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मरी हुई पत्नी का करवाया बीमा हड़पी लाखों की रकम, जांच में खुली पोल, कई मुर्दों का हुआ है बीमा

मरी हुई पत्नी का करवाया बीमा हड़पी लाखों की रकम, जांच में खुली पोल, कई मुर्दों का हुआ है बीमा

मरी पत्नी का बीमा
मुरादाबाद: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के जिले के ठाकुरद्वारा में मरी पत्नी का बीमा करवाकर कम्पनी को लाखों का चुना लगाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। हालांकि बीमा धारक के लिए यह पहला मामला है लेकिन बीमा एजेंट पहले भी कई मुर्दों को ज़िंदा दिखाकर अपनी ही कम्पनी को चुना लगा चूका है।
इस मामले में बीमाधारक, एजेंट और मैनेजर समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दज किया है। आधा दर्जन के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मरी पत्नी का बीमा
ये है पूरा मामला बजाज एलियाज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी विनीत कुमार यादव ने पुलिस महानिदेश को इस संबंध में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा था कि ठाकुरद्वारा कोतवाली के ग्राम खैरुल्लापुर निवासी मुनीश कुमार ने अपनी पत्‍‌नी बबीता की 24 सितंबर 2014 को ढाई लाख रुपये की बीमा पालिसी कराई थी। 14505 रुपये प्रीमियम जमा किया था। पालिसी में स्वयं मुनीश कुमार नामिनी था। गाव के राजेंद्र सिंह के साथ मुरादाबाद के लाजपत नगर निवासी किसन लाल और मझौला निवासी सुमित कुमार गवाह थे। पालिसी अभिकर्ता धर्मवीर सिंह और सेल्समैनेजर हरिओम सैनी के माध्यम से की गई थी।
मुनीश कुमार ने 20 दिसंबर 2014 को पत्‍‌नी बबीता की मृत्यु दर्शाकर बीमा धनराशि देने का दावा किया। कंपनी ने बीमा धनराशि की अदायगी कर दी। बाद में कंपनी के संज्ञान में आया कि बबीता देवी की मौत के बाद पालिसी कराई गई थी और बाद में गलत सूचना के आधार पर प्रमाणपत्र बनवाकर बीमा की धनराशि हड़पी गई है।
कंपनी की जाच में खुली पोल कंपनी ने मामले की जाच की तो बबीता की मौत मार्च 2014 में होना पाया गया। जबकि पालिसी के लिए प्रोपजल फार्म पर 24 सितंबर 2014 को भरा गया था। वहीं जनसेवा केंद्र से प्राप्त मृत्यु प्रमाणपत्र में तिथि 20 दिसंबर 2014 अंकित कराई गई। इसे ग्राम विकास अधिकारी योगेंद्र सिंह एवं एडीओ पंचायत की आख्या के आधार पर निरस्त कर दिया गया। पुलिस महानिदेश के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने मुनीश कुमार, गवाह राजेंद्र सिंह, किशन लाल, सुमित कुमार, अभिकर्ता धर्मवीर सिंह और सैल्स मैनेजर हरिओम सैनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है।
कई मुर्दों का हुआ है बीमा
यह मामला प्रकाश में आने के बाद पुराने मामले भी खुलकर सामने आने लगे हैं। सैल्स मैनेजर पर पूर्व में भी मृत लोगों के बीमा करवाकर धनराशि हड़पने के आरोप हैं, जिसमें वह गिरफ्तार हो चुके हैं। कोतवाली में नामजद सैल्स मैनेजर हरिओम सैनी का धोखाधड़ी का पहला मामला नहीं है। पूर्व में भी वह मुरादाबाद में मृत लोगों के धोखाधड़ी से बीमा करवाकर बीमित राशि हड़प चुके हैं। कंपनी के अधिकारी विनीत कुमार यादव के अनुसार हरिओम सैनी का संगठित गिरोह है, जोकि पूरे दस्तावेज तैयार कर बीमा कंपनियों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। वह पूर्व में भी धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है।
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