाले दिनों में इस तरह की घटना आगे भी देखने को मिलेगी। क्योंकि दोनों ही राज्यों में ज़हरीली शराब बनाने का काम भी थम नहीं रहा है. अभी तक मौत के असली ठेकेदार भी पकड़े नहीं गए हैं. अलबत्ता सरकार ने इस ज़हरीली शराबकांड के लिए एसआईटी का गठन कर जांच शुरू कर दी है.यूपी के योगी राज में गोकशी बड़ा पाप है, लेकिन जहरीली शराब का निर्माण शायद पुण्य समझा जाता है इसलिए तो उत्तर प्रदेश में अब तक इन अवैध शराब माफियाओं का राज रहा अब जाकर शिकंजा कसने की बात कही जा रही है जहरीली शराब पीकर मरने वालों के कारण यूपी और उत्तराखंड में दर्जनों घरों में पसरे मातम का कोई हिसाब नहीं है.

अब तक हजारों गिरफ्तारियां की गई. सैकड़ों कर्मचारी सस्पेंड किए गए. दर्जनों मामले दर्ज किए गए और हजारों लीटर अवैध शराब जब्त हुई. लेकिन नशे के ज़हर से हुई इन मौतों की भरपाई नहीं हो सकती है. लापरवाही के आरोपों के कठघरे में उत्तर प्रदेश औऱ उत्तराखंड की सरकारें खड़ी हैं. लिहाजा चेहरा छिपाने के लिए योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए SIT बनाने का निर्देश दिया है. SIT सहारनपुर और कुशीनगर में जहरीली शराब से हुई मौतौं की जांच के बाद उसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे.अकेले उत्तर प्रदेश में ही 80 से ज्यादा लोग अपनी जान गवां चुके हैं, जबकि उत्तराखंड के रुड़की में 30 से ज्यादा मौत हुई हैं. इस मामले में अब तक 3049 लोग गिरफ्तार किए गए हैं. 297 केस दर्ज किए गए. 79 हज़ार लीटर से ज्यादा अवैध शराब जब्त की गई है.लेकिन काश ये नींद इस हादसे से पहले टूटी होती तो शायद मौत की ये गिनती बहुत कम होती. या फिर वो लोग आज जिंदा होते.

क्यों जहरीली हो जाती है शराब ?
कच्ची शराब को बनाने के लिए मुख्य तौर पर महुए की लहन का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा गुड़ में ईस्ट और यूरिया मिलाकर इसे मिट्टी में गाड़ दिया जाता है. ये लहन उठने पर इसे भट्टी पर चढ़ा दिया जाता है. गर्म होने के बाद जब भाप उठती है. तो उससे शराब उतारी जाती है. कहीं-कहीं इसमें नौसादर और यूरिया भी मिलाया जाता है. शराब को ज़्यादा नशीली बनाने के लिए इसमें ऑक्सिटोसिन मिला दिया जाता है. जिसकी वजह से ये अक्सर जहरीली हो जाती है. जो मौत का कारण बनती है. दरअसल, कच्ची शराब में यूरिया और ऑक्सिटोसिन जैसे केमिकल मिलाने की वजह से मिथाइल एल्कोल्हल बन जाता है. मिथाइल शरीर में जाते ही तेज केमि‍कल रि‍एक्शन होता है. इससे शरीर के अंदरूनी अंग काम करना बंद कर देते हैं.

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