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54 हजार कर्मचारियों को निकालने की तैयारी, सरकार ने कहा BSNL को पटरी पर लाने के लिए उठाया कदम

54 हजार कर्मचारियों को निकालने की तैयारी, सरकार ने कहा BSNL को पटरी पर लाने के लिए उठाया कदम

कंगाली की कगार पर पहुंचे बीएसएनल और एमटीएनएल को पटरी पर लाने के लिए बीएसएनएल में वीआरएस और रिटायरमेंट की उम्र घटाने से करीब 54 हजार कर्मचारियों की छंटनी हो जाएगी. एमटीएनएल और बीएसएनएल कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) की पेशकश करने को लेकर मंत्रिमंडल नोट जारी करने के लिये दूरसंचार मंत्रालय चुनाव आयोग से मंजूरी मांगेगा. हालांकि, इस बारे में अंतिम निर्णय चुनाव के बाद ही हो सकता है.

दूरसंचार विभाग मंत्रिमंडल के विचार के लिए नोट तैयार कर रहा है जिसमें बीएसएनएल और एमटीएनएल के 50 साल से ऊपर के कर्मचारियों के लिये वीआरएस की पेशकश की सिफारिश होगी. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों को बताया, ‘विभाग बीएसएनएल और एमटीएनएल कर्मचारियों के लिये वीआरएस लाने को लेकर मंत्रिमंडल नोट तैयार कर रहा है.

भारत संचार निगम लि. (BSNL) के कर्मचारियों की संख्या 1.76 लाख है, जबकि एमटीएनएल में 22,000 कर्मचारी हैं. ऐसा अनुमान है कि अगले पांच से छह साल में एमटीएनएल के 16,000 कर्मचारी तथा बीएसएनएल के 50 फीसदी कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे. बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिये वीआरएस से क्रमश: 6,365 करोड़ रुपये तथा 2,120 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है. विभाग वीआरएस के वित्त पोषण के लिये 10 साल का बॉन्ड जारी करेगा. एमटीएनएल के मामले में वेतन अनुपात 90 फीसदी पहुंच गया है जबकि बीएसएनएल के मामले में यह करीब 60 से 70 फीसदी है.

वीआरएस लागू करने और रिटायरमेंट एज घटाने से बीएसएनएल में 54,451 कर्मचारियों की छंटनी हो जाएगी.

इससे अगले छह साल में बीएसएनएल को 13,895 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है. वीआरएस से कंपनी को हर साल 1,921 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है. हालांकि, वीआरएस पैकेज लागू करने के लिए एकमुश्त करीब 13,000 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे. बीएसएनल पिछले कई साल से घाटे में चल रही है और रिलायंस जियो के बाजार में आने से इसका घाटा और बढ़ा है. पिछले महीने पहली बार ऐसा हुआ कि कंपनी अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पाई.

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