fbpx
Now Reading:
यहां 15 किन्नर ने की शादी, आँखों से छलके ख़ुशी के आंसू

यहां 15 किन्नर ने की शादी, आँखों से छलके ख़ुशी के आंसू

देश में आज भी किन्नर समुदाय को समाज की बेरुखी का सामना करना पड़ता है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो न सिर्फ इनका सहारा बने हैं बल्कि उनके उज्जवल भविष्य के लिए लगातार प्रयासरत हैं. कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में. जहां 15 किन्नर शादी के बंधन में बंध गए हैं.

रायपुर के पचपेड़ी नाका क्षेत्र में स्थित पुजारी पार्क का विवाह भवन इस अनोखी शादी का गवाह बना है. यहां आयोजित हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में से छत्तीसगढ़ के सात, गुजरात, मध्यप्रदेश और बिहार के दो-दो और महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के एक-एक ट्रांसजेंडर शामिल हुए.

किन्नरों की शादी में उमंग लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली विद्या राजपूत का कहना है कि यह शादी समाज की मानसिकता को बदलने और एक संदेश देने के लिए है कि किन्नरों को भी प्यार और शादी करने का अधिकार है. गौरतलब है कि विद्या स्वयं किन्नर है और एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर काम करती हैं. राजपूत बताती है कि किन्नरों को परिवार का उपेक्षित हिस्सा माना जाता था और कोई भी उनकी जोड़ी के बारे में नहीं सोचता था.इसलिए उन्होंने लोगों को संदेश देने के लिए ट्रांसजेंडर के लिए सामूहिक विवाह आयोजित करने का फैसला किया. जिससे लोगों को महसूस हो कि अन्य नागरिकों की तरह हमें भी प्यार करने और शादी करने का अधिकार है.

Related Post:  बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन कॉमेडियन महमूद की आज पुण्यतिथि है, जानिये आखिर क्यों अपने दोस्त अमिताभ बच्‍चन से खफा हो गये थे

इस सामूहिक शादी में शामिल हुई सलोनी अंसारी ने बताया कि लगभग आठ साल पहले वह गुलाम नबी से मिली थी. मुलाकात दोस्ती में बदली और यह दोस्ती कब प्रेम में बदल गया पता ही नहीं चला.जबकि गुलाम बताते हैं कि पहले उन्होंने सोचा कि इस संबंध को छुपाकर रखा जाए. लेकिन जब उन्होंने हिम्मत कर इसकी जानकारी अपने परिवार वालों को दी तब वह इसके खिलाफ हो गए.

वहीं जब 2014 में, सुप्रीम कोर्ट ने किन्नरों को तृतीय लिंग के रूप में मान्यता दी और उनके लिए संवैधानिक अधिकार और स्वतंत्रता सुनिश्चित की तब उन्होंने एक दूसरे के साथ रहने का फैसला किया और अपना घर छोड़ दिया.सलोनी के मुताबिक त्योहारों और अन्य अवसरों के दौरान वह अपने परिजनों से मिलते रहे और बाद में उन्हें मना लिया. गुलाम नबी नागपुर में एक ठेकेदार के रूप में काम करते हैं. जब उन्होंने रायपुर में इस कार्यक्रम के बारे में सुना तब तुरंत आयोजकों से संपर्क किया.

Related Post:  बांद्रा में क्रिएटिव डायरेक्टर को अगवा करने की कोशिश, लड़की ने खुद दौड़कर आरोपी को पकड़ा

दूसरी तरफ रायपुर में रहने वाली इशिका का कहना है कि जब पंकज नागवानी इशिका से के बारे में अपने परिवार वालों को बताया तो उन्होंने तुरंत इशिका को अपना लिया. पंकज की मां राधा ने बताया कि ‘मैंने इशिका को पहले ही अपनी बहू के रूप में स्वीकार कर लिया है. मैं उन लोगों की परवाह नहीं करती हूं जो मेरे बेटे को उसके रिश्ते को लेकर ताना मारते हैं.’

Input your search keywords and press Enter.