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राज्यसभा के मार्शलों की वर्दी पर सेना ने जताई नाराजगी, पूर्व आर्मी चीफ बोले- यह गैरकानूनी है
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राज्यसभा के मार्शलों की वर्दी पर सेना ने जताई नाराजगी, पूर्व आर्मी चीफ बोले- यह गैरकानूनी है

Uniform of Rajya Sabha marshals

राज्यसभा के मार्शलों की वर्दी बदलने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. पूर्व सैन्य अधिकारियों ने  नाराजगी जताते हुए इसे गैरकानूनी करार दिया है. दरअसल सोमवार को राज्य सभा के मार्शलों के सिर पर पगड़ी की बजाय गहरे हरे रंग (ऑलिव ग्रीन) की ‘पी-कैप’ थी. साथ ही उन्होंने गहरे हरे रंग (ऑलिव ग्रीन) की आधुनिक सुरक्षाकर्मियों वाली वर्दी धारण कर रखी थी.

पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीपी मलिक सहित सेना के कई पूर्व अधिकारियों ने इस पर नाराजगी जाहिर की है. वीपी मलिक ने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘गैर सैन्य कर्मियों द्वारा सैन्य वर्दी की नकल करना और पहनना गैरकानूनी है और सुरक्षा के लिए  खतरा है. उम्मीद है कि उप राष्ट्रपति, राज्यसभा और राजनाथ सिंह जी उस पर उचित कार्रवाई करेंगे.’ केंद्रीय मंत्री वीके सिंह और भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख ने भी कहा कि जो भी किया गया वह गैरकानूनी है.

राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि इस बारे में किए गए उच्चस्तरीय फैसले के बाद मार्शल के लिये जारी ड्रेस कोड के तहत सदन में तैनात मार्शलों को कलगी वाली सफेद पगड़ी और पारंपरिक औपनिवेशिक परिधान की जगह अब गहरे हरे रंग की वर्दी और कैप पहननी होगी. राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार पिछले कई दशकों से चल रहे इस ड्रेस कोड में बदलाव की मांग मार्शलों ने ही की थी.

आपको बता दें कि  सभापति सहित अन्य पीठासीन अधिकारियों की सहायता के लिये लगभग आधा दर्जन मार्शल तैनात होते हैं. एक अधिकारी ने बताया कि मार्शलों ने उनके ड्रेस कोड में बदलाव कर ऐसा परिधान शामिल करने की मांग की थी जो पहनने में सुगम और आधुनिक ‘लुक’ वाली हो. इनकी मांग पर को स्वीकार कर राज्य सचिवालय और सुरक्षा अधिकारियों ने नयी ड्रेस को डिजायन करने के लिये कई दौर बैठकें कर नये परिधान को अंतिम रूप दिया. सूत्रों के अनुसार मार्शलों ने इस बदलाव पर खुशी जाहिर की है.

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