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‘कटघरे में योगी सरकार’- जहरीली शराब पीकर मरने वालों का हत्यारा कौन ?

‘कटघरे में योगी सरकार’- जहरीली शराब पीकर मरने वालों का हत्यारा कौन ?

उत्तरभारत में जहरीली शराब पीने से 80 से अधिक लोगों की जान गवाने के बाद राज्य सरकार और प्रशासन हरकत में आया है, शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है. लेकिन ये सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या सैकड़ों के मरने के बाद ही प्रशासन को पता चलता है कि उनके नाक के नीचे कुछ गलत हो रहा है या फिर शराब माफियाओं के साथ इनकी सांठगांठ होती है और बिरयानी सभी में बराबर की बंटती है, इसलिए खुली आँख के बावजूद प्रशसन कुम्भकर्णीय नींद में खर्राटे भर रहा होता है ? ये सवाल सबके मन में उठ रहा है, लेकिन इस सुलगते सवाल का जवाब ना ही मुख्यमंत्री दे पाएंगे और ना ही सूबे के वो आला अधिकार जो इन शराब माफियाओं के साथ लंबी रकम डकार जाते हैं.

सुलगते सवाल 
वैसे इन मृतकों का हत्यारा कौन है ? ये सवाल भी मन में जरूर उठ रहा होगा, इसका जवाब भी आसान है, शराब बुरी चीज है, जो पियेगा, वो मरेगा, यानी जहरीली शराब पीकर मरने वाले मृतक खुद ही गुनहगार हैं. उन अधिकारियों का दोष नहीं है जो जहरीली शराब बाजार में पहुंचने देते हैं, दोष उनका भी नहीं है जो इन अधिकारियों के कामकाज पर नज़र रखने बैठे हैं, लेकिन ये काम भी उनसे नहीं हो पा रहा.

आइए बात करते हैं कि सैंकड़ों लोगों के मरने के बाद अब प्रशासन क्या कर रहा है ? 
यूपी के सहारनपुर तथा कुशीनगर जिलों में जहरीली शराब पीने से हुई कई लोगों की मौतों के बीच गौतमबुद्धनगर जिले के आबकारी विभाग ने शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी। जिला आबकारी अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि एक अभियान के तहत शुक्रवार की रात नोएडा से सटे कालिंदीकुंज में हरियाणा से तस्कारी कर लायी जा रही शराब से लदी ऑल्टो कार जब्त की गई। कार से शराब की कई बोतल बरामद की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान महेन्द्र नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि जनपद के जगनपुर, बल्लू खेडा, महमूदपुर डेरी, खेलरीभाव में भी दबिश दी गई। उन्होंने बताया कि शनिवार को भी कई इलाकों में पुलिस तथा एसटीएफ टीम के साथ आबकारी विभाग की दबिश जारी है। उन्होंने बताया कि गांवों तथा झुग्गी बस्तियों में भी अवैध शराब तथा देशी शराब की बिक्री करने वाले ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वहीं कच्ची शराब बनाने वालों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। गौरतलब है कि कल सहारनपुर तथा कुशीनगर जिलों में जहरीली शराब पीने से 48 लोगों की मौत हो गई थी तथा सैकड़ों अस्पताल में भर्ती है। इस घटना के बाद प्रदेश सरकार ने समूचे प्रदेश में सघन अभियान चलाने के निर्देश दिये थे।

जहरीली शराब से अब तक हुई कितनी मौत ?
उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में जहरीली शराब पीने से कुल मरने वालों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है. जिसमें मेरठ में 18, सहारनपुर में 36, रुड़की में 20 और कुशीनगर में 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक जहरीली शराब से मरने वाले ज्यादातर वे लोग हैं जो उत्तराखंड में एक तेरहवीं संस्कार में शरीक होने गए थे और इन लोगों ने वहीं शराब का सेवन किया. सहारनपुर के अधिकारियों के मुताबिक समारोह में गए लोग वापस आए तो मौत होनी शुरू हुई. अब तक इस मामले में 46 लोगों का पोस्टमॉर्टम हो चुका है जिसमें 36 लोगों की मौत शराब की वजह से बताई जा रही है. वहीं मेरठ में मरने वाले 18 लोग सहारनपुर से लाए गए थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हुई है.

आखिरी सवाल 
आखिर में सवाल ये भी उठता है, कि कुम्भकर्णीय नींद में खर्राटे भर रहा प्रशासन, अगर पहले ही नींद से जग गया होता, तो आज वो बीवियां विधवा ना होती जिनका बीती रात सुहाग उजड़ गया, वो बच्चे यतीम ना होते बीती रात जिनके सर से पिता का साया उठ गया, वो मां-पिता बेसहारा ना होते जिनका संसार लुट गया और ना ही पसरता उस गाँव में सन्नाटा जहां के लोग किसी की तेरवी में गए थे, कौन जनता था कि अगले तेरह दिन के बाद उनकी भी तेरहवीं होगी, जो आज किसी की तेरवी में शरीक होने जा रहे हैं ?

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